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समूह की महिलाओं को मिलेगी शौचालय की चाभी
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समूह की महिलाओं को मिलेगी शौचालय की चाभी
हर माह मिलेगा छह हजार रुपये मानदेय, 1219 महिलाओं को रोजगार
150 सामुदायिक शौचालय बनकर तैयार, आठ सौ पर चल रहा काम
प्रत्येक समूह से एक-एक महिला की होगी नियुक्ति
राज प्रकाश
बस्ती। महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सरकार अनेक प्रयास कर रही है। इसी क्रम में अब समूह की महिलाओं को सामुदायिक शौचालयों की चाभी सौंपने की तैयारी चल रही है। हर माह उन्हें हर माह मानदेय भी दिया जाएगा।
जिले की सभी 1219 ग्राम पंचायतों में एक-एक सामुदायिक शौचालयों का निर्माण होना है। इसमें से 150 सामुदायिक शौचालय बनकर तैयार हो गए हैं, वहीं, आठ सौ पर तेजी से काम चल रहा है। प्रत्येक शौचालय की देखरेख की जिम्मेदारी के लिए स्वयं सहायता समूह से एक इच्छुक महिला का चयन किया जाएगा। इन्हें मनरेगा के तहत हर माह छह हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा। नियुक्त महिला को शौचालय की सफाई और देख-रेख का कार्य करना होगा। इस संबंध में उपायुक्त स्वत: रोजगार राम दुलारे बताते हैं कि शासन से निर्देश प्राप्त हुए है। तैयारियां चल रही हैं। जल्द ही समूह से जुड़ीं इच्छुक महिला का चयन किया जाएगा। बताते हैं कि सभी सामुदायिक शौचालयों पर प्रत्येक समूह से एक-एक महिला का चयन किया जाएगा।
1219 महिलाओं को मिलेगा रोजगार
शासन की इस नीति के तहत स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं जिले की लगभग 1219 महिलाओं को रोजगार मिलेगा। जिला प्रशासन की ओर से जल्द ही इसके लिए अमलीजामा पहनाया जाएगा। महिलाओं को शौचालयों की चाभी जल्द मिले, इसके लिए प्रशासन की ओर से तैयारियां की जा रही हैं।
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हर माह मिलेगा छह हजार रुपये मानदेय, 1219 महिलाओं को रोजगार
150 सामुदायिक शौचालय बनकर तैयार, आठ सौ पर चल रहा काम
प्रत्येक समूह से एक-एक महिला की होगी नियुक्ति
राज प्रकाश
बस्ती। महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सरकार अनेक प्रयास कर रही है। इसी क्रम में अब समूह की महिलाओं को सामुदायिक शौचालयों की चाभी सौंपने की तैयारी चल रही है। हर माह उन्हें हर माह मानदेय भी दिया जाएगा।
जिले की सभी 1219 ग्राम पंचायतों में एक-एक सामुदायिक शौचालयों का निर्माण होना है। इसमें से 150 सामुदायिक शौचालय बनकर तैयार हो गए हैं, वहीं, आठ सौ पर तेजी से काम चल रहा है। प्रत्येक शौचालय की देखरेख की जिम्मेदारी के लिए स्वयं सहायता समूह से एक इच्छुक महिला का चयन किया जाएगा। इन्हें मनरेगा के तहत हर माह छह हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा। नियुक्त महिला को शौचालय की सफाई और देख-रेख का कार्य करना होगा। इस संबंध में उपायुक्त स्वत: रोजगार राम दुलारे बताते हैं कि शासन से निर्देश प्राप्त हुए है। तैयारियां चल रही हैं। जल्द ही समूह से जुड़ीं इच्छुक महिला का चयन किया जाएगा। बताते हैं कि सभी सामुदायिक शौचालयों पर प्रत्येक समूह से एक-एक महिला का चयन किया जाएगा।
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1219 महिलाओं को मिलेगा रोजगार
शासन की इस नीति के तहत स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं जिले की लगभग 1219 महिलाओं को रोजगार मिलेगा। जिला प्रशासन की ओर से जल्द ही इसके लिए अमलीजामा पहनाया जाएगा। महिलाओं को शौचालयों की चाभी जल्द मिले, इसके लिए प्रशासन की ओर से तैयारियां की जा रही हैं।
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