{"_id":"6ae1184a4ad246728a055b2b","slug":"two-convicts-sentenced-to-life-imprisonment-for-murder-and-concealing-the-body-basti-news-c-207-1-bst1006-170454-2026-10-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: हत्या कर शव छिपाने के दो दोषियों को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: हत्या कर शव छिपाने के दो दोषियों को उम्रकैद
विज्ञापन
बस्ती। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कमलेश कुमार की अदालत ने हत्या कर शव छिपाने के मामले में दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक आरोपी पर 12 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर चार माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) वेद प्रकाश पांडेय ने बताया कि मामला छावनी थाना क्षेत्र के पूरे अलवल गांव का है। वादिनी दुर्गावती ने तहरीर देकर बताया था कि 10 जून 2020 को सूचना मिली कि उसके ससुर शिवबालक राम का शव पखेरी नए श्मशान घाट के पास पुलिया के निकट नदी किनारे पड़ा है।
तहरीर के आधार पर हर्रैया थाने में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने बरामदगी स्थल, आलाकत्ल और मोबाइल से संबंधित साक्ष्य जुटाए गए।विवेचक ने अमारी बाजार निवासी हारून और परशुरामपुर थाना क्षेत्र के चिरई खड़वा निवासी ओमप्रकाश पांडेय उर्फ साजन पांडेय के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।
विज्ञापन
सुनवाई के दौरान 11 गवाहों ने गवाही दी। अदालत ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। फैसला सुनाए जाने के दौरान आरोपी हारून अदालत में उपस्थित नहीं था।
विज्ञापन
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) वेद प्रकाश पांडेय ने बताया कि मामला छावनी थाना क्षेत्र के पूरे अलवल गांव का है। वादिनी दुर्गावती ने तहरीर देकर बताया था कि 10 जून 2020 को सूचना मिली कि उसके ससुर शिवबालक राम का शव पखेरी नए श्मशान घाट के पास पुलिया के निकट नदी किनारे पड़ा है।
विज्ञापन
तहरीर के आधार पर हर्रैया थाने में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने बरामदगी स्थल, आलाकत्ल और मोबाइल से संबंधित साक्ष्य जुटाए गए।विवेचक ने अमारी बाजार निवासी हारून और परशुरामपुर थाना क्षेत्र के चिरई खड़वा निवासी ओमप्रकाश पांडेय उर्फ साजन पांडेय के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।
विज्ञापन
सुनवाई के दौरान 11 गवाहों ने गवाही दी। अदालत ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। फैसला सुनाए जाने के दौरान आरोपी हारून अदालत में उपस्थित नहीं था।