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Basti News: गवाह को मारपीट कर धमकाने में सात को तीन साल की कैद
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अपर जिला जज / फास्ट ट्रैक द्वितीय के न्यायाधीश विजय कुमार कटियार की अदालत ने मारपीट के मामले में सात लोगों को तीन-तीन वर्ष की सजा और प्रत्येक को 10.5 हजार रुपये अर्थदंड अदा करने का हुक्म दिया है।
अभियुक्तों में हौसिला प्रसाद, नरेंद्र तिवारी, सियाराम वर्मा, लालबहादुर, दिनेश कुमार तिवारी, करुणाकर व कार्तिकेय शामिल हैं। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह पंद्रह दिन की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
एडीजीसी लक्ष्मीकांत द्विवेदी ने अदालत को बताया कि परशुरामपुर थाना क्षेत्र के वस्थनवा निवासी संतोष तिवारी मौजा हलवइया चक के रंगनाथ औझा के यहां पड़ी डकैती में गवाह हैं। उसमें करूणाकर, सियाराम, और दिनेश मुल्जिमान हैं।
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ये लोग बार-बार अपने पक्ष में प्रार्थी से बयान देने के लिए दबाव डाल रहे थे, लेकिन प्रार्थी तैयार नहीं हुआ उसी रंजिश को लेकर 18 जून 2009 को करीब 9:00 बजे सुबह वस्थनवा चौराहे पर संतोष तिवारी अपनी दुकान खोलकर दुकान में बैठा था। अचानक एक राय होकर लाठी, डंडा, भाला, फरसा, सरिया लेकर आरोपी दुकान में घुसकर मारने लगे।
पुलिस ने केस दर्ज कर सभी के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। न्यायाधीश ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सजा का हुक्म दिया है।
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बस्ती। अपर जिला जज / फास्ट ट्रैक द्वितीय के न्यायाधीश विजय कुमार कटियार की अदालत ने मारपीट के मामले में सात लोगों को तीन-तीन वर्ष की सजा और प्रत्येक को 10.5 हजार रुपये अर्थदंड अदा करने का हुक्म दिया है।
अभियुक्तों में हौसिला प्रसाद, नरेंद्र तिवारी, सियाराम वर्मा, लालबहादुर, दिनेश कुमार तिवारी, करुणाकर व कार्तिकेय शामिल हैं। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह पंद्रह दिन की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
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एडीजीसी लक्ष्मीकांत द्विवेदी ने अदालत को बताया कि परशुरामपुर थाना क्षेत्र के वस्थनवा निवासी संतोष तिवारी मौजा हलवइया चक के रंगनाथ औझा के यहां पड़ी डकैती में गवाह हैं। उसमें करूणाकर, सियाराम, और दिनेश मुल्जिमान हैं।
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ये लोग बार-बार अपने पक्ष में प्रार्थी से बयान देने के लिए दबाव डाल रहे थे, लेकिन प्रार्थी तैयार नहीं हुआ उसी रंजिश को लेकर 18 जून 2009 को करीब 9:00 बजे सुबह वस्थनवा चौराहे पर संतोष तिवारी अपनी दुकान खोलकर दुकान में बैठा था। अचानक एक राय होकर लाठी, डंडा, भाला, फरसा, सरिया लेकर आरोपी दुकान में घुसकर मारने लगे।
पुलिस ने केस दर्ज कर सभी के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। न्यायाधीश ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सजा का हुक्म दिया है।