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Basti News: दिव्यता के आवरण में समूचा शहर...सड़कों पर श्रद्धालुओं का हुजूम
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गांधीनगर में दुर्गा पूजा मेला देखने को उमड़े लोग संवाद
- फोटो : Archive
बस्ती। समूचा शहर देवी दरबार के रूप में सज गया है। इलेक्ट्रॉनिक झालरों की रोशनी से दुर्गा पंडाल जगमग हो रहे हैं। दुर्गा प्रतिमाओं की बनावट ऐसी कि सामने से गुजरने वाला हर कोई शीश झुका रहा है। हर तरफ मेले की भव्यता देखते बन रही है। शाम ढलने के बाद दिव्यता के आवरण से शहर ढका हुआ है। सड़क पर श्रद्धालुओं का रेला चल रहा है।
महिलाएं, बच्चे, पुरुष, जवान हर कोई एक पंडाल से दूसरे पंडाल की तरफ बढ़ रहा है। जगह-जगह देवी गीतों की बौछार हो रही है। जयकारों की गूंज में श्रद्धालु भी झूमते नजर आ रहे हैं। दुर्गा पूजा के माहौल में भक्ति का अविरल प्रवाह भी है। सच्चे मन से लोग माता रानी के दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं। चौतरफा श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा हुआ है। प्रमुख मार्गों पर भीड़ इस कदर हैं कि वाहन निकलने की गुंजाइश नहीं है।
सड़क पर चल रहे रेला के बीच तीन से पांच किमी की दूरी लोग पैदल ही तय कर ले रहे हैं। उत्साह, उमंग लोगों के सिर माथे हैं। कंपनीबाग से लेकर रोडवेज तक और अस्पताल चौराहा से लेकर मंगलबाजार व सुर्तीहट्टा तक भीड़ पैदल चल रही है। आधी रात तक यह सिलसिला बना हुआ है। इसके बाद मेला थम रहा है। इस बीच प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी मेला क्षेत्र में पैदल गश्त करते हुए देखे जा रहे हैं। महिला एवं पुरुष पुलिस बल भीड़-भाड़ वाले स्थान पर मुस्तैद है।
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अब तो मेले में दूर-दराज से भीड़ पहुंचने लगी है। शहरियों के घर रिश्तेदारों से भर गए हैं। मड़वानगर के आशुतोष बताते हैं कि उनके घर पर डुमरियागंज से छह रिश्तेदार पहुंचे हैं। रात भर मेला देखने के बाद अगले दिन यह लोग अपने गंतव्य पर जाएंगे। वहीं पिकौरा बख्श के प्रभु दयाल बताते हैं कि आजकल मेला के नाते रिश्तेदारों की आवाजाही बनी हुई है। लोगों को मेला दिखाने के साथ खातिरदारी भी करनी पड़ रही है। मेले में स्थानीय जिले की भीड़ के अलावा पड़ोसी जनपदों के लोग भी पहुंच रहे हैं। जिनका ठौर-ठिकाना रिश्तेदारों एवं परिचितों का घर बन रहा है। कंपनीबाग, महरीखांवा, हनुमान गढ़ी के पास ज्यादा भीड़ एकत्र हो रही है। इसके अलावा सुर्तीहट्टा और अस्पताल चौराहा पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ हो रही है।
दिल्ली तक से आए कारोबारी, व्यापार हुआ चटख
मेले में व्यापार भी चटख हो गया है। दिल्ली, राजस्थान तक के फुटकर कारोबारी यहां पहुंचे हैं। सिम्मी ने बताया कि मेले में वह मैजिक बुक बेचने निकलती है। उनके साथ उनकी छोटी बहन और भाई भी यह बुक बेचने में मदद कर रहे हैं। उनका पूरा परिवार राजस्थान से यहां पहुंचा है। गौरीदत्त धर्मशाला में कमरा लेकर रह रहे हैं। वहीं खिलौने और चश्मे के फुटकर कारोबारी बिट्टू दिल्ली से आए हैं। बताते हैं कि उनकी टीम में चार लोग शामिल हैं। मेला क्षेत्र में अलग-अलग स्थान पर हम लोग अपनी दुकान लगा रहे हैं। रोजाना अच्छी खासी बिक्री हो रही है।
शाम ढलने के बाद फुटपाथ पर सज रही दुकानें
गांधीनगर, मालवीय मार्ग, अस्पताल चौराहा जैसे भीड़-भाड़ वाले स्थान पर शाम ढलने के बाद फुटपाथ किस्म-किस्म की दुकानें सज जा रही है। बच्चों के खिलौने से लेकर खाद्य सामग्री और महिलाओं के शृंगार तक की दुकानों की भरमार है। गांधीनगर मार्ग पर कंपनीबाग से दरिया खां मोड़ तक सड़क की दोनों पटरियों पर फुटकर दुकानें सजी हुई है। यहां अच्छी खासी खरीदारी भी हो रही है। पैदल चलने के दौरान थकान महसूस होने पर श्रद्धालु फास्ट फूड का भी खूब सेवन कर रहे हैं। विभिन्न तरह के पेय पदार्थ भी बिक रहे हैं।
