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Basti News: मेडिकल कॉलेज के सेंट्रल लैब की मशीन खराब... जांच ठप
Thu, 29 Aug 2024 02:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 29 Aug 2024 02:42 AM IST
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- सेंट्रल और इमरजेंसी लैब में नहीं हो सकी बायोकेमिस्ट्री जांच
बस्ती। मेडिकल कॉलेज के ओपेक चिकित्सालय कैली में बुधवार को पैथोलॉजी में जांच ठप हो गई। इससे मरीज और तीमारदार को परेशान होना पड़ा। अस्पताल के इमरजेंसी लैब की बायोकेमिस्ट्री मशीन तीन दिन पहले खराब हुई थी। बुधवार को सेंट्रल लैब की भी बायोकेमेस्ट्री मशीन खराब हो गई।
लैब टेक्नीशियन ने बताया की सुबह मशीन ऑन करने के बाद बंद हो गई। इसके बाद जांच भी ठप हो गया। लैब के बाहर मरीजों की भीड़ लगने लगी। उन्हें मशीन खराब होने की जानकारी दी गई। बुधवार की सुबह ओपीडी में जांच के लिए पंजीकरण काउंटर पर अधिक भीड़ देखी गई। अधिकतर मरीज खून का नमूना देने के बाद बिना इलाज कराएलौट गए। गंभीर मरीजों को रुपये खर्च कर बाहर से जांच करानी पड़ी।
इमरजेंसी पैथोलॉजी में 24 घंटे में करीब 200 जांच की जाती है। लेकिन, तीन दिनों से बायोकेमिस्ट्री मशीन खराब होने से मरीजों की सांसत बढ़ गई है। कर्मचारियों ने बताया कि डिस्टल वाटर नहीं हैं।इससे इमरजेंसी की जांच सेंट्रल लैब में भेजी जा रही है। संवाद
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बस्ती। मेडिकल कॉलेज के ओपेक चिकित्सालय कैली में बुधवार को पैथोलॉजी में जांच ठप हो गई। इससे मरीज और तीमारदार को परेशान होना पड़ा। अस्पताल के इमरजेंसी लैब की बायोकेमिस्ट्री मशीन तीन दिन पहले खराब हुई थी। बुधवार को सेंट्रल लैब की भी बायोकेमेस्ट्री मशीन खराब हो गई।
लैब टेक्नीशियन ने बताया की सुबह मशीन ऑन करने के बाद बंद हो गई। इसके बाद जांच भी ठप हो गया। लैब के बाहर मरीजों की भीड़ लगने लगी। उन्हें मशीन खराब होने की जानकारी दी गई। बुधवार की सुबह ओपीडी में जांच के लिए पंजीकरण काउंटर पर अधिक भीड़ देखी गई। अधिकतर मरीज खून का नमूना देने के बाद बिना इलाज कराएलौट गए। गंभीर मरीजों को रुपये खर्च कर बाहर से जांच करानी पड़ी।
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इमरजेंसी पैथोलॉजी में 24 घंटे में करीब 200 जांच की जाती है। लेकिन, तीन दिनों से बायोकेमिस्ट्री मशीन खराब होने से मरीजों की सांसत बढ़ गई है। कर्मचारियों ने बताया कि डिस्टल वाटर नहीं हैं।इससे इमरजेंसी की जांच सेंट्रल लैब में भेजी जा रही है। संवाद
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