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Basti News: सदन में गूंजा अधिकारियों के सीयूजी फोन न उठने का मामला

Mon, 23 Feb 2026 01:33 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 23 Feb 2026 01:33 AM IST
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The issue of officers not picking up their CUG phones resonated in the House.
विधान परिषद में सवाल उठाते ​शिक्षक एमएलसी । स्रोत- सोशल मीडिया।
बस्ती। राज्य विधान परिषद के सदन में बजट सत्र के दौरान गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी की ओर से अधिकारियों का फोन न उठने का उछाला गया मुद्दा कुछ ही देर बस्ती तक चर्चा का विषय बन गया। शिक्षक विधायक का सदन में सवाल उठाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी इस वीडियो की पुष्टि नहीं करती है।
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सदन में मुद्दा उछालते हुए शिक्षक विधायक यह कहते हुए सुने जा रहे हैं कि बस्ती डीएम का सीयूजी नंबर नहीं उठता है। उन्होंने सदन में बताया कि एक आवश्यक जनहित कार्य के लिए बस्ती की डीएम को कई बार फोन किए। किसी ने कॉल रिसीव नहीं किया। काफी देर बाद में जब फोन रिसीव हुआ तो उधर से बोलने वाला व्यक्ति स्वयं को डीएम का अर्दली बताया। उन्होंने जब एमएलसी के रूप में अपना परिचय दिया तो उलटा अर्दली ने ही उनसे पूछ बैठा कि एमएलसी क्या होता है। उनके इस टिप्पणी के बाद सदन में कुछ सदस्य हंसने लगे। शिक्षक विधायक ने कहा कि अधिकारियों के इस तरह के आचरण पर अंकुश लगना चाहिए। यह उनके व्यक्तिगत सम्मान का प्रश्न नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों की गरिमा से जुड़ा मामला है।
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उन्होंने सभापति से आग्रह किया कि डीएम समेत सभी अधिकारियों को निर्देशित किया जाए कि जनप्रतिनिधियों के फोन का समय से उत्तर देना सुनिश्चित करें। हालांकि पूरे मामले में डीएम कृत्तिका ज्योत्सना ने सफाई देते हुए कहा कि जिस समय एमएलसी का फोन आया था वह उस समय निर्वाचन आयोग की वीडियो कांफ्रेंसिंग में व्यस्त रही। एमएलसी का इस आशय का वीडियो वायरल होने के बाद फोन न उठाने कई अधिकारियों की चर्चा भी तेजी लोगों की जुबां पर तैरने लगी।
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बीएसए भी नहीं उठाते हैं सीयूजी नंबर



कई जनप्रतिनिधियों एवं शिक्षक नेताओं ने कहा कि बीएसए अनूप तिवारी भी महत्वपूर्ण पद पर रहने के बाद सीयूजी नंबर नहीं उठाते हैं। जबकि उनके नेतृत्व में दो हजार परिषदीय विद्यालय और 13 कस्तूरबा विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। ऐसे में यदि कहीं से किसी शिक्षक, जनप्रतिनिधि या आम आदमी को किसी समस्या की जानकारी देनी होती है तो लोग फोन लगाते रह जाते हैं। उनकी इस आदत का अनुकरण जिले के कई बीएलओ भी करते हैं। जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
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