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विक्रमजोत क्षेत्र में तेजी से कटान कर रही सरयू नदी
basti
Updated Sat, 01 Sep 2018 12:21 AM IST
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विक्रमजोत में काट रही नदी।
- फोटो : amar ujala
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विक्रमजोत। बाढ़ के पानी नम हो चुकी भूमि को सरयू की तेज धारा लगातार काट रही है। नदी के रौद्ररूप से तटवर्ती लोगों में दहशत है। शुक्रवार को हाईवे से भरथापुर को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग करीब 20 मीटर नदी में समा गया।
बाढ़ प्रभावित गांवों में सरयू का कहर जारी है। नदी के घटते और बढ़ते जलस्तर से लोगों में दहशत है। जलस्तर बढ़ने पर बाढ़ का पानी घरों में घुस जाता है जबकि घटने पर कृषि योग्य जमीन कटकर नदी में समा जाती है। अपस्ट्रीम में नदी के जलस्तर में वृद्धि के चलते केंद्रीय जल आयोग के अयोध्या कार्यालय के मुताबिक शुक्रवार रात से जलस्तर में वृद्धि होने की आशंका है। ब्लॉक क्षेत्र के तटबंधविहीन गांव केशवपुर, रानीपुर कठवनिया, बाघानाला, भरथा पुर, कल्याणपुर, पड़ाव, चानपुर व सहजौरा पाठक आदि गांवों में नदी का कटान लगातार जारी है। बाघानाला व पड़ाव में हुई कटान में लगभग एक एकड़ कृषि योग्य भूमि नदी की धारा में विलीन हो गई। सहजौरा पाठक में नदी आबादी की भूमि को धारा में मिला रही है। प्राथमिक विद्यालय भवन सीताराम पुर पर कटान के चलते संकट छाया हुआ है। ग्रामीणों की मानें तो नदी कई मीटर नीचे से कटान कर रही है, जिसके चलते थोड़ी ही देर की कटान में बड़ा भाग धारा में मिल जाता है। विद्यालय भवन से नदी के धारा की दूरी मात्र दो मीटर है, जहां नदी की गहराई लगभग 20 मीटर है।
कलवारी-रामपुर तटबंध पर कटान
कुदरहा। मटियरिया गांव के पास शुक्रवार को सरयू नदी ने 40 मीटर की लंबाई में कलवारी-रामपुर तटबंध को करीब एक मीटर काट दिया। नदी के तेवर से अगल-बगल गांवों के लोग दहशत में आ गए।
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एसडीएम सदर श्रीप्रकाश शुक्ल सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे और कटान का हाल जाना। उन्होंने मरम्मत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। मटियरिया गांव के पास नदी कलवारी-रामपुर तटबंध से सीधे टकरा रही है। नदी की धारा मोड़ने के लिए बनाया गया पुराना ठोकर एक नंबर को सरयू ने पहले ही काटकर अपना रास्ता साफ कर दिया है। तटबंध पर कटान बृहस्पतिवार से ही शुरू हो चुका था। कटान में बीस मीटर लंबाई में बंधे का दक्षिणी हिस्सा एक मीटर नदी में समा गया। स्लोप पर डाले गए लोहे के साथ ही पत्थर भी बह गया। विभाग ने ताबड़तोड़ पत्थर एवं ईंट के टुकड़ों से भरी बोरियां डाल कर नुकसान की भरपाई करने का प्रयास शुरू कर दिया। थोड़ी देर बाद कटान रुकी और रात तक रुकी रही। शुक्रवार को एक बार फिर नदी ने उग्र रूप अख्तियार किया। आधे घंटे की कटान से 20 मीटर बंधे का दक्षिणी हिस्सा करीब एक मीटर बह गया। एसडीएम ने बताया कि बाढ़ खंड और राजस्व टीम मजबूती से बचाव कार्य में लगा हुआ है। बंधे का जो हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है, उसकी तेजी से मरम्मत की जा रही है। सब कुछ अनुकूल है।
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बाढ़ प्रभावित गांवों में सरयू का कहर जारी है। नदी के घटते और बढ़ते जलस्तर से लोगों में दहशत है। जलस्तर बढ़ने पर बाढ़ का पानी घरों में घुस जाता है जबकि घटने पर कृषि योग्य जमीन कटकर नदी में समा जाती है। अपस्ट्रीम में नदी के जलस्तर में वृद्धि के चलते केंद्रीय जल आयोग के अयोध्या कार्यालय के मुताबिक शुक्रवार रात से जलस्तर में वृद्धि होने की आशंका है। ब्लॉक क्षेत्र के तटबंधविहीन गांव केशवपुर, रानीपुर कठवनिया, बाघानाला, भरथा पुर, कल्याणपुर, पड़ाव, चानपुर व सहजौरा पाठक आदि गांवों में नदी का कटान लगातार जारी है। बाघानाला व पड़ाव में हुई कटान में लगभग एक एकड़ कृषि योग्य भूमि नदी की धारा में विलीन हो गई। सहजौरा पाठक में नदी आबादी की भूमि को धारा में मिला रही है। प्राथमिक विद्यालय भवन सीताराम पुर पर कटान के चलते संकट छाया हुआ है। ग्रामीणों की मानें तो नदी कई मीटर नीचे से कटान कर रही है, जिसके चलते थोड़ी ही देर की कटान में बड़ा भाग धारा में मिल जाता है। विद्यालय भवन से नदी के धारा की दूरी मात्र दो मीटर है, जहां नदी की गहराई लगभग 20 मीटर है।
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कलवारी-रामपुर तटबंध पर कटान
कुदरहा। मटियरिया गांव के पास शुक्रवार को सरयू नदी ने 40 मीटर की लंबाई में कलवारी-रामपुर तटबंध को करीब एक मीटर काट दिया। नदी के तेवर से अगल-बगल गांवों के लोग दहशत में आ गए।
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एसडीएम सदर श्रीप्रकाश शुक्ल सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे और कटान का हाल जाना। उन्होंने मरम्मत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। मटियरिया गांव के पास नदी कलवारी-रामपुर तटबंध से सीधे टकरा रही है। नदी की धारा मोड़ने के लिए बनाया गया पुराना ठोकर एक नंबर को सरयू ने पहले ही काटकर अपना रास्ता साफ कर दिया है। तटबंध पर कटान बृहस्पतिवार से ही शुरू हो चुका था। कटान में बीस मीटर लंबाई में बंधे का दक्षिणी हिस्सा एक मीटर नदी में समा गया। स्लोप पर डाले गए लोहे के साथ ही पत्थर भी बह गया। विभाग ने ताबड़तोड़ पत्थर एवं ईंट के टुकड़ों से भरी बोरियां डाल कर नुकसान की भरपाई करने का प्रयास शुरू कर दिया। थोड़ी देर बाद कटान रुकी और रात तक रुकी रही। शुक्रवार को एक बार फिर नदी ने उग्र रूप अख्तियार किया। आधे घंटे की कटान से 20 मीटर बंधे का दक्षिणी हिस्सा करीब एक मीटर बह गया। एसडीएम ने बताया कि बाढ़ खंड और राजस्व टीम मजबूती से बचाव कार्य में लगा हुआ है। बंधे का जो हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है, उसकी तेजी से मरम्मत की जा रही है। सब कुछ अनुकूल है।