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ग्रामीण बोले, मुआवजा नहीं मिला तो वोट नहीं
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Sun, 12 Feb 2017 10:52 PM IST
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महरीपुर मे किसानो को मुआयजा न मिलने पर करेगें मतदान का बहिष्कार।
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मुआवजे के लिए रविवार को क्षेत्र के महरीपुर के किसानों ने प्रदर्शन किया। समस्या समाधान नहीं होने पर विधानसभा चुनाव में मतदान नहीं करने का निर्णय लिया है।
ग्राम पंचायत महरीपुर के किसानों का आरोप है कि दुद्धी- लुंबनी फोरलेन सड़क निर्माण में एनएचआई ने जमीनों का अधिग्रहण किया। साथ ही खेतों के किनारे लगे हरे पेड़ को भी काट लिया गया। लेकिन अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया है। सड़क का निर्माण फुटहिया से लेकर कलवारी तक होना है। इससे पहले भी गांव वालों ने जिलाधिकारी से मिलकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया था। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया था। जिसके लिए एनएचआई अधिकारियों को पत्र लिखकर किसानों के साथ मीटिंग भी बुलाई। इस बैठक में ग्रामीण पहुंचे परंतु अधिकारी नहीं आए थे। सुनवाई नहीं होने से नाराज गांव वालों ने बैठक कर मतदान बहिष्कार का निर्णय लिया।
\इसी क्रम में रविवार को प्रदर्शन कर नाराजगी जताई है। किसान महरीपुर बूथ के सामने बोर्ड लगाकर मतदान बहिष्कार का नारा लगाने लगे। इस बात को सुनकर मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष नगर रमेश कुमार ने सबको समझाया परंतु इनका भी प्रयास सफल नहीं रहा। ग्रामीणों का कहना है कि हमारा मुआवजा नहीं मिलेगा तो हम 27 फरवरी को होने वाले मतदान का बहिष्कार करेंगे। महरीपुर ग्राम प्रधान रामचैत्र का आरोप था कि एनएच के अधिकारियों से कई बार जमीन व पेड़ के मुआवजे को लेकर बातचीत की गई। डीएम ने मीटिंग करने के निर्देश दिए थे। राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों ने कोई काम ही इस दिशा में नहीं किया। कमलेंद्र विक्रम सिंह ने मनमानी का आरोप लगाया। समरेंद्र सिंह ने कहा कि बगल के खेत से सटे पेड़ों को भी एनएचआई के लोग काट लिए किसी को मुआवजा नहीं दिया। हम लोग अब आंदोलन करेंगे।
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ग्राम पंचायत महरीपुर के किसानों का आरोप है कि दुद्धी- लुंबनी फोरलेन सड़क निर्माण में एनएचआई ने जमीनों का अधिग्रहण किया। साथ ही खेतों के किनारे लगे हरे पेड़ को भी काट लिया गया। लेकिन अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया है। सड़क का निर्माण फुटहिया से लेकर कलवारी तक होना है। इससे पहले भी गांव वालों ने जिलाधिकारी से मिलकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया था। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया था। जिसके लिए एनएचआई अधिकारियों को पत्र लिखकर किसानों के साथ मीटिंग भी बुलाई। इस बैठक में ग्रामीण पहुंचे परंतु अधिकारी नहीं आए थे। सुनवाई नहीं होने से नाराज गांव वालों ने बैठक कर मतदान बहिष्कार का निर्णय लिया।
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\इसी क्रम में रविवार को प्रदर्शन कर नाराजगी जताई है। किसान महरीपुर बूथ के सामने बोर्ड लगाकर मतदान बहिष्कार का नारा लगाने लगे। इस बात को सुनकर मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष नगर रमेश कुमार ने सबको समझाया परंतु इनका भी प्रयास सफल नहीं रहा। ग्रामीणों का कहना है कि हमारा मुआवजा नहीं मिलेगा तो हम 27 फरवरी को होने वाले मतदान का बहिष्कार करेंगे। महरीपुर ग्राम प्रधान रामचैत्र का आरोप था कि एनएच के अधिकारियों से कई बार जमीन व पेड़ के मुआवजे को लेकर बातचीत की गई। डीएम ने मीटिंग करने के निर्देश दिए थे। राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों ने कोई काम ही इस दिशा में नहीं किया। कमलेंद्र विक्रम सिंह ने मनमानी का आरोप लगाया। समरेंद्र सिंह ने कहा कि बगल के खेत से सटे पेड़ों को भी एनएचआई के लोग काट लिए किसी को मुआवजा नहीं दिया। हम लोग अब आंदोलन करेंगे।
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