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Basti News: छह साल से इंतजार, वन विहार का नहीं हो रहा विस्तार
Sun, 10 Mar 2024 01:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 10 Mar 2024 01:40 AM IST
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अधिकारी कई बार अवशेष धनराशि कर चुके हैं मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शहर के संत रविदास वन विहार के विस्तारीकरण के लिए बजट न मिल पाने के कारण छह साल से परियोजना ठप पड़ी है। अधिकारियों ने कई बार अवशेष धनराशि की मांग की, लेकिन अब तक न मिल पाने के कारण वन विहार के निखार व विस्तार पर काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
करीब छह साल पहले 2018 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संत रविदास वन विहार के विस्तारीकरण के लिए 24.25 लाख रुपये देने की घोषणा की थी। इसकी पहली किस्त के रूप में 5.64 लाख रुपये तत्काल उपलब्ध भी हो गए। उस धन से कबीर कुटीर, कैंटीन, झूले व अन्य प्रारंभिक कार्य शुरू कराए गए। उसके बाद शेष धनराशि 18.61 लाख रुपये की दूसरी व अंतिम किस्त अब तक नहीं मिल सकी।
इस बीच वन विभाग के अधिकारियों ने अवशेष धन के लिए कई बार अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक योजना एवं कृषि वानिकी से पत्राचार किया, लेकिन फूटी कौड़ी नहीं मिली। इससे न तो हिरणवाड़ा, बोटिंग क्लब, मछली घर और वाच टॉवर आदि का निर्माण हो पा रहा है और न ही सुंदरीकरण का कोई कार्य आगे बढ़ पा रहा है। सदर विधायक महेंद्र नाथ यादव ने पिछले विधानसभा सत्र में यह मुद्दा भी उठाया था। बावजूद इसके यहां पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है।
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डीएफओ जेपी सिंह ने बताया कि संत रविदास वन विहार के विस्तारीकरण के लिए प्रयास किया जा रहा है। अवशेष धन की मांग की गई है। जैसे ही धन उपलब्ध हो जाएगा, कार्य शुरू करा दिए जाएंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शहर के संत रविदास वन विहार के विस्तारीकरण के लिए बजट न मिल पाने के कारण छह साल से परियोजना ठप पड़ी है। अधिकारियों ने कई बार अवशेष धनराशि की मांग की, लेकिन अब तक न मिल पाने के कारण वन विहार के निखार व विस्तार पर काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
करीब छह साल पहले 2018 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संत रविदास वन विहार के विस्तारीकरण के लिए 24.25 लाख रुपये देने की घोषणा की थी। इसकी पहली किस्त के रूप में 5.64 लाख रुपये तत्काल उपलब्ध भी हो गए। उस धन से कबीर कुटीर, कैंटीन, झूले व अन्य प्रारंभिक कार्य शुरू कराए गए। उसके बाद शेष धनराशि 18.61 लाख रुपये की दूसरी व अंतिम किस्त अब तक नहीं मिल सकी।
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इस बीच वन विभाग के अधिकारियों ने अवशेष धन के लिए कई बार अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक योजना एवं कृषि वानिकी से पत्राचार किया, लेकिन फूटी कौड़ी नहीं मिली। इससे न तो हिरणवाड़ा, बोटिंग क्लब, मछली घर और वाच टॉवर आदि का निर्माण हो पा रहा है और न ही सुंदरीकरण का कोई कार्य आगे बढ़ पा रहा है। सदर विधायक महेंद्र नाथ यादव ने पिछले विधानसभा सत्र में यह मुद्दा भी उठाया था। बावजूद इसके यहां पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है।
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डीएफओ जेपी सिंह ने बताया कि संत रविदास वन विहार के विस्तारीकरण के लिए प्रयास किया जा रहा है। अवशेष धन की मांग की गई है। जैसे ही धन उपलब्ध हो जाएगा, कार्य शुरू करा दिए जाएंगे।