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Basti News: पुल निर्माण में मोड़ी सरयू की धारा, 10 गांवाें पर खतरा
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टेढ़ी नदी की तरफ मोड़ दी गई सरयू की जलधारा। संवाद
बस्ती/हर्रैया। अयोध्या रिंग रोड परियोजना के तहत विक्रमजोत क्षेत्र में सरयू नदी पर बन रहे तीन किमी लंबे पुल के निर्माण के दौरान एजेंसी ने नदी की मुख्य धारा को मोड़कर टेढ़ी नदी से जोड़ दिया है। इससे तटवर्ती गांवों और बीडी तटबंध पर बाढ़ और कटान का खतरा बढ़ गया है। निर्माण एजेंसी की इस चूक ने 10 गांवों लोगों की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
जानकारी के अनुसार अयोध्या रिंग रोड परियोजना के तहत सरयू नदी पर विक्रमजोत ब्लॉक के भौसिया गांव से अयोध्या जिले के सरायराशि और रामपुर हलवारा तक तीन किमी लंबे पुल का निर्माण छह माह पहले शुरू हो चुका है। निर्माण एजेंसी ने पाइलिंग के दौरान सरयू की मुख्य धारा को मोड़कर एक चैनल बनाकर टेढ़ी नदी में मिला दिया है। इससे मानसून के शुरुआती दौर में ही टेढ़ी नदी का प्रवाह बढ़ गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरयू का जलस्तर जैसे-जैसे बढ़ेगा टेढ़ी नदी के समीप बनाए गए तटबंध और गांवों की स्थिति बिगड़ती जाएगी। नदी की तेज जलधारा के टकराने से बीडी तटबंध को भी नुकसान पहुंच सकता है। साथ ही टेढ़ी नदी से सटे गांवों में कटान का गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
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निर्माण एजेंसी के इस नए प्रयोग से विक्रमजोत-धुसवा तटबंध, डाउनस्ट्रीम में स्थित पंप कैनाल और राजस्व ग्राम भौसिया इस बार सबसे अधिक संवेदनशील स्थल हो गया है। इसके अलावा रैदासपुर, सलेमपुर, बड़ेगांव, चकिया में भी नदी के दबाव से कटान की आशंका बढ़ गई है।
ग्रामीणों के अनुसार सरयू पहले डेढ़ से दो किमी दूर होकर प्रवाहित होती थी। उफान के दौरान पानी का फैलाव डेढ़ से दो किमी तक होने से उसका दबाव कम जाता था। टेढ़ी नदी और सरयू के बीच दो किमी तक रेत के टीले थे, यह बाढ़ के पानी को रोकते थे। ्र पुल निर्माण के दौरान रेत के टीलों को काटकर सरयू नदी की मुख्य धारा टेढ़ी नदी में लाकर मिला दी गई है।अब नदी का सीधा दबाव तटवर्ती गांवों और तटबंध पर पड़ेगा।
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जानकारी के अनुसार अयोध्या रिंग रोड परियोजना के तहत सरयू नदी पर विक्रमजोत ब्लॉक के भौसिया गांव से अयोध्या जिले के सरायराशि और रामपुर हलवारा तक तीन किमी लंबे पुल का निर्माण छह माह पहले शुरू हो चुका है। निर्माण एजेंसी ने पाइलिंग के दौरान सरयू की मुख्य धारा को मोड़कर एक चैनल बनाकर टेढ़ी नदी में मिला दिया है। इससे मानसून के शुरुआती दौर में ही टेढ़ी नदी का प्रवाह बढ़ गया है।
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ग्रामीणों का कहना है कि सरयू का जलस्तर जैसे-जैसे बढ़ेगा टेढ़ी नदी के समीप बनाए गए तटबंध और गांवों की स्थिति बिगड़ती जाएगी। नदी की तेज जलधारा के टकराने से बीडी तटबंध को भी नुकसान पहुंच सकता है। साथ ही टेढ़ी नदी से सटे गांवों में कटान का गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
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निर्माण एजेंसी के इस नए प्रयोग से विक्रमजोत-धुसवा तटबंध, डाउनस्ट्रीम में स्थित पंप कैनाल और राजस्व ग्राम भौसिया इस बार सबसे अधिक संवेदनशील स्थल हो गया है। इसके अलावा रैदासपुर, सलेमपुर, बड़ेगांव, चकिया में भी नदी के दबाव से कटान की आशंका बढ़ गई है।
ग्रामीणों के अनुसार सरयू पहले डेढ़ से दो किमी दूर होकर प्रवाहित होती थी। उफान के दौरान पानी का फैलाव डेढ़ से दो किमी तक होने से उसका दबाव कम जाता था। टेढ़ी नदी और सरयू के बीच दो किमी तक रेत के टीले थे, यह बाढ़ के पानी को रोकते थे। ्र पुल निर्माण के दौरान रेत के टीलों को काटकर सरयू नदी की मुख्य धारा टेढ़ी नदी में लाकर मिला दी गई है।अब नदी का सीधा दबाव तटवर्ती गांवों और तटबंध पर पड़ेगा।