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दीवार गिरने से दो किसानों की दबकर मौत
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बस्ती के विशुनपुर गांव में किसान बुधराम की मौत पर रोते-बिलखते परिजन व मौजूद गांव लोग।
- फोटो : BASTI
दीवार गिरने से दो किसानों की दबकर मौत
गौर थाना के विशनपुर गांव में हुई घटना
अमर उजाला ब्यूरो
गौर (बस्ती)। आंधी और बारिश से बचने के लिए जिस मड़ई का दो किसानों से सहारा लिया, वही उनके लिए काल बन गई। हुआ यूं शुक्रवार की सुबह विशुनपुर गांव के 60 वर्षीय किसान बुधराम और 40 वर्षीय रामसूरत उर्फ बड़े मौर्य गांव के पश्चिम नित्यक्रिया के लिए गए थे। इस दौरान आंधी के साथ बारिश होने लगी। दोनों बचने के लिए सिवान में रखे एक मड़ई के पास छिप गए, लेकिन आंधी के कहर में झोपड़ी उड़ गई दीवार ढह गई। दोनों दीवार से दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए। आननफानन में दोनों को अस्पताल ले जाया गया, वहां दोनों की मौत हो गई।
ग्रामीणों ने बताया कि दोनों किसान सिवान की तरफ गए थे। अचानक तेज आंधी एवं गरज-चमक के साथ बारिश होने लगी। इससे बचने के लिए खेत में रखी एक मड़ई के पास छुप गए, लेकिन तेज हवा के चलते झोपड़ी उड़ गई और दीवार गिर गई। दोनों उसी में दब गए। इसी दौरान गांव की किसी महिला की नजर पड़ गई और शोर मचाने लगी। महिला दौड़ते हुए गांव आई और घटना के बारे में जानकारी दी। सूचना पाकर गांव के लोग दौड़ पड़े और किसी तरह दोनों को बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल दोनो को एंबुलेंस से पहले गौर सीएचसी ले जाया गया। हालत गंभीर देख अधीक्षक डॉ. रजनीश श्रीवास्तव ने दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। दोपहर में दोनों किसानों ने दम तोड़ दिया। प्रधान मीना रानी के प्रतिनिधि रामभरोस यादव ने बताया कि दोनों बेहद गरीबथे। दोनों की दीवार के नीचे दबकर मौत हुई है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। घटना से परिवार में कोहराम मच गया।
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गौर थाना के विशनपुर गांव में हुई घटना
अमर उजाला ब्यूरो
गौर (बस्ती)। आंधी और बारिश से बचने के लिए जिस मड़ई का दो किसानों से सहारा लिया, वही उनके लिए काल बन गई। हुआ यूं शुक्रवार की सुबह विशुनपुर गांव के 60 वर्षीय किसान बुधराम और 40 वर्षीय रामसूरत उर्फ बड़े मौर्य गांव के पश्चिम नित्यक्रिया के लिए गए थे। इस दौरान आंधी के साथ बारिश होने लगी। दोनों बचने के लिए सिवान में रखे एक मड़ई के पास छिप गए, लेकिन आंधी के कहर में झोपड़ी उड़ गई दीवार ढह गई। दोनों दीवार से दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए। आननफानन में दोनों को अस्पताल ले जाया गया, वहां दोनों की मौत हो गई।
ग्रामीणों ने बताया कि दोनों किसान सिवान की तरफ गए थे। अचानक तेज आंधी एवं गरज-चमक के साथ बारिश होने लगी। इससे बचने के लिए खेत में रखी एक मड़ई के पास छुप गए, लेकिन तेज हवा के चलते झोपड़ी उड़ गई और दीवार गिर गई। दोनों उसी में दब गए। इसी दौरान गांव की किसी महिला की नजर पड़ गई और शोर मचाने लगी। महिला दौड़ते हुए गांव आई और घटना के बारे में जानकारी दी। सूचना पाकर गांव के लोग दौड़ पड़े और किसी तरह दोनों को बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल दोनो को एंबुलेंस से पहले गौर सीएचसी ले जाया गया। हालत गंभीर देख अधीक्षक डॉ. रजनीश श्रीवास्तव ने दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। दोपहर में दोनों किसानों ने दम तोड़ दिया। प्रधान मीना रानी के प्रतिनिधि रामभरोस यादव ने बताया कि दोनों बेहद गरीबथे। दोनों की दीवार के नीचे दबकर मौत हुई है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। घटना से परिवार में कोहराम मच गया।
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