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घट रहा सरयू का जलस्तर, कटान का खतरा बरकरार
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विक्रमजाते क्षेत्र के भरथापुर में कटान करती सरयू नदी।
- फोटो : BASTI
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घट रहा सरयू का जलस्तर, कटान का खतरा बरकरार
खतरे के नीचे से 35 सेंटीमीटर नीचे बह रही नदी
विक्रमजोत (बस्ती)। तीन दिनों से हो रही बारिश के थमने के बाद शनिवार को सरयू नदी का जलस्तर फिर घटने लगा है। शुक्रवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया था। जलस्तर घटने से एक बार फिर इलाके में कटान का खतरा बढ़ गया है।
शनिवार को जलस्तर में कमी देखी गई। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या कार्यालय के अनुसार शनिवार शाम करीब 6 बजे नदी का जलस्तर 92.380 रहा, जो खतरे के निशान 92.730 मीटर से 35 सेंटीमीटर नीचे है। विक्रमजोत विकास खंड क्षेत्र के भरथापुर, कल्याणपुर, पड़ाव संदलपुर आदि गांवों के लोगों को अब कटान का डर सताने लगा है। बाढ़ खंड की ओर से संदलपुर और भरथापुर में कटान रोकने के किए जा रहे हो उपाय नाकाफी साबित हो रहे हैं। वहीं, वर्ष भर पहले बने पांच कटर तीन महत्वपूर्ण डैंपनर से नदी की मुख्यधारा सटकर बह रही है। कल्यानपुर गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय और भरथापुर गांव का पुराना कुंआ भी नदी की जद में आ गया है। गांव के जितेंद्र सिंह, राम अवध सिंह, कमलाकांत, हेमंत, दयाराम, तिलक राम, सुशील कुमार, संजय का कहना है कि कटान और बाढ़ के हालात बेहद खराब हैं। बारिश से गांव के लगभग आधा दर्जन घरों को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ खंड विभाग के अवर अभियंता अतुल कुमार ने बताया कि कटान से खतरे की लगातार निगरानी की जा रही है।
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खतरे के नीचे से 35 सेंटीमीटर नीचे बह रही नदी
विक्रमजोत (बस्ती)। तीन दिनों से हो रही बारिश के थमने के बाद शनिवार को सरयू नदी का जलस्तर फिर घटने लगा है। शुक्रवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया था। जलस्तर घटने से एक बार फिर इलाके में कटान का खतरा बढ़ गया है।
शनिवार को जलस्तर में कमी देखी गई। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या कार्यालय के अनुसार शनिवार शाम करीब 6 बजे नदी का जलस्तर 92.380 रहा, जो खतरे के निशान 92.730 मीटर से 35 सेंटीमीटर नीचे है। विक्रमजोत विकास खंड क्षेत्र के भरथापुर, कल्याणपुर, पड़ाव संदलपुर आदि गांवों के लोगों को अब कटान का डर सताने लगा है। बाढ़ खंड की ओर से संदलपुर और भरथापुर में कटान रोकने के किए जा रहे हो उपाय नाकाफी साबित हो रहे हैं। वहीं, वर्ष भर पहले बने पांच कटर तीन महत्वपूर्ण डैंपनर से नदी की मुख्यधारा सटकर बह रही है। कल्यानपुर गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय और भरथापुर गांव का पुराना कुंआ भी नदी की जद में आ गया है। गांव के जितेंद्र सिंह, राम अवध सिंह, कमलाकांत, हेमंत, दयाराम, तिलक राम, सुशील कुमार, संजय का कहना है कि कटान और बाढ़ के हालात बेहद खराब हैं। बारिश से गांव के लगभग आधा दर्जन घरों को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ खंड विभाग के अवर अभियंता अतुल कुमार ने बताया कि कटान से खतरे की लगातार निगरानी की जा रही है।
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