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अप्रशिक्षित चिकित्सकों के प्रशिक्षण की मांग
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Sun, 16 Apr 2017 10:51 PM IST
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गायघाट में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवक वेलफेयर एसोसिएशन में उपस्थित लोग।
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स्वस्थ समाज के बगैर स्वस्थ भारत की परिकल्पना बेमानी है। राष्ट्र की सेवा सेना के जवान सीमा पर करते हैं तो अप्रशिक्षित चिकित्सक गरीबों के स्वास्थ्य का रखवाला होता है।
यह कहना है राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य सेवक वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम त्रिपाठी का। वे रविवार को गायघाट स्थित एक मैरेज हाल में आयोजित कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। कहा कि देश में डेढ़ करोड़ अप्रशिक्षित चिकित्सक, तीस लाख फार्मासिस्ट के अलावा तमाम मेडिकल स्टोर संचालित होते हैं। यदि ऐेसे चिकित्सकों का रजिस्ट्रेशन सरकार सौ रुपये लेकर कर दे तो राजस्व वृद्धि तो होगी ही साथ ही चिकित्सकों की समस्या से भी कुछ हद तक निजात मिल जाएगी। कहा कि जहां ग्रामीण क्षेत्रों के आठ प्रतिशत लोगों का इलाज सरकारी चिकित्सक करते हैं वही 76 प्रतिशत सेवा ग्रामीण स्वास्थ्य रक्षक करते हैं। पिछली सरकार में डॉ. हर्षवर्धन ने प्रशिक्षित करने का आश्वासन दिया था इसके लिए संगठन लगातार संघर्ष करेगा। यदि सरकार इस पर विचार नहीं किया तो चुनाव बहिष्कार तक किया जाएगा।
विशिष्ट अतिथि व मंडल अध्यक्ष डॉ. ए पी मिश्रा ने कहा कि जनपद के 25 लाख आबादी में पैसठ प्रतिशत लोगों की चिकित्सा अप्रशिक्षित चिकित्सकों के बल पर संचालित हो रही है।जिले में 11 हजार अप्रशिक्षित चिकित्सक व मेडिकल स्टोर हैं। उनकी लड़ाई संगठन लड़ रहा है। जिलाध्यक्ष डॉ. जेपी आनन्द ने मांग उठाई कि सरकार ऐसे चिकित्सकों को ग्रामीण स्वास्थ्य सेवक का दर्जा दे। सरकार के सहयोग से रजिस्ट्रेशन हो। योग्यता के आधार पर हमें भी प्रशिक्षित किया जाए। यदि सरकार इसे मान ले तो ऐसे चिकित्सक हर छ: माह में नि:शुल्क शिविर आयोजित कर मरीजों की सेवा करेंगे। सरकार को अप्रशिक्षित चिकित्सकों के भविष्य और गरीबों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इस मामले में जल्द से जल्द निर्णय लेना चाहिए।
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सभा को डॉ. कमला चौधरी, डॉ. विकास ओझा, डॉ. यू के सिन्हा, डॉ. जे पी विश्वकर्मा के अलावा अन्य कई जिलों से आए अप्रशिक्षित चिकित्सकों ने भी संबोधित किया। संचालन अवनीश कुमार त्रिपाठी ने किया।इस मौके पर डॉ राम जीत चौधरी, घनश्याम दुबे, डॉ राकेश धर दूबे, डॉ लालजी आजाद, डॉ लाल साहब, डॉ राजकपूर यादव, जोखू प्रसाद पटेल, अनिल चौधरी समेत कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
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यह कहना है राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य सेवक वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम त्रिपाठी का। वे रविवार को गायघाट स्थित एक मैरेज हाल में आयोजित कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। कहा कि देश में डेढ़ करोड़ अप्रशिक्षित चिकित्सक, तीस लाख फार्मासिस्ट के अलावा तमाम मेडिकल स्टोर संचालित होते हैं। यदि ऐेसे चिकित्सकों का रजिस्ट्रेशन सरकार सौ रुपये लेकर कर दे तो राजस्व वृद्धि तो होगी ही साथ ही चिकित्सकों की समस्या से भी कुछ हद तक निजात मिल जाएगी। कहा कि जहां ग्रामीण क्षेत्रों के आठ प्रतिशत लोगों का इलाज सरकारी चिकित्सक करते हैं वही 76 प्रतिशत सेवा ग्रामीण स्वास्थ्य रक्षक करते हैं। पिछली सरकार में डॉ. हर्षवर्धन ने प्रशिक्षित करने का आश्वासन दिया था इसके लिए संगठन लगातार संघर्ष करेगा। यदि सरकार इस पर विचार नहीं किया तो चुनाव बहिष्कार तक किया जाएगा।
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विशिष्ट अतिथि व मंडल अध्यक्ष डॉ. ए पी मिश्रा ने कहा कि जनपद के 25 लाख आबादी में पैसठ प्रतिशत लोगों की चिकित्सा अप्रशिक्षित चिकित्सकों के बल पर संचालित हो रही है।जिले में 11 हजार अप्रशिक्षित चिकित्सक व मेडिकल स्टोर हैं। उनकी लड़ाई संगठन लड़ रहा है। जिलाध्यक्ष डॉ. जेपी आनन्द ने मांग उठाई कि सरकार ऐसे चिकित्सकों को ग्रामीण स्वास्थ्य सेवक का दर्जा दे। सरकार के सहयोग से रजिस्ट्रेशन हो। योग्यता के आधार पर हमें भी प्रशिक्षित किया जाए। यदि सरकार इसे मान ले तो ऐसे चिकित्सक हर छ: माह में नि:शुल्क शिविर आयोजित कर मरीजों की सेवा करेंगे। सरकार को अप्रशिक्षित चिकित्सकों के भविष्य और गरीबों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इस मामले में जल्द से जल्द निर्णय लेना चाहिए।
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सभा को डॉ. कमला चौधरी, डॉ. विकास ओझा, डॉ. यू के सिन्हा, डॉ. जे पी विश्वकर्मा के अलावा अन्य कई जिलों से आए अप्रशिक्षित चिकित्सकों ने भी संबोधित किया। संचालन अवनीश कुमार त्रिपाठी ने किया।इस मौके पर डॉ राम जीत चौधरी, घनश्याम दुबे, डॉ राकेश धर दूबे, डॉ लालजी आजाद, डॉ लाल साहब, डॉ राजकपूर यादव, जोखू प्रसाद पटेल, अनिल चौधरी समेत कई अन्य लोग उपस्थित रहे।