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Basti News: खतरे के निशान से ऊपर पहुंची सरयू नदी, आठ गांवों में घुसा पानी
Wed, 21 Sep 2022 10:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती।
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 21 Sep 2022 10:18 AM IST
सार
बाढ़ ग्रसित गांवों में पशुपालकों को मवेशियों के लिए चारे के संकट का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को हर्रैया एसडीएम न्यायिक अतुल आनंद और तहसीलदार इंद्रमणि त्रिपाठी ने कटरिया चांदपुर तटबंध का निरीक्षण किया। तहसीलदार ने बताया कि बाढ़ ग्रसित गांवों में छह नाव लगाई गई है।
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दुबौलिया क्षेत्र में बाढ़ के कारण नाव से स्कूल जाते बच्चे ।
- फोटो : BASTI
विस्तार
बस्ती जिले के सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार करते हुए मंगलवार को बाढ़ के उच्चतम स्तर की ओर बढ़ने लगा है। विक्रमजोत और दुबौलिया ब्लॉक क्षेत्र के चार-चार गांवों में नदी का पानी घुस गया है।
केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार मंगलवार दोपहर दो बजे नदी का जलस्तर 93.26 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो कि खतरे के निशान 92.73 से 53 सेंटीमीटर ऊपर और उच्च बाढ़ स्तर 94.01 मीटर से 74 सेमी नीचे है। आयोग ने बताया कि जल्द ही जलस्तर कम होने का अनुमान है।
विक्रमजोत प्रतिनिधि के अनुसार, कल्यानपुर, भरथापुर, पड़ाव व चांनपुर गांव मैरुंड हो गए हैं। जबकि कवलपुर, चानपुर, संदलपुर, छतौना, कन्हईपुर, नरसिंहपुर, खेमराजपुर, अइलिया जुग्गाराय, शंभूपुर सहित दर्जन भर गांवों में बाढ़ का पानी भरने लगा है। उक्त गांवों के मुख्य संपर्क मार्गों में तीन फिट से अधिक पानी भरने के कारण ग्रामीणों को आने जाने में असुविधा हो रही है।
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ग्रामीण गृहस्थी का सामान व मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुट गए हैं। हाइवे पर स्थित घघौवा पुल के नीचे से बाढ़ का पानी परशुरामपुर ब्लॉक क्षेत्र के मांचा, रिधौरा, हैदराबाद आदि गांवों में पहुंचने लगा है।
कल्यानपुर व भरथापुर निवासी लाल बहादुर, रामचरन, फागू, रामअशीष आदि ने बताया कि घरों में बाढ़ का पानी भर गया है। यदि जलस्तर और बढ़ा तो लकड़ी, पकड़ी, संग्रामपुर, संदलपुर, अइलिया जुग्गाराम, कन्हईपुर, नरसिंहपुर, खेमराजपुर, छतौना माझा, फूलडीह, बाघानाला आदि गांव बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे।
दुबौलिया प्रतिनिधि के अनुसार, अति संवेदनशील तटबंध कटरिया चांदपुर व गौरा सैफाबाद पर पानी का दबाव तेज हो रहा है। तटबंध और नदी के बीच बसे करीब आधा दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। सुविखा बाबू, कुर्मियाना, टेढ़वा व विशुनदासपुर की अनुसूचित बस्ती मैरुंड हो गई है। अशोकपुर ग्राम पंचायत के कई मजरों में बाढ़ का पानी भर रहा है।
मवेशियों के चारा का संकट
बाढ़ ग्रसित गांवों में पशुपालकों को मवेशियों के लिए चारे के संकट का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को हर्रैया एसडीएम न्यायिक अतुल आनंद और तहसीलदार इंद्रमणि त्रिपाठी ने कटरिया चांदपुर तटबंध का निरीक्षण किया।
तहसीलदार ने बताया कि बाढ़ ग्रसित गांवों में छह नाव लगाई गई है। सीएचसी अधिक्षक सुशील कुमार ने बताया कि मंगलवार को सुविखाबाबू गांव में स्वास्थ्य टीम ने लोगों को दवाएं वितरित किया। एसडीएम ने बताया कि पीड़ितों की हर संभव मदद की जा रही है।
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केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार मंगलवार दोपहर दो बजे नदी का जलस्तर 93.26 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो कि खतरे के निशान 92.73 से 53 सेंटीमीटर ऊपर और उच्च बाढ़ स्तर 94.01 मीटर से 74 सेमी नीचे है। आयोग ने बताया कि जल्द ही जलस्तर कम होने का अनुमान है।
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विक्रमजोत प्रतिनिधि के अनुसार, कल्यानपुर, भरथापुर, पड़ाव व चांनपुर गांव मैरुंड हो गए हैं। जबकि कवलपुर, चानपुर, संदलपुर, छतौना, कन्हईपुर, नरसिंहपुर, खेमराजपुर, अइलिया जुग्गाराय, शंभूपुर सहित दर्जन भर गांवों में बाढ़ का पानी भरने लगा है। उक्त गांवों के मुख्य संपर्क मार्गों में तीन फिट से अधिक पानी भरने के कारण ग्रामीणों को आने जाने में असुविधा हो रही है।
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ग्रामीण गृहस्थी का सामान व मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुट गए हैं। हाइवे पर स्थित घघौवा पुल के नीचे से बाढ़ का पानी परशुरामपुर ब्लॉक क्षेत्र के मांचा, रिधौरा, हैदराबाद आदि गांवों में पहुंचने लगा है।
कल्यानपुर व भरथापुर निवासी लाल बहादुर, रामचरन, फागू, रामअशीष आदि ने बताया कि घरों में बाढ़ का पानी भर गया है। यदि जलस्तर और बढ़ा तो लकड़ी, पकड़ी, संग्रामपुर, संदलपुर, अइलिया जुग्गाराम, कन्हईपुर, नरसिंहपुर, खेमराजपुर, छतौना माझा, फूलडीह, बाघानाला आदि गांव बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे।
दुबौलिया प्रतिनिधि के अनुसार, अति संवेदनशील तटबंध कटरिया चांदपुर व गौरा सैफाबाद पर पानी का दबाव तेज हो रहा है। तटबंध और नदी के बीच बसे करीब आधा दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। सुविखा बाबू, कुर्मियाना, टेढ़वा व विशुनदासपुर की अनुसूचित बस्ती मैरुंड हो गई है। अशोकपुर ग्राम पंचायत के कई मजरों में बाढ़ का पानी भर रहा है।
मवेशियों के चारा का संकट
बाढ़ ग्रसित गांवों में पशुपालकों को मवेशियों के लिए चारे के संकट का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को हर्रैया एसडीएम न्यायिक अतुल आनंद और तहसीलदार इंद्रमणि त्रिपाठी ने कटरिया चांदपुर तटबंध का निरीक्षण किया।
तहसीलदार ने बताया कि बाढ़ ग्रसित गांवों में छह नाव लगाई गई है। सीएचसी अधिक्षक सुशील कुमार ने बताया कि मंगलवार को सुविखाबाबू गांव में स्वास्थ्य टीम ने लोगों को दवाएं वितरित किया। एसडीएम ने बताया कि पीड़ितों की हर संभव मदद की जा रही है।