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Basti News: मसाले में भी मिलावट, बिगड़ रहा जायका... सेहत भी हो रही खराब
Sat, 26 Oct 2024 01:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 26 Oct 2024 01:07 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। खानपान की चीजों में मिलावट का धंधा निरंकुश हो चला है। धंधेबाज कड़ाही में छौका लगाने वाले मसालों में भी मिलावट करने से बाज नहीं आ रहे हैं।
चटख सुर्ख लाल रंग या हल्दी कलर में दिख रहे मसाले में भी मिलावटी है। इसका एहसास तब हो रहा है जब घरों की रसोई में व्यंजन बनाए जा रहे हैं। कड़ाही के तेल में गर्म होने के बाद इन मसालों से रंग छूट रहा है। इससे रसोई का जायका बिगड़ जा रहा है।
आजकल दीपावली समेत विभिन्न त्योहारों का सीजन है। बाजार में खरीदारी बढ़ी हुई है। सर्राफा, कपड़ा, ऑटोमोबाइल के बाजार में सामर्थ्य वाले ही पहुंच रहे हैं। मगर, किराना मंडी में तो अमीर-गरीब हर तबका पहुंच रहा है। बजट के हिसाब से लोग आटा, दाल, चावल, सब्जी के साथ मसाला भी खरीद रहे हैं। गांधीनगर, पुरानी बस्ती क्षेत्र के किराना मंडी में मसालों की दुकान सजी हुई है।
खुले में पिसा मसाला और सबूत मसाला बेचे जा रहे हैं। चटपटे व्यंजन तैयार करने के चक्कर में लोग अन्य आवश्यक सामग्रियों के साथ इसकी भी खरीदारी कर रहे हैं। मगर, धंधेबाज यहां भी बाज नहीं आ रहे हैं।
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खुले में पिसा गर्म मसाला 100 रुपये का 100 ग्राम दिया जा रहा है। दावा है कि इसमें सभी तरह के मसाले मिक्स किए गए हैं। मगर, जानकार बताते हैं कि खुले में बेचे जा रहे पिसे मसालों में धनिया, हल्दी जैसे सस्ते मसालों के पाउडर में विशेष किस्म का कलर मिलाकर बेचा जा रहा है।
गांधीनगर में खरीदारी कर रहीं प्रियंका ने बताया कि पिसा हुआ मिक्स मसाला खुले में नहीं लेने लायक है। ब्रांडेड कंपनियों के मसाले में ही स्वाद मिल पा रहा है। खुला मसाला कड़ाही में डालने के बाद अजीब तरह का रंग छोड़ता है। इस मसाले में तैयार व्यंजन में भी मनचाहा स्वाद नहीं आता है।
वहीं सरिता ने कहा कि घर पर तैयार किया हुआ पिसा मसाला ही प्रयोग में लाना चाहिए। बाजार के मसाले में कोई स्वाद नहीं मिलता है। हम सबूत मसाला खुद पिसवाते हैं। इसके उपयोग से सब्जियों एवं अन्य व्यंजनों का स्वाद चटख होता है।
होटल, ढाबा और ठेलों पर खप रहा मिलावटी मसाला : मिलावटी पिसा मसाला और सबूत मसाला ज्यादातर होटल, ढाबा और ठेले पर लगने वाले फास्ट फूड की दुकानों पर खप रहे हैं।
जानिए, मसालों का भाव : बाजार में सफाई कर बेचे जाने वाले मसालों में काली मिर्च एक हजार रुपये किलो, छोटी इलाइची 3500 रुपये किलो, बड़ी इलाइची 2000 रुपये किलो, लाल मिर्च 400 रुपये किलो, जीरा 700 रुपये किलो बिक रहा है।
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बस्ती। खानपान की चीजों में मिलावट का धंधा निरंकुश हो चला है। धंधेबाज कड़ाही में छौका लगाने वाले मसालों में भी मिलावट करने से बाज नहीं आ रहे हैं।
चटख सुर्ख लाल रंग या हल्दी कलर में दिख रहे मसाले में भी मिलावटी है। इसका एहसास तब हो रहा है जब घरों की रसोई में व्यंजन बनाए जा रहे हैं। कड़ाही के तेल में गर्म होने के बाद इन मसालों से रंग छूट रहा है। इससे रसोई का जायका बिगड़ जा रहा है।
आजकल दीपावली समेत विभिन्न त्योहारों का सीजन है। बाजार में खरीदारी बढ़ी हुई है। सर्राफा, कपड़ा, ऑटोमोबाइल के बाजार में सामर्थ्य वाले ही पहुंच रहे हैं। मगर, किराना मंडी में तो अमीर-गरीब हर तबका पहुंच रहा है। बजट के हिसाब से लोग आटा, दाल, चावल, सब्जी के साथ मसाला भी खरीद रहे हैं। गांधीनगर, पुरानी बस्ती क्षेत्र के किराना मंडी में मसालों की दुकान सजी हुई है।
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खुले में पिसा मसाला और सबूत मसाला बेचे जा रहे हैं। चटपटे व्यंजन तैयार करने के चक्कर में लोग अन्य आवश्यक सामग्रियों के साथ इसकी भी खरीदारी कर रहे हैं। मगर, धंधेबाज यहां भी बाज नहीं आ रहे हैं।
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खुले में पिसा गर्म मसाला 100 रुपये का 100 ग्राम दिया जा रहा है। दावा है कि इसमें सभी तरह के मसाले मिक्स किए गए हैं। मगर, जानकार बताते हैं कि खुले में बेचे जा रहे पिसे मसालों में धनिया, हल्दी जैसे सस्ते मसालों के पाउडर में विशेष किस्म का कलर मिलाकर बेचा जा रहा है।
गांधीनगर में खरीदारी कर रहीं प्रियंका ने बताया कि पिसा हुआ मिक्स मसाला खुले में नहीं लेने लायक है। ब्रांडेड कंपनियों के मसाले में ही स्वाद मिल पा रहा है। खुला मसाला कड़ाही में डालने के बाद अजीब तरह का रंग छोड़ता है। इस मसाले में तैयार व्यंजन में भी मनचाहा स्वाद नहीं आता है।
वहीं सरिता ने कहा कि घर पर तैयार किया हुआ पिसा मसाला ही प्रयोग में लाना चाहिए। बाजार के मसाले में कोई स्वाद नहीं मिलता है। हम सबूत मसाला खुद पिसवाते हैं। इसके उपयोग से सब्जियों एवं अन्य व्यंजनों का स्वाद चटख होता है।
होटल, ढाबा और ठेलों पर खप रहा मिलावटी मसाला : मिलावटी पिसा मसाला और सबूत मसाला ज्यादातर होटल, ढाबा और ठेले पर लगने वाले फास्ट फूड की दुकानों पर खप रहे हैं।
जानिए, मसालों का भाव : बाजार में सफाई कर बेचे जाने वाले मसालों में काली मिर्च एक हजार रुपये किलो, छोटी इलाइची 3500 रुपये किलो, बड़ी इलाइची 2000 रुपये किलो, लाल मिर्च 400 रुपये किलो, जीरा 700 रुपये किलो बिक रहा है।