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Basti News: अव्यवस्था से झुलसकर मर गईं दो मासूम बच्चियां

Mon, 09 Feb 2026 12:44 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 09 Feb 2026 12:44 AM IST
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Two innocent girls died, burned to death amidst the chaos.
इसी नगे तार की चपेट में आई हैं दोनों ब​च्चियां। संवाद
बस्ती। कांशीराम आवास में कबाड़ बीनकर जीवन यापन करने वाले दो परिवार पर रविवार को मुसीबत का पहाड़ टूट पड़ा। मुफलिसी से लड़ने को उतरी तीन मासूम बेटियों में से दो के नन्हें कदम कीचड़ और गंदगी के बीच उम्मीद के टुकड़े बीनते समय लड़खड़ा गए।
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अफसोस, वहीं बिजली के नंगे तार भी झूल रहे थे। एक-एक कर दो मासूम बच्चियां करंट की चपेट आ गईं। जब तक साथ में चल रही तीसरी लड़की शोर-शराबा करके लोगों को बुलाती तब तक बुरी तरह झुलसने से दोनों की इहलीला खत्म हो चुकी थी।
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कांशीराम आवास में रहने वाले मौलवी अाैर आरजू का परिवार कबाड़ से जुगाड़ कर जीवन यापन कर रहा है। इनका परिवार दिन भर विभिन्न क्षेत्रों में गंदगी के बीच फेंके गए प्लाॅस्टिक, गत्ता, लोहे के टुकड़े बीनकर इकट्ठा करते हैं। बाद में उसे बेचकर घर का खर्च चलाते हैं। मौलवी की दो बेटियां कॉजल 12 और मुस्कान 13 तथा आरजू की बेटी करिश्मा 10 तीनों रविवार को शहर में कबाड़ बीनने पहुंचीं। पचपेड़ियां मोहल्ले में श्रीकृष्ण पांडेय इंटर कॉलेज के पीछे स्थित खाली प्लॉट में लोगों के घरों का गंदा पानी और कचरा फेंका जाता है। तीनों बच्चियां कबाड़ बीनते-बीनते यहां पहुंच गईं।
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गंदगी के बीच कुछ उपयोगी टुकड़ा देख उत्साह में वह दौड़ पड़ीं। उन्हें आभास नहीं था उम्मीद के टुकड़े से पहले काल बनकर बिजली के तार भी झूल रहे हैं। कीचड़ में लड़खड़ाते कदमों से आगे बढ़ते समय काजल पहले लटकते हुए कटे केबिल के संपर्क आ गई। वह झुलसने लगी, उसके करीब मौजूद करिश्मा कुछ समझ नहीं पाई और उसे बचाने पहुंच गई।
इससे दोनों मासूम बेटियां बुरी तरह झुलस गईं। गनीमत काजल की बहन मुस्कान वहां न जाकर दूर से ही शोर मचाना शुरू कर दिया। जब तक लोग पहुंचते दोनों मासूम बेटियाें की मौत हो चुकी थी। इस हादसे के बाद पुलिस के अधिकारी और परिजन भी मौके पर पहुंचे। बेटियों के पिता मौलवी और आरजू नम आंखों के साथ निशब्द थे।
बेटियों को मृत अवस्था में देख उनके मुंह से बोल नहीं फूट रहे थे। वह सिर्फ इतना कहते नजर आए कि मजबूरी ही सबकुछ कराती है। वरना मासूम बेटियों को कबाड़ बीनने के लिए घर से नहीं भेजते।
मौके पर पुलिस अधिकारी विधिक कार्रवाई के साथ ढांढस बधाने का प्रयास तो किए लेकिन, पीड़ित परिवार का करूण क्रंदन हर किसी को द्रवित कर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों का गुस्सा विद्युत निगम की लापरवाही फूटता हुआ दिखाई पड़ा। लोग इस मोहल्ले में बांस-बल्लियों के सहारे दौड़ाए गए एक दर्जन से अधिक कनेक्शन के नीचे की ओर झूलते हुए केबिल को दिखाकर निगम पर तंज कस रहे थे।

यहां मौजूद रहमान ने कहा कि बिजली बिल वसूलने के लिए कनेक्शन दिया जा रहा है। मगर पोल और तार खींचने की व्यवस्था निगम के पास नहीं है। यदि केबिल का कटा हुआ तार नीचे की ओर नहीं झूलता तो इन बच्चियों की मौत नहीं होती। मौजूद पुलिस अधिकारियों ने भी लोगों को शांत करने के लिए ही सही, विद्युत सुरक्षा में कमी की बात को स्वीकार की। इस हादसे के बाद एक बार बिजली निगम की सुरक्षा व्यवस्था कटघरे में खड़ी हो गई है।
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