{"_id":"672140860a57fa9a44084b27","slug":"two-thousand-migrants-arriving-by-express-train-for-diwali-and-chhath-festival-basti-news-c-207-1-sgkp1006-126507-2024-10-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: दीपावली व छठ पर्व के लिए राेज ट्रेन से पहुंच रहे दो हजार प्रवासी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: दीपावली व छठ पर्व के लिए राेज ट्रेन से पहुंच रहे दो हजार प्रवासी
Wed, 30 Oct 2024 01:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Wed, 30 Oct 2024 01:37 AM IST
विज्ञापन
गोरखधाम ट्रेन से आने के बाद घर जाने के लिए टैक्सी तलाशते प्रवासी-
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। दीपावली और छठ पर्व पर रोजाना करीब डेढ़ से दो हजार यात्री ट्रेनों से घर आ रहे हैं। बस्ती स्टेशन पर उतरकर उन्हें घर तक पहुंचने के लिए टैक्सी का सहारा लेना पड़ता है। यहां टैक्सी चालक यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं। प्रवासियों व चालकाें के बीच किराये को लेकर झिकझिक हो रही है।
रविवार को रेलवे स्टेशन का जायजा लिया गया। यात्रियों से यह जानने की कोशिश की गई कि उन्हें बस्ती पहुंचने में किस मुश्किल का सामना करना पड़ा ताे उनका दर्द छलक पड़ा।
मुंबई से बाघनगर जाने के लिए पहुंचे बुद्धेश ने बताया कि पहले मुंबई में ट्रेन का टिकट लेने के लिए 35 सौ रुपये खर्च करने पड़े। अब घर पहुंचने के लिए टैक्सी चालकों से झिकझिक करनी पड़ रही। एक टैक्सी चालक एक हजार रुपये में घर तक छोड़ने को तैयार हुआ है।
विज्ञापन
स्टेशन के बाहर टैक्सी वालों से कुदरहा जाने का किराया पूछ रहे अखिलेश यादव ने बताया कि नागपुर से घर लौट रहा हूं। स्टेशन से 35 किमी घर पड़ता है। टैक्सी वाले घर तक छोड़ने के दो हजार रुपये मांग रहे हैं। सामान ज्यादा है वरना रोडवेज बस से निकल जाता। सब मजबूरी का फायदा उठाने में लगे हैं।
रेलवे स्टेशन से चलने वाले टैक्सियां अवैध रूप से चलाई जा रही हैं। परिसर में बनी पार्किंग में गाड़ियों को खड़ी कर चालक यात्रियों की तलाश करते हैं। ी
विज्ञापन
बस्ती। दीपावली और छठ पर्व पर रोजाना करीब डेढ़ से दो हजार यात्री ट्रेनों से घर आ रहे हैं। बस्ती स्टेशन पर उतरकर उन्हें घर तक पहुंचने के लिए टैक्सी का सहारा लेना पड़ता है। यहां टैक्सी चालक यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं। प्रवासियों व चालकाें के बीच किराये को लेकर झिकझिक हो रही है।
रविवार को रेलवे स्टेशन का जायजा लिया गया। यात्रियों से यह जानने की कोशिश की गई कि उन्हें बस्ती पहुंचने में किस मुश्किल का सामना करना पड़ा ताे उनका दर्द छलक पड़ा।
विज्ञापन
मुंबई से बाघनगर जाने के लिए पहुंचे बुद्धेश ने बताया कि पहले मुंबई में ट्रेन का टिकट लेने के लिए 35 सौ रुपये खर्च करने पड़े। अब घर पहुंचने के लिए टैक्सी चालकों से झिकझिक करनी पड़ रही। एक टैक्सी चालक एक हजार रुपये में घर तक छोड़ने को तैयार हुआ है।
विज्ञापन
स्टेशन के बाहर टैक्सी वालों से कुदरहा जाने का किराया पूछ रहे अखिलेश यादव ने बताया कि नागपुर से घर लौट रहा हूं। स्टेशन से 35 किमी घर पड़ता है। टैक्सी वाले घर तक छोड़ने के दो हजार रुपये मांग रहे हैं। सामान ज्यादा है वरना रोडवेज बस से निकल जाता। सब मजबूरी का फायदा उठाने में लगे हैं।
रेलवे स्टेशन से चलने वाले टैक्सियां अवैध रूप से चलाई जा रही हैं। परिसर में बनी पार्किंग में गाड़ियों को खड़ी कर चालक यात्रियों की तलाश करते हैं। ी