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महिला आयोग की सदस्यों ने सुनीं समस्याएं
basti
Updated Thu, 04 Oct 2018 12:07 AM IST
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समस्याएं सुनतीं आयोग की उपाध्यक्ष और सदस्य।
- फोटो : amar ujala
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बस्ती। उ.प्र. महिला आयोग की उपाध्यक्ष अंजू चौधरी व सदस्य सुनीता बंसल ने बुुधवार को महिला उत्पीड़न के मामलों की सुनवाई की। मामलों के निस्तारण का निर्देश जिम्मेदारों को दिया।
लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण गृह में समीक्षा के दौरान कहा कि महिलाओं के उत्पीड़न को लेकर आयोग गंभीर है। ऐसे में संबंधित अधिकारी महिलाओं की शिकायतों का निस्तारण सतर्कता व जिम्मेदारी से करें। सदस्य सुनील बंसल ने सीओ सिटी आलोक सिंह से दहेज उत्पीड़न, छेड़छाड़, दुष्कर्म आदि अपराधों के दर्ज मामलों के बारे में गहनता से जानकारी ली। निर्देश दिए कि प्रत्येक थानों पर एक महिला काउंसलर हों, जिससे महिलाएं निर्भीकता से अपनी पीड़ा/उत्पीड़न को बता सकें। ऐसे मामलों को संज्ञान में लेकर पुलिस प्रशासन तत्काल समन्वय स्थापित कर महिला को न्याय दिलाए। कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं में जागरूकता का अभाव है। ऐसे में वहां कैंप लगाकर जागरूकता लाने के प्रयास किए जाए, जिससे महिला वर्ग अपने अधिकारों के प्रति और सजग हो और वह किसी के शोषण/अत्याचार का शिकार न बन सकें। बताया गया कि जिले में 181 आशा ज्योति केन्द्र संचालित हैं। महिलाएं यहां अपनी समस्याएं दर्ज करा सकती हैं। समाज कल्याण अधिकारी व जिला प्रोबेशन अधिकारी ने जिले में शेल्टर होम की आवश्यकता बताई।
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लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण गृह में समीक्षा के दौरान कहा कि महिलाओं के उत्पीड़न को लेकर आयोग गंभीर है। ऐसे में संबंधित अधिकारी महिलाओं की शिकायतों का निस्तारण सतर्कता व जिम्मेदारी से करें। सदस्य सुनील बंसल ने सीओ सिटी आलोक सिंह से दहेज उत्पीड़न, छेड़छाड़, दुष्कर्म आदि अपराधों के दर्ज मामलों के बारे में गहनता से जानकारी ली। निर्देश दिए कि प्रत्येक थानों पर एक महिला काउंसलर हों, जिससे महिलाएं निर्भीकता से अपनी पीड़ा/उत्पीड़न को बता सकें। ऐसे मामलों को संज्ञान में लेकर पुलिस प्रशासन तत्काल समन्वय स्थापित कर महिला को न्याय दिलाए। कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं में जागरूकता का अभाव है। ऐसे में वहां कैंप लगाकर जागरूकता लाने के प्रयास किए जाए, जिससे महिला वर्ग अपने अधिकारों के प्रति और सजग हो और वह किसी के शोषण/अत्याचार का शिकार न बन सकें। बताया गया कि जिले में 181 आशा ज्योति केन्द्र संचालित हैं। महिलाएं यहां अपनी समस्याएं दर्ज करा सकती हैं। समाज कल्याण अधिकारी व जिला प्रोबेशन अधिकारी ने जिले में शेल्टर होम की आवश्यकता बताई।
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