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Basti Flood: घटने लगा सरयू का जलस्तर, लेकिन खतरा जस का तस

Sat, 15 Oct 2022 04:08 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती।
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Sat, 15 Oct 2022 04:08 PM IST
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The water level of Saryu started decreasing, but the danger remains
विक्रमजोत क्षेत्र के में भरा बाढ़ का पानी । - फोटो : BASTI

 सरयू नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार रात से कम होना शुरू हो गया है। लेकिन, स्थिति में अभी कोई सुधार नहीं दिख रहा है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार शुक्रवार को जलस्तर हाईफ्लड लेेवल से करीब 24 सेमी नीचे 93.77 मीटर पर दर्ज किया गया। जो खतरे के निशान 92.73 से अब भी 1.04 मीटर ऊपर है। जलस्तर तेजी से घट रहा है आयोग का अनुमान है कि दो से तीन दिन में जलस्तर सामान्य हो जाएगा।

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दुबौलिया प्रतिनिधि के अनुसार बाढ़ प्रभावित गांव सुविकाबाबू, भूअरिया, मलिकपुर, अखनपुर, दक्षिण श्रीराम पुरवा, सतहा, बलुईया, 16 नंबर, अशोकपुर के कुल 14 पुरवे, विशुनदासपुर की अनुसूचित बस्ती, टकटकवा, पूरेमोतीराम, बसावनपुर, बानेपुर आदि पानी से घिरे हुए हैं। सामुदायिक रसोई के माध्यम से प्रशासन लगातार शरणार्थियों के लिए भोजन का प्रबंध किया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित गांवों में बिजली और मोबाइल का नेटवर्क नहीं आ रहा है। तमाम लोगों तक शुक्रवार को भी राहत सामग्री नहीं पहुंच पाई। प्रशासन पशुपालकों में भूसा वितरित कर रहा है। हर्रैया विधायक अजय सिंह, सांसद हरीश द्विवेदी, एडीएम कमलेशचंद्र, सीडीओ डॉ. राजेश प्रजापति लगातार गांवों का निरीक्षण कर लोगों को मदद मुहैया करा रहे हैं। टेढ़वा बांध पर स्वास्थ्य विभाग शिविर लगाकर दवाएं आदि वितरित कर रहा है।
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हर्रैया एसडीएम गुलाब चंद ने बताया कि शुक्रवार को 2,500 हजार लंच पैकेट और पांच हजार लाई व बिस्किट के पैकेट पीड़ितों के बीच वितरित किए गए। एसडीआरएफ व पीएसी की टीम बचाव कार्य में जुटी हुई है। पूर्व कैबिनेट मंत्री राम प्रसाद चौधरी ने भी बाढ़ पीड़ितों से मिलकर उनका हाल जाना।
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विक्रमजोत प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के माझा किता अव्वल, मड़ना माझा, दलपतपुर, जरही, कुड़निया, सहजौरा पूरे दुखी, अराजी भगला, चंदहा, पाही माफी, सरवरपुर, काशीपुर, अइलिया जुग्गाराम, चकिया, सलेमपुर, अराजीडूही, पिपरी संग्राम, बड़ागांव, अर्जुनपुर, नरसिंहपुर, लकड़ी पांडेय, लकड़ी दुबे, शंभूपुर, बेतावा माझा, पकड़ी संग्राम, खेमराजपुर, कन्हईपुर और तटबंध विहीन गांव संदलपुर, चानपुर, पड़ाव, कल्यानपुर, भरथापुर गांवों में जलस्तर कम होने के बावजूद राहत के आसार नहीं दिख रहे हैं।
 

मंडलायुक्त और डीआईजी ने वितरित की राहत सामग्री

मंडलायुक्त गोविंदराजू एनएस और डीआईजी आरके भारद्वाज ने शुक्रवार को कलवारी थानांतर्गत बाढ़ प्रभावित बैड़ारी एहत्माली, टेगारिया राजा और बैड़ारी मुस्तकाहम का जायजा लिया। अधिकारियों ने बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की। मंडलायुक्त ने सदर एसडीएम शैलेष दुबे को निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़ प्रभावित गांवों की गंभीरता से निगरानी कराएं। प्रतिदिन सफाई और एंटीलार्वा का छिड़काव कराएं। मच्छरों से बचाव के लिए फॉगिंग कराना सुनिश्चित करें। मौके पर नायब तहसीलदार केके मिश्रा, बीडीओ वर्षा बंग, प्रमुख प्रतिनिधि अनिल दुबे आदि मौजूद रहे।

निरीक्षण कर डीएम ने वितरित की राहत सामग्री
विक्रमजोत। क्षेत्र के संदलपुर गांव में दोपहर करीब 12:30 बजे डीएम प्रियंका निरंजन पहुंचीं। उन्होंने बाढ़ का दंश झेल रहे संदलपुर गांव का जायजा लिया और गांव के करीब 90 परिवारों में राहत सामग्री वितरित की। तहसीलदार इंद्रमणि तिवारी ने बताया कि शुक्रवार को 14 गांवों के करीब 2200 परिवारों को राहत सामग्री वितरित की गई। शेष लोगों में भी सामग्री वितरण कराया जा रहा है। मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी, सीडीओ डॉ. राजेश प्रजापति, बीडीओ विक्रमजोत अनिल यादव, परशुरामपुर डॉ. राजमंगल चौधरी आदि मौजूद रहे।

बाढ़ से खराब हुई सैकड़ों बीघा फसल, किसान चिंतित
दुबौलिया। बाढ़ के कारण सैकड़ों एकड़ फसल खराब हो गई हैं। खेतों में कमर तक पानी लगने से धान का सर्वाधिक नुकसान पहुंचा है। बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों की जीविका का मुख्य आधार खेती ही है। अशोकपुर निवासी अनिल कुमार ने बताया कि दस बीघे से अधिक धान की फसल को बाढ़ निगल गई। किसान संदीप चौहान बताते हैं कि फसल बढ़िया थ, लेकिन बाढ़ ने बड़ा नुकसान किया। करीब 12 बीघा फसल बर्बाद हो गई।

सुविकाबाबू निवासी किसान जीतमल बताते हैं कि सरयू मैया ने इस बार कहीं का नहीं छोड़ा। पूरी फसल बाढ़ के कारण खराब हो गई। आगे गृहस्थी कैसे चलेगी ये चिंता खाए जा रही है। भुअरिया निवासी रामतीरथ ने धान और गन्ना दोनों फसलें अच्छी थीं, लेकिन असमय बाढ़ ने खूब नुकसान किया। यही हाल बाढ़ प्रभावित गांव सुविकाबाबू, भुअरिया, टेढ़वा, मलिकपुर, सतहा, बलुईया, अखनपुर, विशुनदासपुर की अनुसूचित बस्ती सहित 30 गांवों का है। एसडीएम हर्रैया गुलाबचंद ने बताया पहले आपदा से निपट लिया जाए। इसके बाद फसल नुकसान का आंकलन कराकर क्षतिपूर्ति दिलाई जाएगी।

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