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Basti News: बाढ़ से पहले बह गया नोज... मरम्मत कार्य अभी बाकी, बंधों पर चूहाें के बिल बरकरार
Thu, 29 Jun 2023 12:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 29 Jun 2023 12:42 AM IST
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दुबौलिया क्षेत्र में बढने लगा सरयू का जलस्तर। पारा गांव के सामने बाढ के पानी मे डूबी परवर वा अन
बस्ती। अभी बाढ़ आई न झमाझम बारिश हुई। केवल सरयू नदी के जलस्तर में बढ़त आंकी गई है। नदी का दबाव बढ़ते ही बुधवार को कटरिया-चांदपुर तटबंध के ठोकर नंबर एक का नोज एक मीटर की लंबाई में बह गया। यह हाल तब जबकि इस तटबंध के मरम्मत कार्य में इसी साल करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं। आसपास के लोगों को कहना है कि जब शुरुआती दौर में यह हाल है तो आगे क्या होगा? बहरहाल, तटबंधों का मरम्मत कार्य अभी बाकी है। जगह-जगह चूहों ने बांध को खोखला कर डाला है। रेनकट भी बरकरार है, जिन्हें भरा नहीं गया है। तटबंध पर चूहों के बिल खतरे को दावत दे रहे हैं। बारिश के दौरान कहां कितनी दूरी तक तटबंध धंस जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता है। टीम ने 40 किलोमीटर की लंबाई में तटबंध की पड़ताल की तो बाढ़ पूर्व तैयारियों की कलई खुल गई।
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कटरिया में नोज बहने से दहशत
सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार सरयू नदी का जलस्तर बुधवार को 90.570 मीटर दर्ज हुआ है। जबकि खतरे का निशान 92.730 मीटर पर है। नदी के बहाव में तेजी से दुबौलिया क्षेत्र के कटरिया-चांदपुर तटबंध के ठोकर नंबर एक का नोज एक मीटर की लंबाई में बुधवार की सुबह बह गया। जबकि यहां तटबंध की मरम्मत में इसी मई और जून में करोड़ों रुपये खर्च हुए हैं। यह हाल तब है जबकि अभी बारिश शुरू भी नहीं हुई है। बारिश के दौरान पानी भरने से बंधे पर चौतरफा दबाव रहता है। अभी तो केवल नदी के बहाव का पहला झटका था, जिसे तटबंध का नोज नहीं झेल पाया। हालांकि बाढ़ खंड की टीम मिट्टी की बोरियों के सहारे बचाव कार्य जुट गई है। दूसरी ओर तटबंध व नदी के बीच बसे तटवर्ती गांवों के नागरिकों की नींद उड़ गई है। सुविखाबाबू, टेढवा, विशुनदासपुर की अनुसूचित बस्ती, टकटकवा, आदि गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नदी का जलस्तर बढ़ने से पारा गांव के पास परवल सहित अन्य सब्जियों की फसल डूब गई है।
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गौरा-सैफाबाद तटबंध का मरम्मत बाकी
दुबौलिया क्षेत्र के गौरा-सैफाबाद तटबंध का मरम्मत कार्य निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी अभी पूरा नहीं हो सका है। मोजपुर गांव के सामने बन रहा ठोकर अधूरा है। इसी तटबंध के गौरा गांव के सामने बनाए जा रहे दोनों ठोकर भी पूर्ण नहीं किए गए हैं। वहीं पिछले वर्ष पारा, टकटकवा, पहड़वापुर बनाए गए ठोकरों के मरम्मत पर ध्यान ही नहीं दिया गया। चूहों ने इन ठोकरों को जगह-जगह खोखला कर डाला है। सरयू नदी का दबाव बढ़ते ही ये ठोकर कभी भी धंस सकते हैं। टकटकवा गांव के पास बना ठोकर काफी हद तक क्षतिग्रस्त है। जिससे तटबंध पर खतरा मंडराने लगा है।
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कलवारी क्षेत्र में चूहों ने वीडी बांध को किया खोखला
कलवारी क्षेत्र में सरयू नदी के किनारे बनाया गया वीडी बांध भी जर्जर हो गया है। फूलपुर-माझाकला के बीच चूहों ने बांध को खोखला कर दिया है। बाढ़ के समय जगह-जगह दिख रहे चूहों के बिल तटबंध के धंसने का कारण बन सकते हैं। यहां केवल फूलपुर के पास रिंग बांध का निर्माण हुआ है। शेष तटबंध का मरम्मत कार्य छोड़ दिया गया है।
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बाढ़ आई तो जलमग्न हो जाएंगे ये गांव, बढ़ जाएगी शहर से दूरी
