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घाघरा में मामूली बढ़त, लोगों में दहशत कायम
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Sun, 14 Aug 2016 11:06 PM IST
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विक्रमजोत क्षेत्र के क्लयाणपुर के पास ठोकर पर बोल्डर डालते मजदूर।
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हाल के दिनों में लगातार तेजी का रुख अख्तियार करने वाली घाघरा अब धीरे-धीरे स्थिर होने की दिशा में बढ़ रही है। रविवार को मामूली बढ़त के साथ जलस्तर खतरे के निशान (92.730) से 13 सेमी ऊपर रहा। केंद्रीय जल आयोग कार्यालय अयोध्या के मुताबिक रविवार शाम पांच बजे नदी 92.850 मीटर के स्तर पर बह रही थी।
हालांकि जलस्तर खतरे के निशान से उपर देखते हुए लोलपुर-विक्रमजोत बांध की बाढ़ चौकी पर तीन अवर अभियंताओं की निगरानी ड्यूटी लगाई गई है। जो कटान पर नजर रखें हैं। वहीं गौरियानैन के साथ ही ठोकर नंबर एक और दो सुरक्षित हो गया है । पहले नदी की धारा ठोकर से सीधी टकरा रही थी अब स्पर मजबूत हो जाने से हट गई है। फिर भी तटबंध के मुंडेरीपुर, रानीपुर, कठवनिया, कल्याणपुर और भरथापुर के पास नदी की कटान पूर्ववत है। बाढ़ के पानी से घिर अन्य गांवों की स्थिति सामान्य हो चली है। यहां किसी प्रकार से कटान नहीं हो रही है। शुक्रवार को सरयू, शारदा व गिरजा के बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण अभी भी लोलपुर-विक्रमजोत बांध के रैंपो व स्परों पर दबाव बना हुआ है।
लोलपुर-विक्रमजोत बंधे की सुरक्षा में लापरवाही और पीड़ितों को सहायता नही मिलने से नाराज भारतीय किसान यूनियन के नेताओें के पंचायत लगाने और हाइवे को जाम करने की कोशश के बाद शनिवार को गंडक (पूर्वी) के मुख्य अभियंता आरपी, अधीक्षण अभियंता धर्मेंद्र यादव, सहायक अभियंता पीसी सिंह, अवर अभियंता दयाशंकर सिंह, ज्ञान प्रकाश जायसवाल, बलिराम यादव, अजय प्रताप सिंह ने सुरक्षा कार्यों का जायजा लिया था।
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हालांकि जलस्तर खतरे के निशान से उपर देखते हुए लोलपुर-विक्रमजोत बांध की बाढ़ चौकी पर तीन अवर अभियंताओं की निगरानी ड्यूटी लगाई गई है। जो कटान पर नजर रखें हैं। वहीं गौरियानैन के साथ ही ठोकर नंबर एक और दो सुरक्षित हो गया है । पहले नदी की धारा ठोकर से सीधी टकरा रही थी अब स्पर मजबूत हो जाने से हट गई है। फिर भी तटबंध के मुंडेरीपुर, रानीपुर, कठवनिया, कल्याणपुर और भरथापुर के पास नदी की कटान पूर्ववत है। बाढ़ के पानी से घिर अन्य गांवों की स्थिति सामान्य हो चली है। यहां किसी प्रकार से कटान नहीं हो रही है। शुक्रवार को सरयू, शारदा व गिरजा के बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण अभी भी लोलपुर-विक्रमजोत बांध के रैंपो व स्परों पर दबाव बना हुआ है।
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लोलपुर-विक्रमजोत बंधे की सुरक्षा में लापरवाही और पीड़ितों को सहायता नही मिलने से नाराज भारतीय किसान यूनियन के नेताओें के पंचायत लगाने और हाइवे को जाम करने की कोशश के बाद शनिवार को गंडक (पूर्वी) के मुख्य अभियंता आरपी, अधीक्षण अभियंता धर्मेंद्र यादव, सहायक अभियंता पीसी सिंह, अवर अभियंता दयाशंकर सिंह, ज्ञान प्रकाश जायसवाल, बलिराम यादव, अजय प्रताप सिंह ने सुरक्षा कार्यों का जायजा लिया था।
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