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Basti News: 2.4 अरब से तीन सौ किमी सड़क बनाने का भेजा प्रस्ताव
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अब डॉक्टरों को मरीज देखने का देना होगा सबूत
- शासन को ओपीडी का रिपोर्ट भेजने के बाद ही मिलेगा वेतन
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। ओपीडी में मरीज को देखने का सबूत देने के बाद ही राजकीय अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों को वेतन का भुगतान होगा। यह नियम सभी नियमित व संविदा चिकित्सकों पर लागू होगा। व्हाट्सएप या ई-मेल पर ओपीडी की रिपोर्ट देनी होगी। सीएमओ डॉ. आरपी मिश्र का कहना है कि सभी एमओआईसी को पत्र जारी कर इस आदेश पर अमल करने के लिए निर्देशित किया है।
शासन को यह शिकायत मिल रही है कि सीएचसी/पीएचसी पर तैनात कुछ चिकित्सक बिना ड्यूटी के ही वेतन ले रहे हैं। अधिकारियों की मिलकर हस्ताक्षर पुस्तिका पर अपने हस्ताक्षर बना देते हैं। जांच में ऐसे चिकित्सक पकड़ में नहीं आते हैं। इससे जहां एक ओर राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं स्वास्थ्य सेवाओं पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।
इस प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए शासन की ओर से पत्र जारी कर कहा गया है कि समस्त चिकित्सक की प्रतिदिन की ओपीडी की सूचना जिला मुख्यालय को प्रेषित करनी है। यह रिर्पोर्ट महानिदेशालय को उपलब्ध कराई जाएगी।
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जिन चिकित्सकों की सूचना सीएचसी से नहीं आएगी उन्हें अनुपस्थित मानते हुए वेतन/मानदेय बाधित कर दिया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी एमओआईसी की होगी।
इमरजेंसी व अवकाश का देना होगा विवरण
अगर कोई चिकित्सक ओपीडी के बजाए इमरजेंसी ड्यूटी कर रहा है या वह अवकाश पर है तो उसकी भी सूचना सीएचसी से प्रतिदिन भेजी जाने वाली चिकित्सकों की रिपोर्ट में दर्ज होगी। अगर चिकित्सक किसी प्रशिक्षण कार्यक्रम में गया है तो उसका विवरण देना होगा। बिना काम किए अब वेतन/मानदेय का भुगतान नहीं होगा।
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- शासन को ओपीडी का रिपोर्ट भेजने के बाद ही मिलेगा वेतन
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। ओपीडी में मरीज को देखने का सबूत देने के बाद ही राजकीय अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों को वेतन का भुगतान होगा। यह नियम सभी नियमित व संविदा चिकित्सकों पर लागू होगा। व्हाट्सएप या ई-मेल पर ओपीडी की रिपोर्ट देनी होगी। सीएमओ डॉ. आरपी मिश्र का कहना है कि सभी एमओआईसी को पत्र जारी कर इस आदेश पर अमल करने के लिए निर्देशित किया है।
शासन को यह शिकायत मिल रही है कि सीएचसी/पीएचसी पर तैनात कुछ चिकित्सक बिना ड्यूटी के ही वेतन ले रहे हैं। अधिकारियों की मिलकर हस्ताक्षर पुस्तिका पर अपने हस्ताक्षर बना देते हैं। जांच में ऐसे चिकित्सक पकड़ में नहीं आते हैं। इससे जहां एक ओर राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं स्वास्थ्य सेवाओं पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।
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इस प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए शासन की ओर से पत्र जारी कर कहा गया है कि समस्त चिकित्सक की प्रतिदिन की ओपीडी की सूचना जिला मुख्यालय को प्रेषित करनी है। यह रिर्पोर्ट महानिदेशालय को उपलब्ध कराई जाएगी।
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जिन चिकित्सकों की सूचना सीएचसी से नहीं आएगी उन्हें अनुपस्थित मानते हुए वेतन/मानदेय बाधित कर दिया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी एमओआईसी की होगी।
इमरजेंसी व अवकाश का देना होगा विवरण
अगर कोई चिकित्सक ओपीडी के बजाए इमरजेंसी ड्यूटी कर रहा है या वह अवकाश पर है तो उसकी भी सूचना सीएचसी से प्रतिदिन भेजी जाने वाली चिकित्सकों की रिपोर्ट में दर्ज होगी। अगर चिकित्सक किसी प्रशिक्षण कार्यक्रम में गया है तो उसका विवरण देना होगा। बिना काम किए अब वेतन/मानदेय का भुगतान नहीं होगा।