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तटबंध पर बाढ़ खंड साथ बचाव कार्य में जुटे ग्रामीण

Wed, 22 Sep 2021 10:02 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 22 Sep 2021 10:02 PM IST
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villager was save work of Tatbandh
तटबंध पर बाढ़ खंड के साथ बचाव कार्य में जुटे ग्रामीण
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पुलिया की दीवार टूटने से गांवों में पहुंचा मनोरमा का पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिकंदरपुर। बुधवार को मनोरमा नदी के तटबंध पर बाढ़ खंड के कर्मियों के साथ स्थानीय ग्रामीण भी बचाव कार्य में जुटे रहे। ईंट के टुकड़े तथा मिट्टी से भरी बोरियां पुलिया के टूटे स्थान पर डालते रहे, हालांकि पुलिया के रास्ते बह रहा नदी का पानी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं हुआ है।
बाढ़ खंड के जेई प्रदीप कुमार तथा राघवेंद्र कुमार नायक ने बताया कि पूरी रात मजदूरों के साथ कड़ी मशक्कत कर काफी हद तक पानी बहने से रोक लिया गया है। अभी भी प्रयास जारी है। मंगलवार रात तटबंध पर बनी पुलिया की दीवार टूटने से तेज गति से पानी आबादी तथा कृषि योग्य भूमि की तरफ बढ़ रहा था, जो अब धीमी गति से बह रहा है। बाढ़ खंड की तरफ से 26 मजदूरों को बाढ़ बचाव कार्य में लगाया गया है। ग्रामीणों की माने तो 15 वर्षों में मनोरमा नदी में इस तरह की भयावह बाढ़ नहीं आई थी। जेई प्रदीप कुमार के अनुसार गोंडा जिले की मुख्य नहर टूटने के कारण तथा पिछले दिनों लगातार तीन दिन मूसलाधार बारिश के चलते मनोरमा का जलस्तर काफी बढ़ गया है।
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पहले हुआ होता मरम्मत तो नहीं होती दुश्वारी
ग्रामीणों की मानें तो मनोरमा पर कुसमौर घाट तथा अइलहवा के बीच तटबंध पर स्थित जर्जर पुलिया की दीवार की यदि मरम्मत कराई गई होती तो आसपास के ग्रामीणों को दुश्वारियों का सामना नहीं करना पड़ता। ग्रामीण सत्यदेव यादव, मंगला प्रसाद, राम जनक और धनई कहते हैं कि यदि प्रशासन ने टूटी पुलिया की बाढ़ आने से पहले मरम्मत करा दिया होता तो तटबंध के किनारे बसे कुसमौर डीह, अइलहवा, जटवलिया, गोरया, गोविंदापुर और हड़ही समेत दर्जनों गांवों के किसानों की फसलें बर्बाद होने के कगार पर नहीं पहुंचती।
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ग्रामीण तटबंध पर लिए हैं शरण
कुसमौर डीहजोगी पुरवा गांव के तमाम ग्रामीणों के घर तक पानी पहुंचने के कारण यह लोग तटबंध पर पन्नी डालकर रात गुजार रहे हैं। जोगीपुरवा निवासी नसीम अली, अमीदा नईम तथा नूरजहां ने बताया कि पिछले दो दिनों से बाढ़ का पानी काफी दबाव बनाए हुए है। गांव तटबंध के अंदर बसे होने के कारण चारों तरफ से नदी के पानी से घिर गया है। आवश्यक सामान भी घर में ही है।

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खेतों में भरा पानी, फसल खराब होने का डर
बारिश के पानी से मनोरमा नदी में उफान के चलते नदी से सटे गांवों व मंदिरों में पानी भर गया है। किसानों के खेतों में भी पानी भर गया है। परशुरामपुर के नागपुर, कुसमौर सहित आधा दर्जन गांव में पानी कहर बरपा रहा है। वहीं, नदी का पानी मखौड़ा धाम में मंदिर परिसर तक पहुंच गया है। मनोरमा नदी का पानी यज्ञशाला के चारों ओर भर गया है। जिसके चलते पूजन अर्चन में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, बगल में बना शौचालय व राम कथा स्थल पूर्णतया जलमग्न हो गया है। मंदिर के पुजारी सूर्य नरायन दास वैदिक ने बताया कि मनवर नदी के उफान से पूजा पाठ में बड़ी समस्या हो रही है। वहीं, दूसरी ओर भी पानी मंदिर तक पहुंच गया है।
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