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खेलो इंडिया से बदलेगी स्टेडियम की सूरत, सात करोड़ का प्रस्ताव
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स्पोर्ट्स स्टेडिय बस्ती।
- फोटो : BASTI
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खेलो इंडिया से बदलेगी स्टेडियम की सूरत, सात करोड़ का प्रस्ताव
बस्ती। शहीद सत्यवान सिंह जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम की सूरत संवारने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए स्टेडियम प्रशासन ने सात करोड़ का प्रस्ताव खेलो इंडिया योजना में भेजा है। योजना के तहत होने वाले कार्यों पर बस्ती विकास प्राधिकरण के जिम्मेदारों की भी नजर है। प्रस्ताव की तैयारी से पहले इसका निरीक्षण कर प्राधिकरण ने मुहर लगा दी है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिली तो स्टेडियम के मुख्य गेट से लेकर भीतर तक कायाकल्प हो जाएगा।
स्टेडियम में कोरोना काल के दौरान बड़े-बड़े घास उग गए थे। खुलने पहले इसे साफ कराया गया, मगर ट्रैक की मिट्टी सख्त हो गई है। अब इस मिट्टी को बदलने की जरूरत है। स्टेडियम ग्राउंड में अन्य कार्य कराने की जरूरत है, जिससे मखमली घास पर खिलाड़ी प्रैक्टिस कर सकें। यहां दिन में तो खेल हो सकता है, मगर रात में स्टेडियम अंधेरे में डूब जाता है। इसके लिए दूधिया रोशनी की जरूरत है। इसके अलावा खुली सीढ़ियां दर्शकों को मुंह चिढ़ाती र्हैं। नाली की व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी मैदान में एकत्रित हो जाता है, जिससे कई-कई दिन तक खिलाड़ी प्रैक्टिस से वंचित हो जाते हैं। इन स्थितियों को बदलने को लेकर स्टेडियम प्रशासन कमर कस रहा है। इसके लिए जिला क्रीड़ाधिकारी संजय शर्मा ने प्रशासन के निर्देश पर प्रस्ताव बनाकर खेलो इंडिया को भेजा है।
जिला क्रीड़ाधिकारी संजय शर्मा ने बताया कि प्रस्ताव से स्टेडियम की सूरत बदल जाएगी। बगैर संसाधन खिलाड़ियों को दिक्कत हो रही है। इसे दूर करने के लिए बीडीए के अधिकारियों से बातचीत हुई है। वार्ता के बाद प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। संवाद
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बस्ती। शहीद सत्यवान सिंह जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम की सूरत संवारने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए स्टेडियम प्रशासन ने सात करोड़ का प्रस्ताव खेलो इंडिया योजना में भेजा है। योजना के तहत होने वाले कार्यों पर बस्ती विकास प्राधिकरण के जिम्मेदारों की भी नजर है। प्रस्ताव की तैयारी से पहले इसका निरीक्षण कर प्राधिकरण ने मुहर लगा दी है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिली तो स्टेडियम के मुख्य गेट से लेकर भीतर तक कायाकल्प हो जाएगा।
स्टेडियम में कोरोना काल के दौरान बड़े-बड़े घास उग गए थे। खुलने पहले इसे साफ कराया गया, मगर ट्रैक की मिट्टी सख्त हो गई है। अब इस मिट्टी को बदलने की जरूरत है। स्टेडियम ग्राउंड में अन्य कार्य कराने की जरूरत है, जिससे मखमली घास पर खिलाड़ी प्रैक्टिस कर सकें। यहां दिन में तो खेल हो सकता है, मगर रात में स्टेडियम अंधेरे में डूब जाता है। इसके लिए दूधिया रोशनी की जरूरत है। इसके अलावा खुली सीढ़ियां दर्शकों को मुंह चिढ़ाती र्हैं। नाली की व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी मैदान में एकत्रित हो जाता है, जिससे कई-कई दिन तक खिलाड़ी प्रैक्टिस से वंचित हो जाते हैं। इन स्थितियों को बदलने को लेकर स्टेडियम प्रशासन कमर कस रहा है। इसके लिए जिला क्रीड़ाधिकारी संजय शर्मा ने प्रशासन के निर्देश पर प्रस्ताव बनाकर खेलो इंडिया को भेजा है।
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जिला क्रीड़ाधिकारी संजय शर्मा ने बताया कि प्रस्ताव से स्टेडियम की सूरत बदल जाएगी। बगैर संसाधन खिलाड़ियों को दिक्कत हो रही है। इसे दूर करने के लिए बीडीए के अधिकारियों से बातचीत हुई है। वार्ता के बाद प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। संवाद
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