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Basti News: किशोर शिक्षा कार्यक्रम के तहत बदलेगी पढ़ाई की दिशा
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बस्ती। माध्यमिक विद्यालयों में अब विद्यार्थियों को उनके पाठ्यक्रम से अलग मानव शरीर की बदलती हुई संरचना का भी ज्ञान दिया जाएगा। इसके लिए शिक्षा निदेशालय की ओर से निर्देश दिया गया है। इसके तहत पहले शिक्षकों को प्रशिक्षण देकर तैयार किया जाएगा। इसके बाद शिक्षक विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे।
जिले में नौवीं से 12वीं कक्षा तक के माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत मनोविज्ञान व जीव-जंतु विज्ञान विषय के शिक्षक विद्यार्थियों को शरीर में बदलती संरचना से लेकर हार्मोन का ज्ञान देंगे। यदि स्कूल में दोनों विषय में से किसी एक विषय का शिक्षक नहीं है या पद रिक्त है तो संबंधित स्कूल के विज्ञान विषय के शिक्षक विद्यार्थियों को स्वास्थ्य की जानकारी देंगे। योजना के तहत 10 से लेकर 19 वर्ष तक विद्यार्थियों को इसमें शामिल किया जाएगा। शिक्षा निदेशालय की ओर से किशोर शिक्षा कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर पहले शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। जिसके बाद ये शिक्षक अपने स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों को स्वस्थ रहने के तरीके बताएंगे। किशोर शिक्षा कार्यक्रम भारत सरकार की ओर से शुरू की गई एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य किशोरों के मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास के साथ उन्हें सुरक्षित और स्वस्थ जीवन जीने के लिए जागरूक करना है। जिला विद्यालय निरीक्षक संजय सिंह ने बताया कि निर्देशों के बारे में सभी प्रधानाचार्य को अवगत करा दिया गया है।
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जिले में नौवीं से 12वीं कक्षा तक के माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत मनोविज्ञान व जीव-जंतु विज्ञान विषय के शिक्षक विद्यार्थियों को शरीर में बदलती संरचना से लेकर हार्मोन का ज्ञान देंगे। यदि स्कूल में दोनों विषय में से किसी एक विषय का शिक्षक नहीं है या पद रिक्त है तो संबंधित स्कूल के विज्ञान विषय के शिक्षक विद्यार्थियों को स्वास्थ्य की जानकारी देंगे। योजना के तहत 10 से लेकर 19 वर्ष तक विद्यार्थियों को इसमें शामिल किया जाएगा। शिक्षा निदेशालय की ओर से किशोर शिक्षा कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर पहले शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। जिसके बाद ये शिक्षक अपने स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों को स्वस्थ रहने के तरीके बताएंगे। किशोर शिक्षा कार्यक्रम भारत सरकार की ओर से शुरू की गई एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य किशोरों के मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास के साथ उन्हें सुरक्षित और स्वस्थ जीवन जीने के लिए जागरूक करना है। जिला विद्यालय निरीक्षक संजय सिंह ने बताया कि निर्देशों के बारे में सभी प्रधानाचार्य को अवगत करा दिया गया है।
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