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Basti News: धुंध से फीकी हुई धूप, गाढ़ा होता जा रहा प्रदूषण का रंग
Tue, 07 Nov 2023 12:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 07 Nov 2023 12:42 AM IST
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नमी के कारण पाल्यूटेंट भारी होकर नहीं उठ पा रहा ऊपर
रविवार को खराब स्तर पर दर्ज किया गया शहर का एक्यूआई
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले की हवा में प्रदूषण का रंग गाढ़ा होता जा रहा है। इसकी गवाही सोमवार को दिनभर छाई रही धूल और धुंध की चादर दे रही है। मौसम के बदलाव से तापमान में गिरावट तो आ रहा है, लेकिन हवा खराब होती जा रही है। उधर, नमी के कारण पाल्यूटेंट (प्रदूषण फैलाने वाले कारक) भारी होकर ऊपर नहीं उठ पा रहे हैं। जानकारों का मानना है कि इसकी वजह से दिनभर धुंध छाई रह रही है। ऐसे में सजग नहीं रहे तो बीमार होना तय है।
रविवार को शहर में एक्यूआई (158) खराब स्तर पर दर्ज किया गया। दिनभर धुंध के चादर शहर को ढंके रहे। इसका ज्यादा असर राजमार्ग और शहरी इलाके में नजर आया। विशेषज्ञों का कहना है कि नमी बढ़ने से धूल-धुआं के कारण धुंध छा रही है। ठंड के मौसम में तापमान गिरने से नमी बढ़ जाती है। इससे हवा में पाल्यूटेंट का प्रसार धीमा हो जाता है। इससे उनका घनत्व बढ़ जाता है। वायुमंडल की ऊपरी सतह में नहीं जा पाने के कारण हवा प्रदूषित हो जाती है। निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल के अलावा वाहनाें के धुआं, आग जलाने, साफ-सफाई सहित अन्य कारणों से प्रदूषण बढ़ जाता है।
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धुंध की चादर ऐसी कि पास भी कुछ नजर नहीं आया
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय अयोध्या के मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ पांडेय ने बताया कि नवंबर और दिसंबर महीने में ऐसी स्थिति रहती है। वातावरण में नमी होने की वजह से प्रदूषण फैलाने वाले कारकों का आकार बढ़ जा रहा है। इससे परदा बन जा रहा, जिससे दृश्यता कम हो जा रही है। यह धुध ताल व अन्य जलायशों के ऊपर ज्यादा नजर आती है, जिसका कारण होता है कि यहां पर पानी से भी वाष्प उठता है। इस कारण नमी (आर्द्रता) शहर के अन्य हिस्सों की अपेक्षा ज्यादा हो जाती है। दिन में सूर्य की तपिश भी कम हुई है।इ ससे नमी सूख नहीं पा रही। यह स्थिति आगे भी बनी रहेगी।
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प्रदूषण वाले माहौल में टहलने से करें परहेज
सोमवार को धुंध होने से बादल जैसा अहसास हो रहा था। पहले तो लोगों को लगा कि मौसम का मिजाज बिगड़ रहा है, लेकिन धूल और धुएं से उठे प्रदूषण की वजह से फिजां बदली नजर आई। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण की अधिकता से ऐसा हो रहा है। प्रदूषण वायुमंडल के निचले स्तर पर है। इससे सुबह-सवेरे टहलने जाने पर स्वास्थ्य को लाभ पहुंचने के बजाय नुकसान हो सकता है।
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कोट
धूल और धुएं के कारण जो धुंध छा रही है। यहह अस्थमा रोगियों के लिए हानिकारक है। ऐसे मौसम में अस्थमा अटैक आना सामान्य बात है। इसलिए अस्थमा के मरीज धुंध व धूल से बचें और अपनी नियमित दवाएं लेते रहें।
डॉ. राहुल सिंह, चेष्ट रोग विशेषज्ञ
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रविवार को खराब स्तर पर दर्ज किया गया शहर का एक्यूआई
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले की हवा में प्रदूषण का रंग गाढ़ा होता जा रहा है। इसकी गवाही सोमवार को दिनभर छाई रही धूल और धुंध की चादर दे रही है। मौसम के बदलाव से तापमान में गिरावट तो आ रहा है, लेकिन हवा खराब होती जा रही है। उधर, नमी के कारण पाल्यूटेंट (प्रदूषण फैलाने वाले कारक) भारी होकर ऊपर नहीं उठ पा रहे हैं। जानकारों का मानना है कि इसकी वजह से दिनभर धुंध छाई रह रही है। ऐसे में सजग नहीं रहे तो बीमार होना तय है।
रविवार को शहर में एक्यूआई (158) खराब स्तर पर दर्ज किया गया। दिनभर धुंध के चादर शहर को ढंके रहे। इसका ज्यादा असर राजमार्ग और शहरी इलाके में नजर आया। विशेषज्ञों का कहना है कि नमी बढ़ने से धूल-धुआं के कारण धुंध छा रही है। ठंड के मौसम में तापमान गिरने से नमी बढ़ जाती है। इससे हवा में पाल्यूटेंट का प्रसार धीमा हो जाता है। इससे उनका घनत्व बढ़ जाता है। वायुमंडल की ऊपरी सतह में नहीं जा पाने के कारण हवा प्रदूषित हो जाती है। निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल के अलावा वाहनाें के धुआं, आग जलाने, साफ-सफाई सहित अन्य कारणों से प्रदूषण बढ़ जाता है।
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धुंध की चादर ऐसी कि पास भी कुछ नजर नहीं आया
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय अयोध्या के मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ पांडेय ने बताया कि नवंबर और दिसंबर महीने में ऐसी स्थिति रहती है। वातावरण में नमी होने की वजह से प्रदूषण फैलाने वाले कारकों का आकार बढ़ जा रहा है। इससे परदा बन जा रहा, जिससे दृश्यता कम हो जा रही है। यह धुध ताल व अन्य जलायशों के ऊपर ज्यादा नजर आती है, जिसका कारण होता है कि यहां पर पानी से भी वाष्प उठता है। इस कारण नमी (आर्द्रता) शहर के अन्य हिस्सों की अपेक्षा ज्यादा हो जाती है। दिन में सूर्य की तपिश भी कम हुई है।इ ससे नमी सूख नहीं पा रही। यह स्थिति आगे भी बनी रहेगी।
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प्रदूषण वाले माहौल में टहलने से करें परहेज
सोमवार को धुंध होने से बादल जैसा अहसास हो रहा था। पहले तो लोगों को लगा कि मौसम का मिजाज बिगड़ रहा है, लेकिन धूल और धुएं से उठे प्रदूषण की वजह से फिजां बदली नजर आई। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण की अधिकता से ऐसा हो रहा है। प्रदूषण वायुमंडल के निचले स्तर पर है। इससे सुबह-सवेरे टहलने जाने पर स्वास्थ्य को लाभ पहुंचने के बजाय नुकसान हो सकता है।
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कोट
धूल और धुएं के कारण जो धुंध छा रही है। यहह अस्थमा रोगियों के लिए हानिकारक है। ऐसे मौसम में अस्थमा अटैक आना सामान्य बात है। इसलिए अस्थमा के मरीज धुंध व धूल से बचें और अपनी नियमित दवाएं लेते रहें।
डॉ. राहुल सिंह, चेष्ट रोग विशेषज्ञ