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हाइवे पर महिला से गैंगरेप का मामला ः पुलिस के खुलासे पर सवाल
ब्यूरो, अमर उजाला बस्ती
Updated Fri, 16 Oct 2015 11:54 PM IST
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हाइवे पर दरिंदगी का शिकार हुई नगर थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला ने
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घटना के खुलासे को फर्जी बताकर पुलिस को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
उसने कहा कि नगर थाने के बड़े दरोगा ने उसे सात लाख रुपये का लालच देकर कहा कि मुल्जिम नहीं मिल रहे हैं पति को ही गुनहगार बता दो, पति को हम बचा लेंगे और तुम्हें सात लाख रुपये की सरकार से आर्थिक मदद भी दिला देंगे। महिला के बदले बयान से पुलिस हैरत में है, उसकी साख को भी बट्टा लग रहा है।
एसपी कृपाशंकर सिंह ने गुरुवार को हाइवे पर दरिंदगी का शिकार हुई महिला के मामले का खुलासा करते हुए उसके महिला के पति को ही गुनहगार बताते हुए मीडिया के सामने पेश कराया था।
उनके अनुसार महिला ने मेडिकल कालेज में पुलिस और बाद में कोर्ट के सामने बयान देकर कहा था कि उसके साथ हैवानियत किसी और ने नहीं बल्कि उसके पति ने की थी।
पति राघव ने भी अपना गुनाह कबूल किया था, मीडिया के लाख कुरेदनेे के बाद भी राघव यही कहता रहा कि उसकी पत्नी का चरित्र ठीक नहीं था, ऐसे में उसने उससे प्रतिशोध लिया।
इसके विपरीत घटना के खुलासे के बाद महिला को जैसे ही पता चला कि पुलिस ने उसके पति को जेल भेज दिया, उसने घटना के खुलासे को फर्जी बताते हुए कहा कि सब बड़े दरोगा का किया धरा है। वह मेडिकल कालेज में जब उसके पास गए थे तो उससे और उसके पति से कहा था कि मुल्जिम नहीं मिल रहे हैं।
ऐसे में राघव खुद इस घटना की जिम्मेदारी ले तो सात लाख रुपये सरकार की तरफ से मिल जाएंगे और राघव को भी बाद में बचा लिया जाएगा। पुलिस की धमकी और पति को कुछ न होने के साथ ही सात लाख रुपये मिलने की बात में आकर उसने पुलिस के दबाव में बयान दिया।
पुलिस के कहने पर ही उसने कोर्ट में भी बयान दिया। महिला ने कहा कि वह पति को बचाने के हर कोशिश करूंगी।
दिखाने के बाद भी आरोपी गिरफ्त से बाहर ःपीड़िता ने कहा कि उसके साथ हैवानियत करने वालों को वह पहचानती है। वह डीसीएम चालक और एक अन्य है। 11 अक्टूबर को उसने उन्हे देखकर पुलिस को बताया भी था कि उसके साथ घटना को अंजाम देने वाले यही थे, मगर पुलिस ने कहा कि ऐसा कहोगी तो तुम्हारा सात लाख का चेक नहीं आएगा।
पीड़ित महिला झूठ बोल रही है: एसपी कृपाशंकर सिंह ने कहा कि घटना स्थल से उसके पति की चप्पल बरामद होना, उसके पति की ओर से लोहे की उस सरिया को बरामद कराना जिससे उसे नुकसान पहुंचाया गया था और महिला का उपचार करने वाले डाक्टर का बयान साबित करता है कि उसके पति ने ही घटना को अंजाम दिया है।
कहा कि कोर्ट में तो पुलिस का दबाव नहीं था, वहां वह सच बता सकती थी। उसके पति ने सबके सामने अपना गुनाह कबूल किया है।
उसने कहा कि नगर थाने के बड़े दरोगा ने उसे सात लाख रुपये का लालच देकर कहा कि मुल्जिम नहीं मिल रहे हैं पति को ही गुनहगार बता दो, पति को हम बचा लेंगे और तुम्हें सात लाख रुपये की सरकार से आर्थिक मदद भी दिला देंगे। महिला के बदले बयान से पुलिस हैरत में है, उसकी साख को भी बट्टा लग रहा है।
एसपी कृपाशंकर सिंह ने गुरुवार को हाइवे पर दरिंदगी का शिकार हुई महिला के मामले का खुलासा करते हुए उसके महिला के पति को ही गुनहगार बताते हुए मीडिया के सामने पेश कराया था।
उनके अनुसार महिला ने मेडिकल कालेज में पुलिस और बाद में कोर्ट के सामने बयान देकर कहा था कि उसके साथ हैवानियत किसी और ने नहीं बल्कि उसके पति ने की थी।
पति राघव ने भी अपना गुनाह कबूल किया था, मीडिया के लाख कुरेदनेे के बाद भी राघव यही कहता रहा कि उसकी पत्नी का चरित्र ठीक नहीं था, ऐसे में उसने उससे प्रतिशोध लिया।
इसके विपरीत घटना के खुलासे के बाद महिला को जैसे ही पता चला कि पुलिस ने उसके पति को जेल भेज दिया, उसने घटना के खुलासे को फर्जी बताते हुए कहा कि सब बड़े दरोगा का किया धरा है। वह मेडिकल कालेज में जब उसके पास गए थे तो उससे और उसके पति से कहा था कि मुल्जिम नहीं मिल रहे हैं।
ऐसे में राघव खुद इस घटना की जिम्मेदारी ले तो सात लाख रुपये सरकार की तरफ से मिल जाएंगे और राघव को भी बाद में बचा लिया जाएगा। पुलिस की धमकी और पति को कुछ न होने के साथ ही सात लाख रुपये मिलने की बात में आकर उसने पुलिस के दबाव में बयान दिया।
पुलिस के कहने पर ही उसने कोर्ट में भी बयान दिया। महिला ने कहा कि वह पति को बचाने के हर कोशिश करूंगी।
दिखाने के बाद भी आरोपी गिरफ्त से बाहर ःपीड़िता ने कहा कि उसके साथ हैवानियत करने वालों को वह पहचानती है। वह डीसीएम चालक और एक अन्य है। 11 अक्टूबर को उसने उन्हे देखकर पुलिस को बताया भी था कि उसके साथ घटना को अंजाम देने वाले यही थे, मगर पुलिस ने कहा कि ऐसा कहोगी तो तुम्हारा सात लाख का चेक नहीं आएगा।
पीड़ित महिला झूठ बोल रही है: एसपी कृपाशंकर सिंह ने कहा कि घटना स्थल से उसके पति की चप्पल बरामद होना, उसके पति की ओर से लोहे की उस सरिया को बरामद कराना जिससे उसे नुकसान पहुंचाया गया था और महिला का उपचार करने वाले डाक्टर का बयान साबित करता है कि उसके पति ने ही घटना को अंजाम दिया है।
कहा कि कोर्ट में तो पुलिस का दबाव नहीं था, वहां वह सच बता सकती थी। उसके पति ने सबके सामने अपना गुनाह कबूल किया है।