फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   To consume 250 quintals of paddy, smearing started

Basti News: ढाई सौ क्विंंटल धान खपाने के लिए शुरू हो गई लीपापोती

Sun, 28 May 2023 12:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Sun, 28 May 2023 12:43 AM IST
विज्ञापन
To consume 250 quintals of paddy, smearing started
बस्ती। सदर ब्लॉक के क्रय विक्रय सहकारी समिति खदरा केंद्र पर ढाई सौ क्विंटल धान का बकाया पाए जाने के मामले में लीपापोती शुरू हो गई है। संबंधित मिल ने केंद्र प्रभारी का बकाया जमा करने की संस्तुति तो कर दी है लेकिन यह अपराध किसने और क्यों किया। इस पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। ई भी जिम्मेदार अधिकारी कुछ भी साफ बताने को तैयार नहीं है।
विज्ञापन

---
यह था पूरा मामला
दो मई को सदर ब्लॉक के सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) ने पीसीएफ के विभागीय अधिकारियों को जानकारी दी थी कि न्यूनतम मूल्य समर्थन योजना के तहत ऑनलाइन धान खरीद की सूचना के अनुसार क्रय विक्रय सहकारी समिति लिमिटेड खदरा के केंद्र प्रभारी संजय कुमार ने 104 किसानों से 995.832 मीटिक टन धान खरीद किया है। जिसके सापेक्ष आवंटित मिल को 970.832 एमटी धान की डिलीवरी किया गया है। शेष 25 एमटी यानी कि ढाई सौ क्विंटल धान क्रय केंद्र प्रभारी ने आवंटित मिल को डिलीवर नहीं कराया है। इस सूचना के आधार पर खदरा केंद्र के धान का सत्यापन करवाया गया तो पता चला कि उसने तो धान बनकटी स्थित एक मिलर्स को दे दिया है और रसीद भी जारी हो चुकी है। यह सब पोर्टल की गड़बड़ी मानी गई और मामला साइबर क्राइम से जुड़े होने के कारण एआर आशीष श्रीवास्तव ने विधिवत जांच करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया था। ताकि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो और इस तरह की गड़बड़ी करने वालों का खुलासा कर उन्हें दंडित किया जा सके।
विज्ञापन

---
केंद्र प्रभारी ने दिए थे पुख्ता सबूत
क्रय विक्रय सहकारी समिति लिमिटेड खदरा के केंद्र प्रभारी संजय कुमार ने एडीओ सहकारिता के आरोप के जवाब में 4 मई को पत्र देकर अपना पक्ष रखा था और पुख्ता प्रमाण भी दिए थे। स्टॉक रजिस्टर में कुल 104 किसानों से 995.832 एमटह धान खरीद किया गया था, जिसके सापेक्ष 995.832 एमटी धान आवंटित मिलों को भेज दिया गया था। जिसे संबंधित मिल ने स्वीकार भी कर लिया था। बावजूद इसके 2 मई को पीसीएफ की ओर से ऑनलाइन पोर्टल पर खदरा केंद्र के ऊपर 250 क्विंटल धान का बकाया दिखाई दे रहा था। वहीं केंद्र प्रभारी ने 11 अप्रैल 2023 व 26 अप्रैल 2023 के पोर्टल की सूचना को भी उपलब्ध कराया था। जिसके अनुसार शतप्रतिशत धान की बनकटी मिल की ओर से रिसीविंग दिखाई जा चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
स्वीकार के बाद नहीं हो सकता अस्वीकृत
खाद्य विभाग से जुड़े अधिकारियों के अनुसार पोर्टल पर दर्ज होने के बाद उसे अस्वीकृत करने का अधिकार किसी के पास नहीं रह जाता है। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया था कि जब केंद्र पर 11 व 26 अप्रैल को समस्त स्टाॅक शून्य हो गया था और सभी स्टाॅक मिलों ने स्वीकार भी कर लिया तो अचानक 2 मई को 25 एमटी धान का स्टाॅक कैसे बकाया दिखने लगा। जबकि स्टाॅक स्वीकृत होने के बाद अस्वीकृत नहीं किया जा सकता। यह प्रकरण एक गंभीर साइवर क्राइम की श्रेणी में दिखाई पड़ रहा है। इससे जिले में अस्वीकृत करने की एक नई परंपरा का जन्म होगा और जनपद का अन्य कोई भी केंद्र प्रभारी प्रभावित हो सकता है। ऐसी स्थिति में प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए इसमें लिप्त दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई के लिए अधिकारियों को पत्र भेजा जा चुका है।

---
मिल ने पोर्टल पर धान रिसीविंग देर से दर्ज करवाई है। इसकी जांच करवाई जा रही है। साइबर क्राइम की आशंका को देखते हुए संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों से भी पूछताछ जा रही है। - दुर्गेश प्रसाद, आरएफसी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed