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Basti News: हत्यारोपी को साथ लेकर कुआनो में शव तलाशती रही पुलिस
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- मोहित यादव अपहरण व हत्याकांड के आरोपी इलहान को पुलिस ने लिया है रिमांड पर
- नदी में 10 किलोमीटर तक साढ़े पांच घंटे चलाया गया सर्च अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। पुलिस की कस्टडी में आते ही बहुचर्चित मोहित यादव अपहरण व हत्याकांड के मुख्य आरोपी इलहान की सिट्टी-पिट्टी गुम होती दिखी। एसडीआरएफ की टीम के साथ पुलिस उसे लेकर कुआनो नदी में उतरी। उसने चंगेरवा से एक किलोमीटर पूरब पुल के ऊपर से शव फेंकने की बात बताई है। इसलिए साढ़े पांच घंटे तक 10 किलोमीटर के दायरे में सर्च अभियान चलाया गया। हालांकि शाम छह बजे तक मोहित का शव बरामद नहीं हो सका।
पुलिस की पूछताछ में इलहान ने बताया कि 12 जुलाई को मोहित को चंगेरवा के पास मारापीटा गया। जब लगा कि उसकी मौत हो गई है तो बाकी लोग भाग लिए। इलहान और प्रिंस ने मिलकर मोहित यादव का शव काले रंग की सफारी में डाला और चंगेरवा से एक किलोमीटर पश्चिम कुआनो के पुल से पानी में फेंंक दिया। उस स्थान का नाम वह नहीं बता पाया लेकिन लोगों का कहना है कि पिपरा गौतम को जोड़ने वाले उस पुल को दबिला घाट पुल कहा जाता है।
कोतवाल विजय कुमार दुबे के अनुसार इलहान ने बताया कि शव को ठिकाने लगाने के बाद दोनों सफारी से निकले। थोड़ी दूरी जाने के बाद प्रिंस ने उसे गाड़ी से उतारकर कहीं जाकर छिप जाने के लिए कहा। इसके बाद वह भाग गया था। 10 अगस्त को दिन में 11 बजे तक के लिए उसका रिमांड पुलिस को मिला है इसलिए इस अवधि में पुलिस उससे तमाम राज उगलवाने के मूड में है।
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दिनदहाड़े हुआ था मोहित का अपहरण
बता दें कि कोतवाली क्षेत्र के पिकौरा दत्तुराय मोहल्ले में अविनाश सिंह के मकान में किराए पर रहने वाले माेहित यादव को 12 मई को अगवा कर हत्या कर दी गई थी। दिनदहाड़े अपहरण के बाद हत्या के इस केस में मोहित के मकान मालिक ने पांच नामजद व अन्य के खिलाफ तहरीर दी थी। सीसीटीवी फुटेज और गिरफ्तार आरोपियों के बयान के आधार पर इस केस में 20 नाम शामिल हो चुके हैं। इनमें इलहान, सत्यम गुप्ता, पुलकित जैन, मो. आशिफ इद्रीशी, अमित सिंह, विपिन गुप्ता, निवर्तमान छात्रसंघ अध्यक्ष आदित्य विक्रम सिंह, प्रेरित पाल उर्फ गोरख, अनुद्राक्ष पांडेय, मोनू जायसवाल, अमन गुप्ता, करन जायसवाल, सादिक उर्फ सुद्दू के अलावा प्रतीक मिश्रा , विवेक पाल और आशुतोष पाठक आदि की गिरफ्तारी हो चुकी है। हालांकि मोहित का शव बरामद नहीं हो सका।
इसलिए इलहान को पुलिस ने लिया रिमांड पर
गिरफ्तार आरोपियों ने यह तो कबूल किया था कि पिटाई के दौरान मोहित की मौत हो गई, लेकिन शव कहां फेंका गया इसकी पुख्ता जानकारी कोई नहीं दे पाया। सभी कहते रहे कि इलहान, प्रिंस और अभिषेक ही अंतिम समय तक मोहित के साथ थे। कुआनो में शव फेंकने की बात हुई थी लेकिन किस जगह से फेंका इसका पता नहीं। अनुमान के आधार पर चंगेरवा से बानपुर तक कई दिन कुआनो को एसडीआएफ की टीम ने मथा, लेकिन शव का पता नहीं चल पाया। इलहान की गिरफ्तारी के बाद पता चला कि चंगेरवा गांव से करीब एक किमी पश्चिम स्थित पुल के ऊपर से शव नदी में फेंका गया था।