वीडी बांध नदी से लगभग दो किलोमीटर दूर है। लेकिन बाढ़ के समय नदी का पानी तटबंध के टाप तक पहुंचता है। बारिश की कटान और चूहों के बिल के चलते अक्सर तटबंध बह जाता है। इससे माझा कला, फूलपुर, विजौरा, मिश्रौलिया, चरकैला, गोसईसीपुर, गंगापुर, बैडारी, टेंगरिहा राजा, चिलवनिया, मईपुर, गंगापुर, महुआपार और माझा उल्टहवा जलमग्न रहता है। फिर शहर से इन गांवों की दूरी बढ़ जाती है। यहीं नहीं इस तटबंध के क्षतिग्रस्त होने में अवैध बालू लदी ट्रालियों का आवागमन भी मुख्य कारण है। ग्रामीणों का कहना है कि हर बार बारिश शुरू होने के बाद विभाग को मरम्मत कार्य याद आता है। इस समय चरकैला से पश्चिम माझा कला तक तटबंध की की मरम्मत मिट्टी गिराकर की जा रही है।
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पुराने बंधे पर चूहों ने बना दिया गड्ढा
कुदरहा क्षेत्र के पुराने बंधे पर वर्तमान में रामजानकी मार्ग का निर्माण हुआ है। यहां पिपरपाती गांव के पास मुख्य मार्ग के किनारे चूहों ने गड्ढा बना दिया है। सड़क के दोनों तरफ बारिश की कटान भी देखी जा रही है। ऐसे में बारिश के समय बाढ़ का दबाव बढ़ते ही यहां मुख्य मार्ग के धंसने की आशंका है।
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फूलपुर-माझाकला के बीच तटबंध की हालत ज्यादा खराब है। यहां मरम्मत कार्य नहीं हुआ है। नदी का जलस्तर बढ़ा तो खतरा बढ़ जाएगा। बाढ़ से गांवों को सुरक्षित नहीं कर मिलेगा। -सूर्यभान, उमरिया।
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समय रहते तटबंधों की मरम्मत नहीं की जाती है। सड़क भी चलने लायक नहीं रहती है। बालू लदी गाड़िया तटबंध पर पूरी रात चलती रहती है। जिससे वह क्षतिग्रस्त हो जाता है। -डाॅ. उदयराज यादव, चरकैला।
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करीब पांच साल पूर्व वीडी बांध पर सड़क बनी थी। हर साल बरसात में जहाँ-तहाँ सड़क की पटरियां क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। इस बार भी ऐसी ही हालत हुई है। -दिलीप कुमार, कलवारी।
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हम लोग तटबंध के रास्ते आते जाते हैं। पिच रोड बनने से बंधे पर वाहनों का दबाव है। बारिश होने पर इन गड्ढों से जब वाहन गुजरेंगे तो बंधे को बचाना मुश्किल हो जाएगा। -मस्तराम राजभर, मिर्जापुर।
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तटबंध का मरम्मत कार्य लगभग पूर्ण है। गौरा-सैफाबाद तटबंध पर कार्य चल रहा है। इसे भी शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा। कटरिया में नोज बहने की कोई जानकारी नहीं है। वहां ठोकर की मरम्मत के लिए टीम भेजी गई है। -दिनेश कुमार, एक्सईएन, बाढ़खंड।
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कटरिया में नोज बहने से दहशत
सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार सरयू नदी का जलस्तर बुधवार को 90.570 मीटर दर्ज हुआ है। जबकि खतरे का निशान 92.730 मीटर पर है। नदी के बहाव में तेजी से दुबौलिया क्षेत्र के कटरिया-चांदपुर तटबंध के ठोकर नंबर एक का नोज एक मीटर की लंबाई में बुधवार की सुबह बह गया। जबकि यहां तटबंध की मरम्मत में इसी मई और जून में करोड़ों रुपये खर्च हुए हैं। यह हाल तब है जबकि अभी बारिश शुरू भी नहीं हुई है। बारिश के दौरान पानी भरने से बंधे पर चौतरफा दबाव रहता है। अभी तो केवल नदी के बहाव का पहला झटका था, जिसे तटबंध का नोज नहीं झेल पाया। हालांकि बाढ़ खंड की टीम मिट्टी की बोरियों के सहारे बचाव कार्य जुट गई है। दूसरी ओर तटबंध व नदी के बीच बसे तटवर्ती गांवों के नागरिकों की नींद उड़ गई है। सुविखाबाबू, टेढवा, विशुनदासपुर की अनुसूचित बस्ती, टकटकवा, आदि गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नदी का जलस्तर बढ़ने से पारा गांव के पास परवल सहित अन्य सब्जियों की फसल डूब गई है।
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गौरा-सैफाबाद तटबंध का मरम्मत बाकी
दुबौलिया क्षेत्र के गौरा-सैफाबाद तटबंध का मरम्मत कार्य निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी अभी पूरा नहीं हो सका है। मोजपुर गांव के सामने बन रहा ठोकर अधूरा है। इसी तटबंध के गौरा गांव के सामने बनाए जा रहे दोनों ठोकर भी पूर्ण नहीं किए गए हैं। वहीं पिछले वर्ष पारा, टकटकवा, पहड़वापुर बनाए गए ठोकरों के मरम्मत पर ध्यान ही नहीं दिया गया। चूहों ने इन ठोकरों को जगह-जगह खोखला कर डाला है। सरयू नदी का दबाव बढ़ते ही ये ठोकर कभी भी धंस सकते हैं। टकटकवा गांव के पास बना ठोकर काफी हद तक क्षतिग्रस्त है। जिससे तटबंध पर खतरा मंडराने लगा है।
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कलवारी क्षेत्र में चूहों ने वीडी बांध को किया खोखला
कलवारी क्षेत्र में सरयू नदी के किनारे बनाया गया वीडी बांध भी जर्जर हो गया है। फूलपुर-माझाकला के बीच चूहों ने बांध को खोखला कर दिया है। बाढ़ के समय जगह-जगह दिख रहे चूहों के बिल तटबंध के धंसने का कारण बन सकते हैं। यहां केवल फूलपुर के पास रिंग बांध का निर्माण हुआ है। शेष तटबंध का मरम्मत कार्य छोड़ दिया गया है।
बाढ़ आई तो जलमग्न हो जाएंगे ये गांव, बढ़ जाएगी शहर से दूरी
वीडी बांध नदी से लगभग दो किलोमीटर दूर है। लेकिन बाढ़ के समय नदी का पानी तटबंध के टाप तक पहुंचता है। बारिश की कटान और चूहों के बिल के चलते अक्सर तटबंध बह जाता है। इससे माझा कला, फूलपुर, विजौरा, मिश्रौलिया, चरकैला, गोसईसीपुर, गंगापुर, बैडारी, टेंगरिहा राजा, चिलवनिया, मईपुर, गंगापुर, महुआपार और माझा उल्टहवा जलमग्न रहता है। फिर शहर से इन गांवों की दूरी बढ़ जाती है। यहीं नहीं इस तटबंध के क्षतिग्रस्त होने में अवैध बालू लदी ट्रालियों का आवागमन भी मुख्य कारण है। ग्रामीणों का कहना है कि हर बार बारिश शुरू होने के बाद विभाग को मरम्मत कार्य याद आता है। इस समय चरकैला से पश्चिम माझा कला तक तटबंध की की मरम्मत मिट्टी गिराकर की जा रही है।
पुराने बंधे पर चूहों ने बना दिया गड्ढा
कुदरहा क्षेत्र के पुराने बंधे पर वर्तमान में रामजानकी मार्ग का निर्माण हुआ है। यहां पिपरपाती गांव के पास मुख्य मार्ग के किनारे चूहों ने गड्ढा बना दिया है। सड़क के दोनों तरफ बारिश की कटान भी देखी जा रही है। ऐसे में बारिश के समय बाढ़ का दबाव बढ़ते ही यहां मुख्य मार्ग के धंसने की आशंका है।
फूलपुर-माझाकला के बीच तटबंध की हालत ज्यादा खराब है। यहां मरम्मत कार्य नहीं हुआ है। नदी का जलस्तर बढ़ा तो खतरा बढ़ जाएगा। बाढ़ से गांवों को सुरक्षित नहीं कर मिलेगा। -सूर्यभान, उमरिया।
समय रहते तटबंधों की मरम्मत नहीं की जाती है। सड़क भी चलने लायक नहीं रहती है। बालू लदी गाड़िया तटबंध पर पूरी रात चलती रहती है। जिससे वह क्षतिग्रस्त हो जाता है। -डाॅ. उदयराज यादव, चरकैला।
करीब पांच साल पूर्व वीडी बांध पर सड़क बनी थी। हर साल बरसात में जहाँ-तहाँ सड़क की पटरियां क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। इस बार भी ऐसी ही हालत हुई है। -दिलीप कुमार, कलवारी।
हम लोग तटबंध के रास्ते आते जाते हैं। पिच रोड बनने से बंधे पर वाहनों का दबाव है। बारिश होने पर इन गड्ढों से जब वाहन गुजरेंगे तो बंधे को बचाना मुश्किल हो जाएगा। -मस्तराम राजभर, मिर्जापुर।
तटबंध का मरम्मत कार्य लगभग पूर्ण है। गौरा-सैफाबाद तटबंध पर कार्य चल रहा है। इसे भी शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा। कटरिया में नोज बहने की कोई जानकारी नहीं है। वहां ठोकर की मरम्मत के लिए टीम भेजी गई है। -दिनेश कुमार, एक्सईएन, बाढ़खंड।

दुबौलिया क्षेत्र में बढने लगा सरयू का जलस्तर। पारा गांव के सामने बाढ के पानी मे डूबी परवर वा अन

दुबौलिया क्षेत्र में बढने लगा सरयू का जलस्तर। पारा गांव के सामने बाढ के पानी मे डूबी परवर वा अन

दुबौलिया क्षेत्र में बढने लगा सरयू का जलस्तर। पारा गांव के सामने बाढ के पानी मे डूबी परवर वा अन

दुबौलिया क्षेत्र में बढने लगा सरयू का जलस्तर। पारा गांव के सामने बाढ के पानी मे डूबी परवर वा अन

दुबौलिया क्षेत्र में बढने लगा सरयू का जलस्तर। पारा गांव के सामने बाढ के पानी मे डूबी परवर वा अन

दुबौलिया क्षेत्र में बढने लगा सरयू का जलस्तर। पारा गांव के सामने बाढ के पानी मे डूबी परवर वा अन