फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Trains are crowded, bus travel is expensive, and foreigners are helpless due to the burden of fares.

Basti News: ट्रेनों में भीड़, बस में सफर महंगा, किराए की मार से परदेसी लाचार

Mon, 23 Feb 2026 01:20 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 23 Feb 2026 01:20 AM IST
विज्ञापन
Trains are crowded, bus travel is expensive, and foreigners are helpless due to the burden of fares.
बस्ती टोल प्लाजा से गुजरती एएसी बस। संवाद
बस्ती। परदेसियों पर होली, रमजान के त्योहार का जुनून लांग रूट के एसी बसों का किराया सुनने के बाद कम हो जा रहा है। त्योहार से 15 दिन पहले ही निजी एसी कोच सेवा का किराया तीन गुना बढ़ गया है। यात्रियों का दबाव बढ़ते ही इसमें और इजाफा होने की संभावना है।
विज्ञापन

दिल्ली से बस्ती तक एसी स्लीपर बस के एक केबिन का किराया 3500 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं मुंबई या अहमदाबाद से आने वाले यात्रियों से आठ से 10 हजार रुपये वसूले जा रहे हैं।
विज्ञापन

दिल्ली से बस्ती पहुंचे छात्र सार्थक मिश्र बताते हैं कि सामान्य दिनों में अमूमन एक तरफ का डबल डेकर एसी बस का किराया 1300 रुपये रहता है। इतने भाड़े में एक केबिन मिलती है। यदि सीट पर बैठकर यात्रा करनी होती हैं तो 600 रुपये ही लगते हैं। इधर एक केबिन का भाड़ा 3500 रुपये कर दिया गया है। सीट का किराया बढ़कर 1500 रुपये हो गया है। वहीं रुधौली के रहने वाले पंकज बताते हैं कि जिनकी कमाई सीमित है वह त्योहार और लगन के सीजन में प्राइवेट एसी बस से यात्रा नहीं कर पाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

उनके कमाई का अधिकांश हिस्सा भाड़े में ही खर्च हो जाता है। लांग रूट के एसी बसों के किराए पर कोई नियंत्रण नहीं है। मो. जुबैर कहते हैं कि आजकल मुंबई से बस्ती तक का किराया एसी बस में 8 से 10 हजार रुपये तक हो गया है। ट्रेनों में कनफर्म टिकट नहीं मिल रहा है। यात्री मजबूर होकर डबल डेकर बसों में ऑनलाइन सीट बुक कर रहे हैं। यहां हवाई जहाज के बराबर किराया वसूल किया जा रहा है।
यात्री सुविधा में सरकारी सेवा नाकाफी  : बस्ती रोडवेज से दिल्ली तक दौड़ाई जाने वाली बसों की संख्या एक दर्जन से अधिक नहीं है। दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के उद्देश्य से बीएस-4 बसों के प्रवेश पर रोक लगी है। सिर्फ बीएस-6 बसें ही दिल्ली एनसीआर में प्रवेश कर पाएंगी। अभी रोडवेज के पास इस श्रेणी में मात्र 12 बसें ही बस्ती में हैं। ऐसे में छह बस इधर से जाती है और इतना संख्या में रोडवेज डिपो की बस उधर से सवारी लेकर लौट रही है।

यात्रियों की संख्या इससे कहीं ज्यादा होने के कारण विवश होकर लोग डबल डेकर बसों से सफर कर रहे हैं। दिल्ली से बस्ती आने वाली वैशाली, गोरखधाम, बिहार संपर्क क्रांति, हमसफर एक्सप्रेस आदि प्रमुख ट्रेनों में वेटिंग चल रहा है। ट्रेनों में सीटें फुल होने के बाद यात्रियों के पास कोई और विकल्प नहीं बच रहा है।
विवश होकर लोग निजी एसी कोच बसों में बुकिंग कर रहे हैं। मगर महंगा किराया होने की वजह से यह यात्रा खल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed