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Basti News: मियाद पूरी, 4.57 करोड़ की आईटीआई कार्यशाला का निर्माण अधूरा
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घुघसा गांव में बना ओवरहेड टैंक
बस्ती। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) बस्ती में छात्रों को आधुनिक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बन रही कार्यशाला का निर्माण निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी अधूरा है। 4.57 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित परियोजना का करीब 50 प्रतिशत ही काम पूरा हो सका है। परियोजना को 14 सितंबर 2026 तक पूरा किया जाना था।
आईटीआई में प्रशिक्षण लेने वाले छात्रों को बेहतर तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आधुनिक कार्यशाला और प्रशिक्षण हॉल का निर्माण कराया जा रहा है। इनके तैयार होने के बाद विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण के लिए सुविधाओं का विस्तार होने की उम्मीद है। हालांकि, निर्माण की धीमी गति के कारण परियोजना तय समय में पूरी नहीं हो सकी।
परियोजना की स्वीकृति व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के तहत मिली थी। निर्माण कार्य 14 जनवरी 2026 को शुरू कराया गया था। परियोजना को आठ महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। निर्माण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन को दी गई है।
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निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी कार्य करीब 50 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है। परियोजना के लिए कार्यदायी संस्था को अब तक 3.87 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। निर्माण पूरा नहीं होने से छात्रों को आधुनिक कार्यशाला और प्रशिक्षण हॉल की सुविधाओं के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा।
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आईटीआई में प्रशिक्षण लेने वाले छात्रों को बेहतर तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आधुनिक कार्यशाला और प्रशिक्षण हॉल का निर्माण कराया जा रहा है। इनके तैयार होने के बाद विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण के लिए सुविधाओं का विस्तार होने की उम्मीद है। हालांकि, निर्माण की धीमी गति के कारण परियोजना तय समय में पूरी नहीं हो सकी।
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परियोजना की स्वीकृति व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के तहत मिली थी। निर्माण कार्य 14 जनवरी 2026 को शुरू कराया गया था। परियोजना को आठ महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। निर्माण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन को दी गई है।
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निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी कार्य करीब 50 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है। परियोजना के लिए कार्यदायी संस्था को अब तक 3.87 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। निर्माण पूरा नहीं होने से छात्रों को आधुनिक कार्यशाला और प्रशिक्षण हॉल की सुविधाओं के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा।