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दूसरे पर ठीकरा फोड़ने में आगे 

Sun, 25 Mar 2018 11:43 PM IST
basti
basti Updated Sun, 25 Mar 2018 11:43 PM IST
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traffic problem in city
सड़क पर अतिक्रमण। - फोटो : amar ujala
फोटो
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सोमवार को सबसे ज्यादा होती हैं दुश्वारियां
दिखावटी उपाय से नहीं दूर हो रही दिक्कत
अमर उजाला ब्यूरो 
बस्ती। 
शहर में आकर ड्यूटी करने वाले लोगों को भारी दुश्वारियां सोमवारी जाम से झेलनी पड़ती है। कटरा स्थित अपने घर से खलीलाबाद ड्यूटी करने जाते स्वास्थ्य महकमे के एक अधिकारी जाम के झाम से काफी खफा हैं। कहते हैं कि विगत तीन सालों से सोमवारी जाम बढ़ा है। घर से बमुश्किल 40 किमी दूरी तय करने के लिए सुबह सात बजे न निकल लें तो समय से ड्यूटी पहुंचनी मुश्किल पड़ जाती है। बताते हैं कि तीन चौराहों पर जाम से जूझना पड़ जाता है। 
 फौव्वारा तिराहे से लेकर कटरा पानी टंकी और मूड़घाट मोड़ तक सुबह आठ बजे के बाद जाम लग जाता है। किसी तरह वहां से निकलने पर अगर कंपनीबाग की तरफ से गए तो सिग्नल पर फंस जाएं और मालवीय रोड से गए तो रौता चौराहे पर रफ्तार को ब्रेक लगनी तय है। वहां से भी पार कर गए तो रोडवेज नेहरू तिराहे से लेकर सुभाष तिराहे (गायत्री मंदिर के सामने) और रोडवेज गेट पर आड़े-तिरछे खड़ी रोडवेज की बसों के फेर में पड़े बिना गुजरना नामुमकिन है। 
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 इन दिनों शहर की सबसे बड़ी बाधा अस्पताल चौराहे पर आती है। महसों-कैली रोड, मुंडेरवा रोड, दक्षिण दरवाजा-रेलवे स्टेशन रोड के अलावा रोडवेज-कोतवाली मेन रोड इस चौराहे से गुजरती हैं। कोढ़ में खाज यह कि वहां का यातायात संभालने के लिए न तो चंद कदम दूर चौकी के सिपाही, दरोगा दिखाई देते हैं न ही होमगार्ड मौजूद रहते हैं। जबकि इस जाम में फंसकर तमाम सरकारी अधिकारी-कर्मचारी ही नहीं जिला व ओपेक हास्पिटल के मरीजों को लेकर आने-जाने वाली एंबुलेंस भी जाम में फंसी लेट होती रहती है। 
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शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर तमाम दावे-वादे करने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। पुलिस प्रशासन से लेकर इसके लिए जिम्मेदार अन्य विभाग भी एक-दूसरे के सिर ठीकरा फोड़कर अपना दामन बचाने में जुटे हैं। इनके इस रवैये का खामियाजा शहर में आने वाला प्रत्येक व्यक्ति भुगत रहा है। बिना जाम में फंसे कोई बच नहीं सकता। 

तमाशबीन तंत्र पर 28 लाख का लोड 
 शहर के चौराहों से गुजरते समय अगर ध्यान देंगे तो वहां यातायात व्यवस्था संभालने की ड्यूटी पर तैनात किए गए सिपाही/होमगार्ड किनारे बैठकर हंसी-ठिठोली करते नजर आएंगे। कंपनी बाग चौकी के अंदर और एडीएम आवास की बाउंड्री के पास इकट्ठा होकर तमाशा देखते रहते हैं। चाहे कोई सिग्नल तोड़े या नो-एंट्री, इनसे कोई वास्ता नहीं। 

 मनमाना डायवर्जन बढ़ी समस्या 
 शहर में मनमाने ढंग से डायवर्जन और नो-एंट्री प्वाइंट बनाए गए। जैसे फोरलेन पर मूड़घाट पुराने आरटीओ दफ्तर के पास से कटरा की तरफ आने के लिए चार पहिया वाहनों की नो-एंट्री है। जबकि उस तरफ से जाने के सिवा दूसरा विकल्प ही नहीं है। फोर-ह्वीलर वाले कहते हैं कि अगर यही नो-एंट्री अगर वापस आने वालों के लिए हो जाए तो समस्या ज्यादा सुलझ जाएगी। तब पश्चिम से शहर में आने वाले लोग इसी रास्ते से अंदर आएंगे। वापस आने वालों को बड़ेवन की तरफ से भेजना सुविधा जनक होता। 

पटरियों पर दुकान ? 
मालवीय रोड पर दोनों तरफ की पटरियां बालू, मोरंग, सीमेंट, गिट्टी और सरिया का गोदाम बन गईं हैं। सबसे खराब स्थिति तब होती है जब पटरियों पर बालू मोरंग और गिट्टी लदे ट्रक सड़क पर खड़े कर दिए जाते हैं। तब चारों ओर ऐसा जाम लग जाता है कि घंटों राहगीर फंसे रहते हैं। कब्जा हटवाने का अभियान पुलिस पिछले पांच वर्ष से कागज पर प्लान बना रही है लेकिन उसे अब तक मूर्त रूप नहीं दे पाई। 

मुकम्मल निजात चाहते हैं नागरिक 
गांधीनगर के रफीक अहमद, शिक्षक रामपूजन यादव, स्वास्थ्य विभाग में कर्मी मंसूर अहमद, आनंद मौर्य आदि नागरिकों को लेट होने को लेकर गुस्सा है। इनका कहना है कि वह लोग अक्सर स्कूल, ऑफिस, दुकान और अन्य काम पर लोग देरी से पहुंच रहे हैं। लेट होने के कारण लोग तनाव के भी शिकार हो रहे हैं। यातायात प्रशासन लोगों को जाम से निजात दिलाने में विफल है। इसकी वजह से दिनोंदिन शहरी हालात गंभीर होते जा रहे हैं। हर कोई जाम से निजात का मुकम्मल इंतजाम चाहता है। 

सीओ ट्रैफिक बोले 
सीओ ट्रैफिक/सिटी पवन गौतम ने यातायात सुधार का अभियान चलाने का आश्वासन दिया है। सीओ सिटी का कहना है कि शहर में कब्जा हटवाने के लिए कई विभागों का समन्वय जरूरी है, जबकि इसके लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराया जाता है। लोग ट्रैफिक नियमों का पालन करने, एक-दूसरे को पास देने में पीछे हैं। इसे लेकर जागरूकता बिना समस्या का हल निकालना टेढ़ी खीर है। 


अवैध कट बंद करायेगा एनएचआई
महराजगंज। एनएचएआई दुर्घटनाओं को रोकने के लिए हाईवे पर अवैध कटों को बंद कराएगा। साथ ही डिवाइडर से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराएगा। 
सेप्टी मैनेजर श्याम अवतार शर्मा ने बताया कि हाईवे पर डिवाइडर कटने से आये दिन दुर्घटनायें हो रही हैं। इससे कई की जान जा चुकी है। उसके बाद भी अधिकतर बाइक सवार अवैध कट से सड़क पार करते हैं। हाईवे के रिठिया, पुरैना, गोटवा, तिलकपुर, गढ़हा गौतम, खजुहा, गौरा, ककुआ राउत, त्रिलोकपुर, महराजगंज पेट्रोलपंप, रजौली, भदावल, महूघाट, छावनी सहित कई जगहों पर खतरनाक अवैध कट हैं। इन स्थानों पर सड़क पार करते समय दर्जनों बाइक सवार की मौत हो चुकी है। यहां अवैध कट स्थायी रूप से बंद कराकर डेंजर जोन के लिए संकेतांक बोर्ड लगाया जाएगा।
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