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नवरात्र में अघोषित विद्युत कटौती से बढ़ीं मुश्किलें
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नवरात्र में अघोषित विद्युत कटौती से बढ़ीं मुश्किलें
बस्ती। ट्रांसमिशन से आपातकालीन रोस्टिंग के चलते 33/11 केवी ग्रामीण विद्युत उपकेंद्रों से आपूर्ति ठप हो जा रही है। नवरात्र में बिजली कटौती से ग्रामीण उपभोक्ता खासे परेशान हैं। कटौती का समय निर्धारित न होने से उनकी मुश्किलें और बढ़ रही हैं। हालांकि आपातकालीन रोस्टिंग का निर्देश ट्रांसमिशन प्रबंधन को सारनाथ स्थित कंट्रोल से मिलता है।
अघोषित बिजली कटौती का सिलसिला जिले में सोमवार रात से शुरू हुआ है। विक्रमजोत प्रतिनिधि के अनुसार अघोषित बिजली कटौती से उपभोक्ताओं को रातभर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र के सुभाष चौबे, विजय पांडेय, संतोष शुक्ल आदि ने बताया कि नवरात्र में अघोषित बिजली कटौती मुश्किलें बढ़ रही हैं। सिकंदरपुर प्रतिनिधि के अनुसार बिजली न मिलने से करीब 150 गांवों के उपभोक्ताओं को अंधेरे में रात गुजारना पड़ रहा है। यही हाल जिले के अन्य ग्रामीणांचलों के उपकेंद्रों का है। सहायक अभियंता ट्रांसमिशन एसके सिंह ने बताया कि सारनाथ से मिले निर्देश के अनुपालन में आपालकालीन रोस्टिंग की जा रही है। स्थिति कब तक सामान्य होगी, इस बारे में कोई स्पष्ट निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। सोमवार तक संभावना है की कटौती से राहत मिल जाएगी।
कोयले की कमी से उत्पादन पर असर
सहायक अभियंता एसके सिंह बताते हैं कि कोयले की कमी के चलते आपालकालीन रोस्टिंग कराई जा रही है। कोयले की कमी के चलते थर्मल पावर प्लांटों से बिजली का उत्पादन कम हो रहा है। शाम छह से 11 बजे तक (पीक ऑवर) बिजली की खपत बढ़ जाती है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में कटौती की जा रही है।
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220 मेगावाट है औसत खपत
सहायक अभियंता ट्रांसमिशन सतीश कुमार सिंह ने बताया कि सामान्य दिनों में औसत खपत करीब 220 मेगावाट होती है। नवरात्र में पीक ऑवर में यह खपत करीब 250 मेगावाट तक पहुंचने की संभावना है। फिलहाल, आपातकालीन रोस्टिंग के चलते नवरात्र में कुल खपत का सही आंकड़े का आंकलन किया जा रहा है। आने वाले दिनों में बिजली की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसे देखते हुए विभागीय स्तर आपूर्ति सुचारु रखने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
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बस्ती। ट्रांसमिशन से आपातकालीन रोस्टिंग के चलते 33/11 केवी ग्रामीण विद्युत उपकेंद्रों से आपूर्ति ठप हो जा रही है। नवरात्र में बिजली कटौती से ग्रामीण उपभोक्ता खासे परेशान हैं। कटौती का समय निर्धारित न होने से उनकी मुश्किलें और बढ़ रही हैं। हालांकि आपातकालीन रोस्टिंग का निर्देश ट्रांसमिशन प्रबंधन को सारनाथ स्थित कंट्रोल से मिलता है।
अघोषित बिजली कटौती का सिलसिला जिले में सोमवार रात से शुरू हुआ है। विक्रमजोत प्रतिनिधि के अनुसार अघोषित बिजली कटौती से उपभोक्ताओं को रातभर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र के सुभाष चौबे, विजय पांडेय, संतोष शुक्ल आदि ने बताया कि नवरात्र में अघोषित बिजली कटौती मुश्किलें बढ़ रही हैं। सिकंदरपुर प्रतिनिधि के अनुसार बिजली न मिलने से करीब 150 गांवों के उपभोक्ताओं को अंधेरे में रात गुजारना पड़ रहा है। यही हाल जिले के अन्य ग्रामीणांचलों के उपकेंद्रों का है। सहायक अभियंता ट्रांसमिशन एसके सिंह ने बताया कि सारनाथ से मिले निर्देश के अनुपालन में आपालकालीन रोस्टिंग की जा रही है। स्थिति कब तक सामान्य होगी, इस बारे में कोई स्पष्ट निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। सोमवार तक संभावना है की कटौती से राहत मिल जाएगी।
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कोयले की कमी से उत्पादन पर असर
सहायक अभियंता एसके सिंह बताते हैं कि कोयले की कमी के चलते आपालकालीन रोस्टिंग कराई जा रही है। कोयले की कमी के चलते थर्मल पावर प्लांटों से बिजली का उत्पादन कम हो रहा है। शाम छह से 11 बजे तक (पीक ऑवर) बिजली की खपत बढ़ जाती है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में कटौती की जा रही है।
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220 मेगावाट है औसत खपत
सहायक अभियंता ट्रांसमिशन सतीश कुमार सिंह ने बताया कि सामान्य दिनों में औसत खपत करीब 220 मेगावाट होती है। नवरात्र में पीक ऑवर में यह खपत करीब 250 मेगावाट तक पहुंचने की संभावना है। फिलहाल, आपातकालीन रोस्टिंग के चलते नवरात्र में कुल खपत का सही आंकड़े का आंकलन किया जा रहा है। आने वाले दिनों में बिजली की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसे देखते हुए विभागीय स्तर आपूर्ति सुचारु रखने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
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