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लक्ष्य से भटका शौचालय निर्माण कार्य
basti
Updated Sat, 31 Mar 2018 11:17 PM IST
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शौचालय
- फोटो : SELF
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स्वच्छता मिशन को गति देने में भले ही प्रशासनिक तंत्र लगा रहा लेकिन तीन साल में महज 66 हजार शौचालयों का ही निर्माण हो सका है। जिम्मेदारों को अक्टूबर 2019 तक 2.90 लाख शौचालयों का निर्माण करना है।
जिले के 14 ब्लॉकों में स्वच्छता अभियान के तहत स्वच्छता समिति गठित की गई हैं। समिति के अध्यक्ष डीएम और उपाध्यक्ष सीडीओ तथा सचिव जिला पंचायत राज अधिकारी हैं। जिला स्तर की इस समिति के नीचे ब्लॉक स्तर पर भी स्वच्छता समिति है। जिसे बीडीओ के नेतृत्व में गठित किया गया है। इसके सचिव एडीओ पंचायत होते हैं। जिले के स्वच्छता अभियान के तहत दो अक्टूबर 2014 को इस योजना की शुरुआत की गई। कुल 2.90 लाख शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य 2019 तक के लिए निर्धारित किया गया है। सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में तीन साल से अधिक का समय बीत गया लेकिन लक्ष्य के सापेक्ष उपलब्धि मात्र 66 हजार तक पहुंच सकी है।
19 माह में बनाने होंगे 2.24 लाख शौचालय
निर्धारित लक्ष्य में सिर्फ 19 माह बचे हैं जिसमें विभाग को 2.24 लाख शौचालयों का निर्माण कराना है। जिला पंचायत राज विभाग शौचालय निर्माण को लेकर निश्चिंत है। शौचालय निर्माण के लिए जो व्यवस्था है उसके तहत निर्माण के बाद संबंधित को मानक के अनुसार शौचालय बनवाने पर 12 हजार रुपये विभाग देता है। यह धन सर्वे के बाद लाभार्थी के खाते में जाता है। अपने जिले में इस योजना के तहत करीब 12 करोड़ रुपये लाभार्थियों के बकाया हैं, जो बजट के अभाव में विभाग ने नहीं दिया है।
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हर हाल में पूरा होगा लक्ष्य
जिला पंचायत राज अधिकारी शिवशंकर सिंह ने कहा कि शौचालय निर्माण को लेकर विभाग पूरी तरह संवेदनशील है। जो लक्ष्य तय किया गया है वह हर हाल में समय सीमा के भीतर पूरा हो जाएगा। लाभार्थियों के बकाया की बात स्वीकारते हुए कहा कि 12 करोड़ रुपये बाकी हैं। बजट आते ही संबंधित के खाते में धन पहुंच जाएगा।
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स्वच्छता मिशन को गति देने में भले ही प्रशासनिक तंत्र लगा रहा लेकिन तीन साल में महज 66 हजार शौचालयों का ही निर्माण हो सका है। जिम्मेदारों को अक्टूबर 2019 तक 2.90 लाख शौचालयों का निर्माण करना है।
जिले के 14 ब्लॉकों में स्वच्छता अभियान के तहत स्वच्छता समिति गठित की गई हैं। समिति के अध्यक्ष डीएम और उपाध्यक्ष सीडीओ तथा सचिव जिला पंचायत राज अधिकारी हैं। जिला स्तर की इस समिति के नीचे ब्लॉक स्तर पर भी स्वच्छता समिति है। जिसे बीडीओ के नेतृत्व में गठित किया गया है। इसके सचिव एडीओ पंचायत होते हैं। जिले के स्वच्छता अभियान के तहत दो अक्टूबर 2014 को इस योजना की शुरुआत की गई। कुल 2.90 लाख शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य 2019 तक के लिए निर्धारित किया गया है। सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में तीन साल से अधिक का समय बीत गया लेकिन लक्ष्य के सापेक्ष उपलब्धि मात्र 66 हजार तक पहुंच सकी है।
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19 माह में बनाने होंगे 2.24 लाख शौचालय
निर्धारित लक्ष्य में सिर्फ 19 माह बचे हैं जिसमें विभाग को 2.24 लाख शौचालयों का निर्माण कराना है। जिला पंचायत राज विभाग शौचालय निर्माण को लेकर निश्चिंत है। शौचालय निर्माण के लिए जो व्यवस्था है उसके तहत निर्माण के बाद संबंधित को मानक के अनुसार शौचालय बनवाने पर 12 हजार रुपये विभाग देता है। यह धन सर्वे के बाद लाभार्थी के खाते में जाता है। अपने जिले में इस योजना के तहत करीब 12 करोड़ रुपये लाभार्थियों के बकाया हैं, जो बजट के अभाव में विभाग ने नहीं दिया है।
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हर हाल में पूरा होगा लक्ष्य
जिला पंचायत राज अधिकारी शिवशंकर सिंह ने कहा कि शौचालय निर्माण को लेकर विभाग पूरी तरह संवेदनशील है। जो लक्ष्य तय किया गया है वह हर हाल में समय सीमा के भीतर पूरा हो जाएगा। लाभार्थियों के बकाया की बात स्वीकारते हुए कहा कि 12 करोड़ रुपये बाकी हैं। बजट आते ही संबंधित के खाते में धन पहुंच जाएगा।