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Basti News: लाल निशान से 31 सेंटीमीटर ऊपर सरयू, तटवर्ती गांवों में मचा हड़कंप
Fri, 08 Aug 2025 01:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 08 Aug 2025 01:20 AM IST
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बस्ती। सरयू नदी के जलस्तर में बढ़त जारी है। बृहस्पतिवार को नदी लाल निशान से 31 सेंटीमीटर ऊपर चले जाने से तटवर्ती गांवों में हड़कंप मच गया। तटवर्ती गांवों के लोग घर-बार छोड़कर पलायन करने लगे। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार नदी का जलस्तर शाम पांच बजे 93.04 मीटर पर रिकाॅर्ड किया गया है।
यह लाल निशान 92.73 से 31 सेंटीमीटर ऊपर है। वहीं हाई फ्लड लेबल 94.01 से करीब एक मीटर नदी नीचे रह गई है। हालांकि अपस्ट्रीम में नदी के ठहरने के संकेत मिलने लगे हैं।
नदी का जलस्तर बढ़ने से विक्रमजोत, दुबौलिया और कुदरहा क्षेत्र के 20 से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं। लगभग एक दर्जन गांवों को नदी अपनी आगोश लेने के लिए आतुर दिख रही है। वहीं, नदी में बैराज का भी पानी छोड़ा जाने लगा है। बृहस्पतिवार को गिरिजा, शारदा और सरयू बैराज से तीन लाख बयालीस हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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पानी में डूब गई कल्याण-भरथापुर जाने वाली सड़क : विक्रमजोत। विकास क्षेत्र में सरयू नदी के उफान पर होने पर कई गांवों के लिए खतरा बढ़ गया है। बाढ़ग्रस्त गांव कल्याणपुर भरथापुर की मुख्य सीसी सड़क पानी में डूब गई है। लोग घुटने भर पानी में आ- जा रहे हैं। तटबंधो पर बने रेनकट भरवाने का कार्य बाढ़ खंड ने अभी तक शुरू नहीं कराया है।
कल्याणपुर, भरथापुर गांव के चारों ओर बाढ़ का पानी आ चुका है। ग्रामीणों ने बताया कि यदि दो दिन नदी और बढ़ती रही तो गांव में पानी घुस जाएगा।
बीडी तटबंध से सटे काशीपुर गांव में तेज बहाव व कटान के चलते कृषि योग्य लगभग बीस बीघा जमीन धारा में समाहित हो गई है। भयभीत ग्रामीण कटान का वीडियो बनाकर वायरल करते हुए मदद की गुहार लगा रहे हैं। क्षेत्र के समाजसेवी चंद्रमणि पांडेय सुदामा ने विभागीय अधिकारियों से गांव के कृषि योग्य भूमि की सुरक्षा मांग किया है। बाढ़ खण्ड के अधिशाषी अभियंता दिनेश कुमार ने बताया कि तटबंधों सहित उससे जुड़ी सड़क व गांव के कटान को रोकने के लिए बाढ़रोधी कार्य शुरू करा दिए गए हैं।
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यह लाल निशान 92.73 से 31 सेंटीमीटर ऊपर है। वहीं हाई फ्लड लेबल 94.01 से करीब एक मीटर नदी नीचे रह गई है। हालांकि अपस्ट्रीम में नदी के ठहरने के संकेत मिलने लगे हैं।
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नदी का जलस्तर बढ़ने से विक्रमजोत, दुबौलिया और कुदरहा क्षेत्र के 20 से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं। लगभग एक दर्जन गांवों को नदी अपनी आगोश लेने के लिए आतुर दिख रही है। वहीं, नदी में बैराज का भी पानी छोड़ा जाने लगा है। बृहस्पतिवार को गिरिजा, शारदा और सरयू बैराज से तीन लाख बयालीस हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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पानी में डूब गई कल्याण-भरथापुर जाने वाली सड़क : विक्रमजोत। विकास क्षेत्र में सरयू नदी के उफान पर होने पर कई गांवों के लिए खतरा बढ़ गया है। बाढ़ग्रस्त गांव कल्याणपुर भरथापुर की मुख्य सीसी सड़क पानी में डूब गई है। लोग घुटने भर पानी में आ- जा रहे हैं। तटबंधो पर बने रेनकट भरवाने का कार्य बाढ़ खंड ने अभी तक शुरू नहीं कराया है।
कल्याणपुर, भरथापुर गांव के चारों ओर बाढ़ का पानी आ चुका है। ग्रामीणों ने बताया कि यदि दो दिन नदी और बढ़ती रही तो गांव में पानी घुस जाएगा।
बीडी तटबंध से सटे काशीपुर गांव में तेज बहाव व कटान के चलते कृषि योग्य लगभग बीस बीघा जमीन धारा में समाहित हो गई है। भयभीत ग्रामीण कटान का वीडियो बनाकर वायरल करते हुए मदद की गुहार लगा रहे हैं। क्षेत्र के समाजसेवी चंद्रमणि पांडेय सुदामा ने विभागीय अधिकारियों से गांव के कृषि योग्य भूमि की सुरक्षा मांग किया है। बाढ़ खण्ड के अधिशाषी अभियंता दिनेश कुमार ने बताया कि तटबंधों सहित उससे जुड़ी सड़क व गांव के कटान को रोकने के लिए बाढ़रोधी कार्य शुरू करा दिए गए हैं।