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Basti News: तय समयसीमा में नहीं बन पाया फोरलेन...अब हवा चली तो उड़ने लगी धूल
Fri, 07 Mar 2025 12:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 07 Mar 2025 12:10 AM IST
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बड़ेवन- कंपनीबाग निर्माणाधीन सड़क पर उड़ रही धूल, खुला नाला
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शहर की पहली फोरलेन सड़क 10 माह में बनकर तैयार होनी थी। इसकी लंबाई कुछ खास नहीं है। महज 1.750 किमी लंबी सड़क बनानी है, मगर साल भर से अधिक बीत गया, अभी सड़क का आधा हिस्सा भी नहीं बन सका है।
इधर वित्तीय सत्र भी आखिरी दौर में है। ऐसे में उपलब्ध बजट को खपाने का तानाबाना निर्माण की गुणवत्ता पर कहीं भारी न पड़ जाए। इसके अलावा मौसम भी बदल गया है। गिट्टियों की कुटाई के बाद उसके बुरादे धूल के साथ तेज हवा के झोंके में उड़ रहे हैं। इस मार्ग पर आजकल राह चलना दुश्वार है।
जनवरी 2024 में फोरलेन सड़क का निर्माण शुरू करा दिया गया था। अक्तूबर 2024 तक बड़ेवन से कंपनीबाग तक 16.50 करोड़ रुपये की लागत से इस सड़क को बनाकर तैयार कर देना था। निर्धारित अवधि छोड़िए, साल भर से अधिक का समय बीत गया, मगर अब तक इस सड़क का निर्माण आधा-अधूरा ही हो सका है। बड़ेवन से कटरा तक करीब 700 मीटर की दूरी में चौड़ीकरण के बाद सड़क का स्वरूप दिखने तो लगा है, मगर अंतिम कोट का पिचिंग बाकी है।
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यहां बीच में डिवाइडर का निर्माण भी कुछ हिस्से तक हो चुका है। इसके अलावा एक तरफ नाली निर्माण और सड़क की चौड़ाई बढ़ानी बाकी है। कटरा पानी की टंकी से कंपनीबाग तक यह सड़क उजाड़ जैसा दृश्य संजोए हैं। चौड़ाई बढ़ाने के लिए खोदे गए गड्ढे में अधिकतर जगह सिर्फ गिट्टियों की कुटाई कर छोड़ दिया गया है। इस पर पैचिंग कार्य न होने से स्थिति बिगड़ गई है। सुबह जैसे ही हवा का रुख तेज हो रहा है गिट्टियों के कण धूल के साथ उड़ने लगते हैं। यह खुले वाहनों से चलने वालों के आंखों में उड़कर पड़ रहा है। इसकी वजह से आंख के मरीज भी बढ़ गए हैं।
दोपहर के समय हवा चलने के दौरान इस मार्ग पर चलने लायक नहीं है। सड़क के ऊपर धूल का गुबार देखा जा रहा है। दुकानदार सोहन लाल ने बताया कि ठंडी के सीजन में गनीमत रही। हवा कम होने की वजह से गिट्टियों एवं मशीनों से धूल कम उड़ते थे। उम्मीद थी कि यह सड़क फरवरी तक हरहाल में बन जाएगी। लेकिन, मार्च आ गया।
अब फाल्गुनी बयार बहने लगी है। ऐसे में धूल उड़ने से दुकानदारी करना मुश्किल हो गया है। वहीं निशांत पांडेय ने कहा कि शुरूआत में शहर में फोरलेन सड़क बनने की बहुत खुशी थी। लेकिन, जब से यह बनना प्रारंभ हुआ मुसीबत बढ़ती गई। शुरूआत के दो-तीन माह पाइपलाइन एवं लाइन शिफ्टिंग के नाते बिजली-पानी की समस्या झेलनी पड़ी। ठंड के मौसम में भी निर्माण पूरा नहीं हो पाया।
अब हवा चलने लगी है तो दुकान और घरों में सड़क से धूल उड़कर पहुंच रही है। राहगीर अलग से परेशान हो रहे हैं।
यहां अटक गया है निर्माण ः कटरा से कंपनीबाग की ओर निर्माण की गति बेहद धीमी हो गई है। निर्माण एजेंसी अभी तहसील सदर का केवल नया बाउंड्रीवॉल भी तैयार कर सकी है। इसके अलावा सड़क की जद में आ रहे काली मंदिर, कंपनीबाग पुलिस बूथ के शिफ्टिंग का कार्य बाकी है। इस वजह से कुछ ही हिस्से में सड़क की चौड़ाई बढ़ पाई है।
