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Basti News: माैसम का मिजाज बदलते ही बढ़ने लगा वायरल संक्रमण
Wed, 21 Jan 2026 12:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Wed, 21 Jan 2026 12:20 AM IST
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जिला अस्पताल की ओपीडी चिकित्सीय परामर्श के लिए पहुंचे मरीज संवाद
बस्ती। पिछले कई दिनों से मौसम में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। रात में कोहरा के साथ ठंड और दिन में धूप निकलने से वैसे तो राहत है लेकिन मौसम के इस बदलाव से बच्चे और बुजुर्ग वायरल संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं।
चिकित्सकों के अनुसार, इस मौसम में सर्दी और खांसी की शिकायत आम हो गई है लेकिन चिकित्सक इसे हल्के में नहीं लेने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि इसके पीछे निमोनिया जैसा गंभीर खतरा भी छिपा हो सकता है। जिले में बच्चे और बुजुर्ग तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं।
जिला अस्पताल में सर्दी-खांसी की शिकायत लेकर आने वाले 10 से 15 मरीजों में निमोनिया की पुष्टि हो रही है। कई मरीजों में मुंह के स्वाद में बदलाव की समस्या भी सामने आ रही है। ठंड का असर बच्चों और बुजुर्गों पर देखने को मिल रहा है।
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जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि बच्चों और बुजुर्गो की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, जिसके कारण संक्रमण तेजी से शरीर में फैलता है। उन्होंने बताया कि निमोनिया फेफड़ों का एक गंभीर संक्रमण है, जो बैक्टीरिया या वायरस के कारण होता है। यदि समय रहते इसका इलाज न कराया जाए तो मरीज की हालत गंभीर हो सकती है।
बच्चों में निमोनिया के लक्षणों में दूध नहीं पानी या भोजन नहीं करना, सुस्ती, तेज सांस चलना और बुखार शामिल हैं। वहीं बुजुर्गों में अत्यधिक कमजोरी, सांस फूलना और लगातार खांसी को गंभीर संकेत माना जाता है। सर्दी-खांसी के साथ बुखार या सांस लेने में परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सकीय जांच कराएं और स्वयं दवा लेने से बचें।
समय पर इलाज और सावधानी बरतने से ही निमोनिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाव संभव है। वहीं कई बुजुर्गों और बच्चों में दस्त की भी शिकायत है। मंगलवार को ओपीडी में 648 मरीजों को परामर्श दिया गया।
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चिकित्सकों के अनुसार, इस मौसम में सर्दी और खांसी की शिकायत आम हो गई है लेकिन चिकित्सक इसे हल्के में नहीं लेने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि इसके पीछे निमोनिया जैसा गंभीर खतरा भी छिपा हो सकता है। जिले में बच्चे और बुजुर्ग तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं।
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जिला अस्पताल में सर्दी-खांसी की शिकायत लेकर आने वाले 10 से 15 मरीजों में निमोनिया की पुष्टि हो रही है। कई मरीजों में मुंह के स्वाद में बदलाव की समस्या भी सामने आ रही है। ठंड का असर बच्चों और बुजुर्गों पर देखने को मिल रहा है।
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जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि बच्चों और बुजुर्गो की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, जिसके कारण संक्रमण तेजी से शरीर में फैलता है। उन्होंने बताया कि निमोनिया फेफड़ों का एक गंभीर संक्रमण है, जो बैक्टीरिया या वायरस के कारण होता है। यदि समय रहते इसका इलाज न कराया जाए तो मरीज की हालत गंभीर हो सकती है।
बच्चों में निमोनिया के लक्षणों में दूध नहीं पानी या भोजन नहीं करना, सुस्ती, तेज सांस चलना और बुखार शामिल हैं। वहीं बुजुर्गों में अत्यधिक कमजोरी, सांस फूलना और लगातार खांसी को गंभीर संकेत माना जाता है। सर्दी-खांसी के साथ बुखार या सांस लेने में परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सकीय जांच कराएं और स्वयं दवा लेने से बचें।
समय पर इलाज और सावधानी बरतने से ही निमोनिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाव संभव है। वहीं कई बुजुर्गों और बच्चों में दस्त की भी शिकायत है। मंगलवार को ओपीडी में 648 मरीजों को परामर्श दिया गया।