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कोहरे की गिरफ्त में रहे सूर्यदेव, कांप उठा जनमानस
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 25 Dec 2017 12:14 AM IST
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कोहरे के कारण सड़क हादसे बढ़े
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बस्ती। साल के अंतिम सप्ताह के पहले दिन मौसम नए तेवर में दिखा। तड़के के चार बजे के बाद इस कदर घना कोहरा छाया कि दोपहर 12 बजे तक सूर्यदेव उससे पार नहीं पा सके। पारा तीन डिग्री तक नीचे गिर गया। रविवार की छुट्टी होने से लोग घरों में दुबके रहे और हाइवे पर वाहन रेंगते नजर आए।
हालांकि दोपहर करीब एक बजे के बाद धूप खिली लेकिन कोई दम नहीं था। फिर भी अधिकतम तापमान शनिवार के 26 तुलना में एक डिग्री ऊपर चढ़कर 27 डिग्री सेल्सियस हो गया जबकि लेकिन सुबह व रात के तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि सोमवार को अधिकतम और न्यूनतम दोनों तापमान नीचे गिरेगा।
रविवार को धुंध के चलते काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि दफ्तर-कालेज बंद होने से बाहर निकलने की जल्दी नहीं थी, लेकिन दुकानदार या दूसरे कामकाज करने वालों को ठिठुरते हुए घर से निकलना पड़ा। दृश्यता महज आठ मीटर रही। फसल अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. एसके सिंह ने बताया कि पहाड़ों पर बर्फबारी के चलते मैदानी इलाकों का मौसम बदला है।
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एकाग्र होकर करें ड्राइविंग
एसपी संकल्प शर्मा के अनुसार घने कोहरे में ड्राइविंग सबसे चुनौतीपूर्ण काम है। विजिबिलिटी बेहद कम होने पर कार जैसी नाजुक गाड़ी ड्राइव करना खुद के जिंदगी से खिलवाड़ है। ड्राइवर का जरा भी ध्यान भटका तो हादसे की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में बेहद सावधानी से एकाग्र होकर सिर्फ सड़क पर ध्यान रखना आवश्यक है।
सुरक्षित सफर का फंडा
मौसम का पूर्वानुमान जानकारी करने से कई समस्या का निदान हो जाएगा। हो सकता है कि आप जहां जा रहे हों, उधर मौसम काफी खराब हो। इसके अलावा कार का विंड स्क्रीन, वाइपर, विंड शिल्ड वाइपर और डिफॉगर का इस्तेमाल करना चाहिए। सामने चल रही गाड़ी से दूरी बनाए रखना जरूरी है। ओवरटेक करने से बचे। फॉग लाइट के साथ ही पार्किंग लाइट का भी इस्तेमाल सुरक्षित है। हेडलाइट लो-बीम पर रखें। हाई बीम पर कोहरे से टकराकर रोशनी रिफ्लेक्ट होती है, जिससे परेशानी में पड़ जाएंगे।
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हालांकि दोपहर करीब एक बजे के बाद धूप खिली लेकिन कोई दम नहीं था। फिर भी अधिकतम तापमान शनिवार के 26 तुलना में एक डिग्री ऊपर चढ़कर 27 डिग्री सेल्सियस हो गया जबकि लेकिन सुबह व रात के तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि सोमवार को अधिकतम और न्यूनतम दोनों तापमान नीचे गिरेगा।
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रविवार को धुंध के चलते काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि दफ्तर-कालेज बंद होने से बाहर निकलने की जल्दी नहीं थी, लेकिन दुकानदार या दूसरे कामकाज करने वालों को ठिठुरते हुए घर से निकलना पड़ा। दृश्यता महज आठ मीटर रही। फसल अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. एसके सिंह ने बताया कि पहाड़ों पर बर्फबारी के चलते मैदानी इलाकों का मौसम बदला है।
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एकाग्र होकर करें ड्राइविंग
एसपी संकल्प शर्मा के अनुसार घने कोहरे में ड्राइविंग सबसे चुनौतीपूर्ण काम है। विजिबिलिटी बेहद कम होने पर कार जैसी नाजुक गाड़ी ड्राइव करना खुद के जिंदगी से खिलवाड़ है। ड्राइवर का जरा भी ध्यान भटका तो हादसे की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में बेहद सावधानी से एकाग्र होकर सिर्फ सड़क पर ध्यान रखना आवश्यक है।
सुरक्षित सफर का फंडा
मौसम का पूर्वानुमान जानकारी करने से कई समस्या का निदान हो जाएगा। हो सकता है कि आप जहां जा रहे हों, उधर मौसम काफी खराब हो। इसके अलावा कार का विंड स्क्रीन, वाइपर, विंड शिल्ड वाइपर और डिफॉगर का इस्तेमाल करना चाहिए। सामने चल रही गाड़ी से दूरी बनाए रखना जरूरी है। ओवरटेक करने से बचे। फॉग लाइट के साथ ही पार्किंग लाइट का भी इस्तेमाल सुरक्षित है। हेडलाइट लो-बीम पर रखें। हाई बीम पर कोहरे से टकराकर रोशनी रिफ्लेक्ट होती है, जिससे परेशानी में पड़ जाएंगे।