यहां भी सिर्फ गिट्टी भराई का ही कार्य देखा जा रहा है। पैचिंग का कार्य अभी बाकी है। एक्सपर्ट बताते हैं कि इस सड़क को बनाने में अभी तीन से चार माह की अवधि लग सकती है।
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बस्ती। शहर की पहली फोरलेन सड़क 10 माह में बनकर तैयार होनी थी। इसकी लंबाई कुछ खास नहीं है। महज 1.750 किमी लंबी सड़क बनानी है, मगर साल भर से अधिक बीत गया, अभी सड़क का आधा हिस्सा भी नहीं बन सका है।
इधर वित्तीय सत्र भी आखिरी दौर में है। ऐसे में उपलब्ध बजट को खपाने का तानाबाना निर्माण की गुणवत्ता पर कहीं भारी न पड़ जाए। इसके अलावा मौसम भी बदल गया है। गिट्टियों की कुटाई के बाद उसके बुरादे धूल के साथ तेज हवा के झोंके में उड़ रहे हैं। इस मार्ग पर आजकल राह चलना दुश्वार है।
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जनवरी 2024 में फोरलेन सड़क का निर्माण शुरू करा दिया गया था। अक्तूबर 2024 तक बड़ेवन से कंपनीबाग तक 16.50 करोड़ रुपये की लागत से इस सड़क को बनाकर तैयार कर देना था। निर्धारित अवधि छोड़िए, साल भर से अधिक का समय बीत गया, मगर अब तक इस सड़क का निर्माण आधा-अधूरा ही हो सका है। बड़ेवन से कटरा तक करीब 700 मीटर की दूरी में चौड़ीकरण के बाद सड़क का स्वरूप दिखने तो लगा है, मगर अंतिम कोट का पिचिंग बाकी है।
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यहां बीच में डिवाइडर का निर्माण भी कुछ हिस्से तक हो चुका है। इसके अलावा एक तरफ नाली निर्माण और सड़क की चौड़ाई बढ़ानी बाकी है। कटरा पानी की टंकी से कंपनीबाग तक यह सड़क उजाड़ जैसा दृश्य संजोए हैं। चौड़ाई बढ़ाने के लिए खोदे गए गड्ढे में अधिकतर जगह सिर्फ गिट्टियों की कुटाई कर छोड़ दिया गया है। इस पर पैचिंग कार्य न होने से स्थिति बिगड़ गई है। सुबह जैसे ही हवा का रुख तेज हो रहा है गिट्टियों के कण धूल के साथ उड़ने लगते हैं। यह खुले वाहनों से चलने वालों के आंखों में उड़कर पड़ रहा है। इसकी वजह से आंख के मरीज भी बढ़ गए हैं।
दोपहर के समय हवा चलने के दौरान इस मार्ग पर चलने लायक नहीं है। सड़क के ऊपर धूल का गुबार देखा जा रहा है। दुकानदार सोहन लाल ने बताया कि ठंडी के सीजन में गनीमत रही। हवा कम होने की वजह से गिट्टियों एवं मशीनों से धूल कम उड़ते थे। उम्मीद थी कि यह सड़क फरवरी तक हरहाल में बन जाएगी। लेकिन, मार्च आ गया।
अब फाल्गुनी बयार बहने लगी है। ऐसे में धूल उड़ने से दुकानदारी करना मुश्किल हो गया है। वहीं निशांत पांडेय ने कहा कि शुरूआत में शहर में फोरलेन सड़क बनने की बहुत खुशी थी। लेकिन, जब से यह बनना प्रारंभ हुआ मुसीबत बढ़ती गई। शुरूआत के दो-तीन माह पाइपलाइन एवं लाइन शिफ्टिंग के नाते बिजली-पानी की समस्या झेलनी पड़ी। ठंड के मौसम में भी निर्माण पूरा नहीं हो पाया।
अब हवा चलने लगी है तो दुकान और घरों में सड़क से धूल उड़कर पहुंच रही है। राहगीर अलग से परेशान हो रहे हैं।
यहां अटक गया है निर्माण ः कटरा से कंपनीबाग की ओर निर्माण की गति बेहद धीमी हो गई है। निर्माण एजेंसी अभी तहसील सदर का केवल नया बाउंड्रीवॉल भी तैयार कर सकी है। इसके अलावा सड़क की जद में आ रहे काली मंदिर, कंपनीबाग पुलिस बूथ के शिफ्टिंग का कार्य बाकी है। इस वजह से कुछ ही हिस्से में सड़क की चौड़ाई बढ़ पाई है।
यहां भी सिर्फ गिट्टी भराई का ही कार्य देखा जा रहा है। पैचिंग का कार्य अभी बाकी है। एक्सपर्ट बताते हैं कि इस सड़क को बनाने में अभी तीन से चार माह की अवधि लग सकती है।