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Basti News: तेजी से घट रही सरयू... बाढ़ पीड़ितों की परेशानी बरकरार
Fri, 20 Sep 2024 02:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 20 Sep 2024 02:56 AM IST
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अब लाल निशान से सिर्फ सात सेंटीमीटर ऊपर बह रही नदी, बड़कपुरवा में काली जी का स्थान कटान बह गया
बाढ़ प्रभावित गांवों में समस्या से उबर नहीं पा रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
दुबौलिया। सरयू नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है। नदी नीचे उतर रही है। बृहस्पतिवार को जलस्तर लाल निशान से सिर्फ सात सेंटीमीटर ऊपर है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार, जलस्तर 92.800 मीटर पर रिकाॅर्ड किया। जबकि खतरे का निशान 92.730 मीटर पर है। कुदरहा के बाढ़ प्राभावित गांव माईपुर बड़कपुरवा में काली जी का स्थान सरयू नदी के कटान बह गया।
बाढ़ प्रभावित गांवों से पानी खिसकने लगा है। मगर, ग्रामीणों की दुश्वारियां फिलहाल कम होती नहीं दिख रहीं हैं। सुबिका बाबू, विशुनदासपुर अनुसूचित बस्ती, टेढ़वा, दो धारा के बीच बसा देवारा गंगबरार का एक पुरवा व कुर्मियाना गांव से तेजी के साथ बाढ़ का पानी खिसक रहा है। विशुनदासपुर अनुसूचित बस्ती के लोग तटबंध से गांव लौट गए हैं। सुबिका बाबू गांव के लोगों की दैनिक दिनचर्या मोटर बोट पर निर्भर है। माझा देवारा गंगबरार के दूसरे सोती में कटान हो रही है। जलस्तर घटने के बाद संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा बढ़ गया है।
विक्रमजोत संवाद के अनुसार, क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों में पानी खिसकने लगा है। मगर, बाढ़ के साथ आई सिल्ट मुख्य मार्गों से लेकर विद्यालय परिसर तक भरा हुआ है। जमीनें भी दलदल हो गई हैं। कीचड़ के बीच घास, खरपतवार सड़ने से दुर्गंध उठ रही है। संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। बाढ़ प्रभावितन गांवों संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोई पहल नहीं हुई है। पशुओं के टीकाकरण और दवाओं के छिड़कांव भी नहीं कराए जा रहे हैं।
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कल्यानपुर के ग्राम प्रधान जैसराज ने बताया कि एएनएम और आशा कार्यकर्ता के अलावा स्वास्थ्य टीम अभी गांव तक नहीं पहुंची है। पशु पालन विभाग की टीम इस बार भी आई थी। दुधारू पालतू पशुओं को मुंहपका, खुरपका का टीका नहीं लगाया गया। किसान पशु चारे के संकट से जूझ रहे हैं। बाढ़ पीड़ितों में भूसा आदि वितरण भी नहीं हुआ। कोटेदार हेमंत पांडेय ने बताया कि बाढ़ के चलते मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग से मांग की गई है कि कल्यानपुर, संदलपुर, भरथापुर में मच्छररोधी दवा का छिड़काव और मच्छरदानी का वितरण कराया जाए।
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बाढ़ प्रभावित गांवों में समस्या से उबर नहीं पा रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
दुबौलिया। सरयू नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है। नदी नीचे उतर रही है। बृहस्पतिवार को जलस्तर लाल निशान से सिर्फ सात सेंटीमीटर ऊपर है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार, जलस्तर 92.800 मीटर पर रिकाॅर्ड किया। जबकि खतरे का निशान 92.730 मीटर पर है। कुदरहा के बाढ़ प्राभावित गांव माईपुर बड़कपुरवा में काली जी का स्थान सरयू नदी के कटान बह गया।
बाढ़ प्रभावित गांवों से पानी खिसकने लगा है। मगर, ग्रामीणों की दुश्वारियां फिलहाल कम होती नहीं दिख रहीं हैं। सुबिका बाबू, विशुनदासपुर अनुसूचित बस्ती, टेढ़वा, दो धारा के बीच बसा देवारा गंगबरार का एक पुरवा व कुर्मियाना गांव से तेजी के साथ बाढ़ का पानी खिसक रहा है। विशुनदासपुर अनुसूचित बस्ती के लोग तटबंध से गांव लौट गए हैं। सुबिका बाबू गांव के लोगों की दैनिक दिनचर्या मोटर बोट पर निर्भर है। माझा देवारा गंगबरार के दूसरे सोती में कटान हो रही है। जलस्तर घटने के बाद संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा बढ़ गया है।
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विक्रमजोत संवाद के अनुसार, क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों में पानी खिसकने लगा है। मगर, बाढ़ के साथ आई सिल्ट मुख्य मार्गों से लेकर विद्यालय परिसर तक भरा हुआ है। जमीनें भी दलदल हो गई हैं। कीचड़ के बीच घास, खरपतवार सड़ने से दुर्गंध उठ रही है। संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। बाढ़ प्रभावितन गांवों संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोई पहल नहीं हुई है। पशुओं के टीकाकरण और दवाओं के छिड़कांव भी नहीं कराए जा रहे हैं।
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कल्यानपुर के ग्राम प्रधान जैसराज ने बताया कि एएनएम और आशा कार्यकर्ता के अलावा स्वास्थ्य टीम अभी गांव तक नहीं पहुंची है। पशु पालन विभाग की टीम इस बार भी आई थी। दुधारू पालतू पशुओं को मुंहपका, खुरपका का टीका नहीं लगाया गया। किसान पशु चारे के संकट से जूझ रहे हैं। बाढ़ पीड़ितों में भूसा आदि वितरण भी नहीं हुआ। कोटेदार हेमंत पांडेय ने बताया कि बाढ़ के चलते मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग से मांग की गई है कि कल्यानपुर, संदलपुर, भरथापुर में मच्छररोधी दवा का छिड़काव और मच्छरदानी का वितरण कराया जाए।