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- नदी में 10 किलोमीटर तक साढ़े पांच घंटे चलाया गया सर्च अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। पुलिस की कस्टडी में आते ही बहुचर्चित मोहित यादव अपहरण व हत्याकांड के मुख्य आरोपी इलहान की सिट्टी-पिट्टी गुम होती दिखी। एसडीआरएफ की टीम के साथ पुलिस उसे लेकर कुआनो नदी में उतरी। उसने चंगेरवा से एक किलोमीटर पूरब पुल के ऊपर से शव फेंकने की बात बताई है। इसलिए साढ़े पांच घंटे तक 10 किलोमीटर के दायरे में सर्च अभियान चलाया गया। हालांकि शाम छह बजे तक मोहित का शव बरामद नहीं हो सका।
पुलिस की पूछताछ में इलहान ने बताया कि 12 जुलाई को मोहित को चंगेरवा के पास मारापीटा गया। जब लगा कि उसकी मौत हो गई है तो बाकी लोग भाग लिए। इलहान और प्रिंस ने मिलकर मोहित यादव का शव काले रंग की सफारी में डाला और चंगेरवा से एक किलोमीटर पश्चिम कुआनो के पुल से पानी में फेंंक दिया। उस स्थान का नाम वह नहीं बता पाया लेकिन लोगों का कहना है कि पिपरा गौतम को जोड़ने वाले उस पुल को दबिला घाट पुल कहा जाता है।
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कोतवाल विजय कुमार दुबे के अनुसार इलहान ने बताया कि शव को ठिकाने लगाने के बाद दोनों सफारी से निकले। थोड़ी दूरी जाने के बाद प्रिंस ने उसे गाड़ी से उतारकर कहीं जाकर छिप जाने के लिए कहा। इसके बाद वह भाग गया था। 10 अगस्त को दिन में 11 बजे तक के लिए उसका रिमांड पुलिस को मिला है इसलिए इस अवधि में पुलिस उससे तमाम राज उगलवाने के मूड में है।
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दिनदहाड़े हुआ था मोहित का अपहरण
बता दें कि कोतवाली क्षेत्र के पिकौरा दत्तुराय मोहल्ले में अविनाश सिंह के मकान में किराए पर रहने वाले माेहित यादव को 12 मई को अगवा कर हत्या कर दी गई थी। दिनदहाड़े अपहरण के बाद हत्या के इस केस में मोहित के मकान मालिक ने पांच नामजद व अन्य के खिलाफ तहरीर दी थी। सीसीटीवी फुटेज और गिरफ्तार आरोपियों के बयान के आधार पर इस केस में 20 नाम शामिल हो चुके हैं। इनमें इलहान, सत्यम गुप्ता, पुलकित जैन, मो. आशिफ इद्रीशी, अमित सिंह, विपिन गुप्ता, निवर्तमान छात्रसंघ अध्यक्ष आदित्य विक्रम सिंह, प्रेरित पाल उर्फ गोरख, अनुद्राक्ष पांडेय, मोनू जायसवाल, अमन गुप्ता, करन जायसवाल, सादिक उर्फ सुद्दू के अलावा प्रतीक मिश्रा , विवेक पाल और आशुतोष पाठक आदि की गिरफ्तारी हो चुकी है। हालांकि मोहित का शव बरामद नहीं हो सका।
इसलिए इलहान को पुलिस ने लिया रिमांड पर
गिरफ्तार आरोपियों ने यह तो कबूल किया था कि पिटाई के दौरान मोहित की मौत हो गई, लेकिन शव कहां फेंका गया इसकी पुख्ता जानकारी कोई नहीं दे पाया। सभी कहते रहे कि इलहान, प्रिंस और अभिषेक ही अंतिम समय तक मोहित के साथ थे। कुआनो में शव फेंकने की बात हुई थी लेकिन किस जगह से फेंका इसका पता नहीं। अनुमान के आधार पर चंगेरवा से बानपुर तक कई दिन कुआनो को एसडीआएफ की टीम ने मथा, लेकिन शव का पता नहीं चल पाया। इलहान की गिरफ्तारी के बाद पता चला कि चंगेरवा गांव से करीब एक किमी पश्चिम स्थित पुल के ऊपर से शव नदी में फेंका गया था।