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हाइवे पर ट्राली पलटी, चार घायल
ब्यूरो, अमर उजाला बस्ती
Updated Thu, 29 Oct 2015 12:46 AM IST
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कोतवाली थाना क्षेत्र के बड़ेबन स्थित टोल नाका के पास ग्राम डिडहुआ के पास
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धान से लदी ट्राली पलट गई। उसमें बैठे चार व्यक्ति घायल हो गए। एनएचएआई के
एंबुलेंस से घायलों को शहर के एक प्राइवेट नर्सिंग होम में इलाज के लिए
भर्ती कराया गया।
इसके विरोध में ग्राम प्रधान रामकरन चौधरी की अगुवाई में एनएच को ग्रामीणों ने जाम कर दिया। गांव वालों ने इस दुर्घटना के लिए एआरटीओ को जिम्मेदार माना और उन पर वाहनों की चेंकिग के नाम पर वसूली करने का आरोप लगाया। गांव वाले एआरटीओ के विरुद्घ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग कर रहे थे।
पुरानी बस्ती और कोतवाली थाने की पुलिस पहुंचने और केस दर्ज करने के आश्वासन के बाद रास्ता खुला। इस बीच आधे घंटे तक एनएच जाम रहा। टोल नाका के दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लगी रही।
प्रधान ने बताया कि डिडहुवा निवासी किसान अयोध्या प्रसाद की जमीन प्लास्टिक कांपलेक्स के पास है। बुधवार को वह सांय लगभग पांच बजे खेत से धान काटकर एक ट्राली में गांव ला रहे थे, उनकी सहायता में ट्राली पर रामजनक, पंचराम व राकेश कुमार साथ में चल रहे थे।
टोल नाका के पास एआरटीओ वाहनों की जांच कर रहे थे। एआरटीओ के डर से अचानक एक ट्रक भागने लगा उसी से बचने के लिए अयोध्या प्रसाद ने ट्राली को मोड़ दिया, ट्रक से बचने के चक्कर में ट्राली पलट गई और उसमें बैठे सभी चारों लोग घायल हो गए।
जिसे एनएचएआई के एंबुलेस से शहर के एक प्राइवेट नर्सिंग होम में इलाज के लिए ले जाया गया। प्रधान का कहना है कि वाहन की चेकिंग के दौरान अक्सर इस तरह की घटना होती रहती है। कोतवाल डीके श्रीवास्तव ने बताया कि तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
हांलाकि एआरटीओ अरूण कुमार का कहना है कि यह सही है कि वह वाहनों की जांच कर रहे थे। लेकिन ट्राली अपने आप पलटी है, इसका वाहनों की जांच से कोई सरोकार नहीं है।
इसके विरोध में ग्राम प्रधान रामकरन चौधरी की अगुवाई में एनएच को ग्रामीणों ने जाम कर दिया। गांव वालों ने इस दुर्घटना के लिए एआरटीओ को जिम्मेदार माना और उन पर वाहनों की चेंकिग के नाम पर वसूली करने का आरोप लगाया। गांव वाले एआरटीओ के विरुद्घ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग कर रहे थे।
पुरानी बस्ती और कोतवाली थाने की पुलिस पहुंचने और केस दर्ज करने के आश्वासन के बाद रास्ता खुला। इस बीच आधे घंटे तक एनएच जाम रहा। टोल नाका के दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लगी रही।
प्रधान ने बताया कि डिडहुवा निवासी किसान अयोध्या प्रसाद की जमीन प्लास्टिक कांपलेक्स के पास है। बुधवार को वह सांय लगभग पांच बजे खेत से धान काटकर एक ट्राली में गांव ला रहे थे, उनकी सहायता में ट्राली पर रामजनक, पंचराम व राकेश कुमार साथ में चल रहे थे।
टोल नाका के पास एआरटीओ वाहनों की जांच कर रहे थे। एआरटीओ के डर से अचानक एक ट्रक भागने लगा उसी से बचने के लिए अयोध्या प्रसाद ने ट्राली को मोड़ दिया, ट्रक से बचने के चक्कर में ट्राली पलट गई और उसमें बैठे सभी चारों लोग घायल हो गए।
जिसे एनएचएआई के एंबुलेस से शहर के एक प्राइवेट नर्सिंग होम में इलाज के लिए ले जाया गया। प्रधान का कहना है कि वाहन की चेकिंग के दौरान अक्सर इस तरह की घटना होती रहती है। कोतवाल डीके श्रीवास्तव ने बताया कि तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
हांलाकि एआरटीओ अरूण कुमार का कहना है कि यह सही है कि वह वाहनों की जांच कर रहे थे। लेकिन ट्राली अपने आप पलटी है, इसका वाहनों की जांच से कोई सरोकार नहीं है।