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Basti News: अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीण परेशान, विद्युत निगम पर जताई नाराजगी
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बनकटी। देईसाड़ उपकेंद्र से जुड़े नगर पंचायत बनकटी सहित आसपास के महादेवा, देईसाड़, बानपुर, लालगंज समेत कई क्षेत्रों के उपभोक्ता इन दिनों अघोषित बिजली कटौती से परेशान हैं। उपभोक्ताओं को दिन-रात जोड़कर मुश्किल से आठ से दस घंटे ही बिजली मिल रही है। उमस भरी गर्मी में घंटों कटौती से लोग परेशान हैं, और बिजली निगम के प्रति आक्रोश जता रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि तीन-चार दिनों से विद्युत आपूर्ति का समय निश्चित नहीं रह गया है। न तो निगम बिजली आने-जाने का शेड्यूल बता रहा है और न ही कटौती के संबंध में कोई पूर्व सूचना दी जाती है। अचानक बिजली चली जाती है और घंटों तक नहीं आती। महादेवा निवासी डॉ. आरपी शुक्ला, विशाल पाल, राजीव तिवारी और दिनेश कुमार ने बताया कि बार-बार की कटौती ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।
दिन-रात की आपूर्ति से बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। वहीं घरेलू उपकरण भी काम नहीं कर पा रहे हैं। इसी तरह राजेंद्र शुक्ल, जगदंबा शुक्ला, अनिल चौधरी और बाबूराम चौधरी ने कहा कि बिजली निगम का रवैया बेहद लापरवाह है। उन्होंने बताया कि दिन में मुश्किल से चार से पांच घंटे ही आपूर्ति मिल रही है। बार-बार कटौती के कारण फ्रिज, पंखा, इन्वर्टर जैसे उपकरण बेकार साबित हो रहे हैं। गर्मी और उमस से रातें काटना मुश्किल हो गया है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि अघोषित कटौती के कारण ग्रामीण क्षेत्र के छोटे दुकानदार और कारोबारी भी प्रभावित हो रहे हैं। दुकानों पर ग्राहकों की संख्या घट रही है, क्योंकि बिजली न होने से पंखे और लाइट बंद रहती है। वहीं, शीतल पेय और आइसक्रीम जैसे सामान भी खराब हो रहे हैं।
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ग्रामीणों ने बताया कि तीन-चार दिनों से विद्युत आपूर्ति का समय निश्चित नहीं रह गया है। न तो निगम बिजली आने-जाने का शेड्यूल बता रहा है और न ही कटौती के संबंध में कोई पूर्व सूचना दी जाती है। अचानक बिजली चली जाती है और घंटों तक नहीं आती। महादेवा निवासी डॉ. आरपी शुक्ला, विशाल पाल, राजीव तिवारी और दिनेश कुमार ने बताया कि बार-बार की कटौती ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।
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दिन-रात की आपूर्ति से बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। वहीं घरेलू उपकरण भी काम नहीं कर पा रहे हैं। इसी तरह राजेंद्र शुक्ल, जगदंबा शुक्ला, अनिल चौधरी और बाबूराम चौधरी ने कहा कि बिजली निगम का रवैया बेहद लापरवाह है। उन्होंने बताया कि दिन में मुश्किल से चार से पांच घंटे ही आपूर्ति मिल रही है। बार-बार कटौती के कारण फ्रिज, पंखा, इन्वर्टर जैसे उपकरण बेकार साबित हो रहे हैं। गर्मी और उमस से रातें काटना मुश्किल हो गया है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि अघोषित कटौती के कारण ग्रामीण क्षेत्र के छोटे दुकानदार और कारोबारी भी प्रभावित हो रहे हैं। दुकानों पर ग्राहकों की संख्या घट रही है, क्योंकि बिजली न होने से पंखे और लाइट बंद रहती है। वहीं, शीतल पेय और आइसक्रीम जैसे सामान भी खराब हो रहे हैं।