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Basti News: विजिलेंस ने सात दिन में मांगे थे अभिलेख, माह भर बाद भी नहीं हुए उपलब्ध
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बस्ती। स्वास्थ्य विभाग में स्टेशनरी खरीद और भर्ती समेत विभिन्न मामलों की जांच कर रही विजिलेंस ने सीएमओ कार्यालय से संबंधित अभिलेख तलब किए हैं। इन्हें सात दिन के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन पत्र भेजे जाने के करीब एक माह बाद भी अभिलेख विजिलेंस को उपलब्ध नहीं कराए जा सके हैं। विभाग का कहना है कि मांगे गए दस्तावेज जुटा लिए गए हैं और जल्द उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
पूर्व सीएमओ डॉ. रमाशंकर दूबे के कार्यकाल में हुई बताई जा रही अनियमितताओं की जांच शासन के निर्देश पर विजिलेंस कर रही है। विजिलेंस के पुलिस अधीक्षक की ओर से सीएमओ डॉ. राजीव निगम को भेजे गए पत्र में विभिन्न मामलों से संबंधित अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां मांगी गई हैं।
पत्र के अनुसार, जिले में किराए के भवनों में संचालित 81 उपकेंद्रों के लिए आवंटित करीब 1.60 करोड़ रुपये के बजट से संबंधित अभिलेख मांगे गए हैं। इसमें सामान की खरीद, निविदा और जेम पोर्टल से संबंधित दस्तावेज शामिल हैं। इन केंद्रों के संचालन से संबंधित नियमावली और शासनादेश की प्रमाणित प्रति भी मांगी गई है।
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इसके अलावा जुलाई 2024 में स्टेशनरी खरीद के लिए मिले बजट, उससे संबंधित अभिलेख, स्टेशनरी खरीद की नियमावली और शासनादेश के साथ करीब 50 लाख रुपये की खरीद से संबंधित निविदा व जेम पोर्टल के दस्तावेज भी मांगे गए हैं।
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आयुष अस्पतालों की दवा खरीद का भी मांगा ब्योरा
विजिलेंस ने वर्ष 2025 में जिले में संचालित 22 होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक और यूनानी अस्पतालों में दवाओं के लिए आवंटित बजट और खरीद से जुड़े अभिलेख भी तलब किए हैं। इन अस्पतालों के ओपीडी रजिस्टर से संबंधित दस्तावेज भी मांगे गए हैं। इसके अलावा वर्ष 2025 से पहले इन अस्पतालों में दवा, स्टेशनरी और अन्य मदों में आवंटित बजट का वर्षवार ब्योरा, खर्च की गई धनराशि, संबंधित नियमावली, शासनादेश और खरीद से जुड़े प्रमाणित अभिलेख उपलब्ध कराने को कहा गया है।
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आशा संगिनी की भर्ती से जुड़े दस्तावेज भी तलब
जांच के क्रम में आशा संगिनी की भर्ती से संबंधित अभिलेख भी मांगे गए हैं। विजिलेंस द्वारा मांगे गए सभी दस्तावेज उपलब्ध होने के बाद जांच आगे बढ़ने की उम्मीद है।
कोट
विजिलेंस गोरखपुर की ओर से जो अभिलेख मांगे गए थे, उन्हें जुटा लिया गया है। जल्द ही सभी अभिलेख उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
-डॉ. राजीव निगम, सीएमओ
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पूर्व सीएमओ डॉ. रमाशंकर दूबे के कार्यकाल में हुई बताई जा रही अनियमितताओं की जांच शासन के निर्देश पर विजिलेंस कर रही है। विजिलेंस के पुलिस अधीक्षक की ओर से सीएमओ डॉ. राजीव निगम को भेजे गए पत्र में विभिन्न मामलों से संबंधित अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां मांगी गई हैं।
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पत्र के अनुसार, जिले में किराए के भवनों में संचालित 81 उपकेंद्रों के लिए आवंटित करीब 1.60 करोड़ रुपये के बजट से संबंधित अभिलेख मांगे गए हैं। इसमें सामान की खरीद, निविदा और जेम पोर्टल से संबंधित दस्तावेज शामिल हैं। इन केंद्रों के संचालन से संबंधित नियमावली और शासनादेश की प्रमाणित प्रति भी मांगी गई है।
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इसके अलावा जुलाई 2024 में स्टेशनरी खरीद के लिए मिले बजट, उससे संबंधित अभिलेख, स्टेशनरी खरीद की नियमावली और शासनादेश के साथ करीब 50 लाख रुपये की खरीद से संबंधित निविदा व जेम पोर्टल के दस्तावेज भी मांगे गए हैं।
आयुष अस्पतालों की दवा खरीद का भी मांगा ब्योरा
विजिलेंस ने वर्ष 2025 में जिले में संचालित 22 होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक और यूनानी अस्पतालों में दवाओं के लिए आवंटित बजट और खरीद से जुड़े अभिलेख भी तलब किए हैं। इन अस्पतालों के ओपीडी रजिस्टर से संबंधित दस्तावेज भी मांगे गए हैं। इसके अलावा वर्ष 2025 से पहले इन अस्पतालों में दवा, स्टेशनरी और अन्य मदों में आवंटित बजट का वर्षवार ब्योरा, खर्च की गई धनराशि, संबंधित नियमावली, शासनादेश और खरीद से जुड़े प्रमाणित अभिलेख उपलब्ध कराने को कहा गया है।
आशा संगिनी की भर्ती से जुड़े दस्तावेज भी तलब
जांच के क्रम में आशा संगिनी की भर्ती से संबंधित अभिलेख भी मांगे गए हैं। विजिलेंस द्वारा मांगे गए सभी दस्तावेज उपलब्ध होने के बाद जांच आगे बढ़ने की उम्मीद है।
कोट
विजिलेंस गोरखपुर की ओर से जो अभिलेख मांगे गए थे, उन्हें जुटा लिया गया है। जल्द ही सभी अभिलेख उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
-डॉ. राजीव निगम, सीएमओ