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Basti News: बच्चों पर वायरल का हमला, निमोनिया का भी खतरा बढ़ा

Tue, 20 Oct 2026 03:27 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 20 Oct 2026 03:27 AM IST
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Viral infections strike children; risk of pneumonia also rises
बस्ती। सुबह-शाम हल्की ठंड और दोपहर में तेज धूप के कारण मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ने लगा है। बच्चे और बुजुर्ग वायरल बुखार, खांसी व जुकाम की चपेट में आ रहे हैं। वहीं, पांच साल तक के बच्चों में निमोनिया के लक्षण भी सामने आ रहे हैं। अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच डॉक्टरों ने बदलते मौसम में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
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जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. एसडी ओझा ने बताया कि वायरल के लक्षण लेकर आने वाले मरीजों की संख्या पहले की तुलना में बढ़ी है। पहले ओपीडी में रोजाना 20 से 30 मरीज पहुंचते थे, अब यह संख्या करीब 50 हो गई है। मरीज बुखार, सिरदर्द, चक्कर, उल्टी और कमजोरी की शिकायत कर रहे हैं। डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड की आशंका में जांच भी कराई जा रही है।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीएस पटेल ने बताया कि मौसम में बदलाव का असर बच्चों पर अधिक पड़ रहा है। पहले करीब 40 प्रतिशत बच्चों में वायरल बुखार की शिकायत थी, जो अब बढ़कर 50 प्रतिशत तक पहुंच गई है। कुछ बच्चों में आठ से 10 दिन तक बुखार रहने और बदन दर्द की समस्या भी सामने आ रही है। नवमी के अवकाश के चलते सोमवार को जिला अस्पताल में सुबह आठ से दोपहर 12 बजे तक ओपीडी चली। एसआईसी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि इस दौरान 502 मरीजों को परामर्श दिया गया। मेडिसिन और बाल रोग विभाग में सबसे अधिक मरीज पहुंचे। महिला अस्पताल में भी 136 मरीजों को परामर्श दिया गया।
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निमोनिया के लक्षण वाले 10 से 12 बच्चे रोज पहुंच रहे
जिला और महिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 200 से 250 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें 10 से 12 बच्चे निमोनिया के लक्षण लेकर आ रहे हैं। जिला महिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रामललित चौधरी ने बताया कि नवजात शिशुओं और पांच साल तक के बच्चों की देखभाल में विशेष सावधानी जरूरी है। दिन में तेज धूप के कारण अभिभावक बच्चों को सामान्य कपड़ों में रखते हैं, जबकि सुबह और रात में ठंड बढ़ जाती है। तापमान में इस उतार-चढ़ाव से बच्चे बीमार पड़ सकते हैं। उन्होंने बच्चों को पंखे, कूलर और एसी की सीधी हवा से बचाने तथा धूप से अचानक ठंडे वातावरण में ले जाने से परहेज करने की सलाह दी। बुखार, खांसी या सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
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