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Basti News: क्लबफुट से ग्रसित 36 बच्चों के चेहरे पर लौटी मुस्कान
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बस्ती। जिले में जन्मजात टेढ़े-मेढ़े पंजे वाले बच्चों के सफल ऑपरेशन के जरिये उनके चेहरे पर मुस्कान लौटाई जा रही है। क्लबफुट के चिह्नित बच्चों का समुचित इलाज किया जा रहा है। आरबीएसके टीम ऐसे बच्चों को चिह्नित कर उनका इलाज कराकर उनको बेहतर जीवन प्रदान कर रही है।
प्रभारी डीईआईसी मैनेजर डाॅ. अजय ने बताया कि चालू सत्र 2025-26 में अब तक 36 बच्चोंं का जिनका पंजा टेढ़ा-मेढ़ा था, उनका सफल ऑपरेशन कर इलाज कराया गया। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) टीम को हर साल 45 बच्चों के टेढ़े-मेढ़े पंजे को सही कराने का लक्ष्य दिया गया है। शून्य से छह माह तक के बच्चों को चिन्हित कर जिला अस्पताल में उनका इलाज कराना होता है। हर शनिवार को अनुष्का फाउंडेशन की ओर से ओपीडी की जाती है।
परीक्षण के बाद पोंसेटी तकनीक से टेढ़े पंजे वालों का इलाज किया जाता है। इस विधि से उच्च-गुणवत्ता और पूरी तरह निशुल्क उपचार प्रदान किया जाता है। इलाज के बाद कुछ माह में बच्चे अच्छे तरीके से चलने व दौड़ने लगते है।
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प्रभारी डीईआईसी मैनेजर डाॅ. अजय ने बताया कि चालू सत्र 2025-26 में अब तक 36 बच्चोंं का जिनका पंजा टेढ़ा-मेढ़ा था, उनका सफल ऑपरेशन कर इलाज कराया गया। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) टीम को हर साल 45 बच्चों के टेढ़े-मेढ़े पंजे को सही कराने का लक्ष्य दिया गया है। शून्य से छह माह तक के बच्चों को चिन्हित कर जिला अस्पताल में उनका इलाज कराना होता है। हर शनिवार को अनुष्का फाउंडेशन की ओर से ओपीडी की जाती है।
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परीक्षण के बाद पोंसेटी तकनीक से टेढ़े पंजे वालों का इलाज किया जाता है। इस विधि से उच्च-गुणवत्ता और पूरी तरह निशुल्क उपचार प्रदान किया जाता है। इलाज के बाद कुछ माह में बच्चे अच्छे तरीके से चलने व दौड़ने लगते है।
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