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Basti News: बंद पेट्रोल पंप देख मुड़ रहे वाहन बूंद-बूंद तेल को भटक रहे चालक
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गांधीनगर मार्ग पर पेट्रोल पंप खुलने पर प्रचंड धूप के बाद भी जुटे ग्राहक। संवाद
बस्ती। डीजल पेट्रोल की किल्लत बढ़ती जा रही है। अधिकांश पेट्रोल पंपों को बंद देखकर दो पहिया, वाहन घूम जा रहे हैं। चालक बूंद-बूंद डीजल-पेट्रोल के लिए वाहन लेकर गांव से लेकर शहर तक दौड़ रहे हैं। शहरी क्षेत्र के पंप पर डीजल उपलब्ध नहीं है सिर्फ पेट्रोल मिल रहा है। ऐसे में डीजल के लिए लोग हाईवे के पंपों पर पहुंच रहे हैं।
जानकारी के अनुसार आवक में लगातार कमी होने से आधे से अधिक पेट्रोल पंप सूख गए हैं। शहर और हाईवे के कुछ पंप ही वितरण व्यवस्था संभाले हुए हैं। जगह-जगह स्थित पेट्रोल पंपों के सामने बैरिकेडिंग कर दी गई है, जिससे दूर से ही देखकर ग्राहक वाहन मोड ले रहे हैं। शाम ढलने के बाद हाईवे के फुटहिया, हंडिया, पॉलिटेक्निक आदि जगहों पर पपों पर ट्रक, बस, ट्रेलर की लाइन लग रही है।
शहर के आधा दर्जन पेट्रोल पंप बुधवार को भी बंद रहे। ऑयल कंपनियां जिन पंपों पर एक बार आपूर्ति कर रही हैं वहां तीन-चार दिन के अंतराल पर ही टैंकर भेजा रहा है। इस अवधि में दूसरे पंप पर आपूर्ति हो रही है। इस तरह रूक-रूककर पेट्रोल पंपों पर वितरण कराया जा रहा है।
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दिन में शहर के कुछ पंप खुले थे तो वहां केवल पेट्रोल उपलब्ध था। डीजल वाहनों को शहर से बाहर हाईवे के पंपों पर दौड़ लगानी पड़ी। मालवीय मार्ग, स्टेशन रोड, जिगिना, गांधीनगर, महुली मार्ग पर एक दर्जन से अधिक पंप बंद पाए गए। हाईवे पर भी कुछ हीपंपों पर तेल मिल रहा है। पंप संचालकों का कहना है कि डिमांड के हिसाब डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति नहीं हो रही है। इस वजह से सप्ताह में दो बार ही तेल का वितरण हो पा रहा है। इससे कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीण क्षेत्र के न्याय पंचायत एवं ब्लॉक स्तर के संपर्क मार्गों पर स्थित अधिकांश पंप ड्राई हो चुके हैं। मंदी का दंश झेल रहे पंप मालिकों का कहना है कि डीजल-पेट्रोल की गाड़ी नहीं आने से पंप स्टॉफ का खर्चा नहीं निकल पा रहा है, ग्राहक अलग से टूट रहे हैं।
डिमांड और इनवाइस (बिल भुगतान) भेजने के बाद भी डीजल-पेट्रोल नियमित रूप से नहीं आ रहा है। एक टैंकर की आपूर्ति दो से तीन दिन के अंतराल पर हो रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले भर में संचालित 183 में से 17 पेट्रोल पंप महीने भर से ड्राई घोषित हो चुके हैं।
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जानकारी के अनुसार आवक में लगातार कमी होने से आधे से अधिक पेट्रोल पंप सूख गए हैं। शहर और हाईवे के कुछ पंप ही वितरण व्यवस्था संभाले हुए हैं। जगह-जगह स्थित पेट्रोल पंपों के सामने बैरिकेडिंग कर दी गई है, जिससे दूर से ही देखकर ग्राहक वाहन मोड ले रहे हैं। शाम ढलने के बाद हाईवे के फुटहिया, हंडिया, पॉलिटेक्निक आदि जगहों पर पपों पर ट्रक, बस, ट्रेलर की लाइन लग रही है।
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शहर के आधा दर्जन पेट्रोल पंप बुधवार को भी बंद रहे। ऑयल कंपनियां जिन पंपों पर एक बार आपूर्ति कर रही हैं वहां तीन-चार दिन के अंतराल पर ही टैंकर भेजा रहा है। इस अवधि में दूसरे पंप पर आपूर्ति हो रही है। इस तरह रूक-रूककर पेट्रोल पंपों पर वितरण कराया जा रहा है।
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दिन में शहर के कुछ पंप खुले थे तो वहां केवल पेट्रोल उपलब्ध था। डीजल वाहनों को शहर से बाहर हाईवे के पंपों पर दौड़ लगानी पड़ी। मालवीय मार्ग, स्टेशन रोड, जिगिना, गांधीनगर, महुली मार्ग पर एक दर्जन से अधिक पंप बंद पाए गए। हाईवे पर भी कुछ हीपंपों पर तेल मिल रहा है। पंप संचालकों का कहना है कि डिमांड के हिसाब डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति नहीं हो रही है। इस वजह से सप्ताह में दो बार ही तेल का वितरण हो पा रहा है। इससे कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीण क्षेत्र के न्याय पंचायत एवं ब्लॉक स्तर के संपर्क मार्गों पर स्थित अधिकांश पंप ड्राई हो चुके हैं। मंदी का दंश झेल रहे पंप मालिकों का कहना है कि डीजल-पेट्रोल की गाड़ी नहीं आने से पंप स्टॉफ का खर्चा नहीं निकल पा रहा है, ग्राहक अलग से टूट रहे हैं।
डिमांड और इनवाइस (बिल भुगतान) भेजने के बाद भी डीजल-पेट्रोल नियमित रूप से नहीं आ रहा है। एक टैंकर की आपूर्ति दो से तीन दिन के अंतराल पर हो रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले भर में संचालित 183 में से 17 पेट्रोल पंप महीने भर से ड्राई घोषित हो चुके हैं।