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महिलाएं, बच्चे, पुरुष, जवान हर कोई एक पंडाल से दूसरे पंडाल की तरफ बढ़ रहा है। जगह-जगह देवी गीतों की बौछार हो रही है। जयकारों की गूंज में श्रद्धालु भी झूमते नजर आ रहे हैं। दुर्गा पूजा के माहौल में भक्ति का अविरल प्रवाह भी है। सच्चे मन से लोग माता रानी के दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं। चौतरफा श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा हुआ है। प्रमुख मार्गों पर भीड़ इस कदर हैं कि वाहन निकलने की गुंजाइश नहीं है।
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सड़क पर चल रहे रेला के बीच तीन से पांच किमी की दूरी लोग पैदल ही तय कर ले रहे हैं। उत्साह, उमंग लोगों के सिर माथे हैं। कंपनीबाग से लेकर रोडवेज तक और अस्पताल चौराहा से लेकर मंगलबाजार व सुर्तीहट्टा तक भीड़ पैदल चल रही है। आधी रात तक यह सिलसिला बना हुआ है। इसके बाद मेला थम रहा है। इस बीच प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी मेला क्षेत्र में पैदल गश्त करते हुए देखे जा रहे हैं। महिला एवं पुरुष पुलिस बल भीड़-भाड़ वाले स्थान पर मुस्तैद है।
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अब तो मेले में दूर-दराज से भीड़ पहुंचने लगी है। शहरियों के घर रिश्तेदारों से भर गए हैं। मड़वानगर के आशुतोष बताते हैं कि उनके घर पर डुमरियागंज से छह रिश्तेदार पहुंचे हैं। रात भर मेला देखने के बाद अगले दिन यह लोग अपने गंतव्य पर जाएंगे। वहीं पिकौरा बख्श के प्रभु दयाल बताते हैं कि आजकल मेला के नाते रिश्तेदारों की आवाजाही बनी हुई है। लोगों को मेला दिखाने के साथ खातिरदारी भी करनी पड़ रही है। मेले में स्थानीय जिले की भीड़ के अलावा पड़ोसी जनपदों के लोग भी पहुंच रहे हैं। जिनका ठौर-ठिकाना रिश्तेदारों एवं परिचितों का घर बन रहा है। कंपनीबाग, महरीखांवा, हनुमान गढ़ी के पास ज्यादा भीड़ एकत्र हो रही है। इसके अलावा सुर्तीहट्टा और अस्पताल चौराहा पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ हो रही है।
दिल्ली तक से आए कारोबारी, व्यापार हुआ चटख
मेले में व्यापार भी चटख हो गया है। दिल्ली, राजस्थान तक के फुटकर कारोबारी यहां पहुंचे हैं। सिम्मी ने बताया कि मेले में वह मैजिक बुक बेचने निकलती है। उनके साथ उनकी छोटी बहन और भाई भी यह बुक बेचने में मदद कर रहे हैं। उनका पूरा परिवार राजस्थान से यहां पहुंचा है। गौरीदत्त धर्मशाला में कमरा लेकर रह रहे हैं। वहीं खिलौने और चश्मे के फुटकर कारोबारी बिट्टू दिल्ली से आए हैं। बताते हैं कि उनकी टीम में चार लोग शामिल हैं। मेला क्षेत्र में अलग-अलग स्थान पर हम लोग अपनी दुकान लगा रहे हैं। रोजाना अच्छी खासी बिक्री हो रही है।
शाम ढलने के बाद फुटपाथ पर सज रही दुकानें
गांधीनगर, मालवीय मार्ग, अस्पताल चौराहा जैसे भीड़-भाड़ वाले स्थान पर शाम ढलने के बाद फुटपाथ किस्म-किस्म की दुकानें सज जा रही है। बच्चों के खिलौने से लेकर खाद्य सामग्री और महिलाओं के शृंगार तक की दुकानों की भरमार है। गांधीनगर मार्ग पर कंपनीबाग से दरिया खां मोड़ तक सड़क की दोनों पटरियों पर फुटकर दुकानें सजी हुई है। यहां अच्छी खासी खरीदारी भी हो रही है। पैदल चलने के दौरान थकान महसूस होने पर श्रद्धालु फास्ट फूड का भी खूब सेवन कर रहे हैं। विभिन्न तरह के पेय पदार्थ भी बिक रहे हैं।

गांधीनगर में दुर्गा पूजा मेला देखने को उमड़े लोग संवाद- फोटो : Archive