{"_id":"65de32491067230acc0d7666","slug":"saras-haat-is-being-encroached-upon-used-for-storing-straw-and-tying-animals-basti-news-c-207-1-sgkp1004-112104-2024-02-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: सरस हाट पर अतिक्रमण, भूसा रखने व पशु बांधने के काम आ रहा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: सरस हाट पर अतिक्रमण, भूसा रखने व पशु बांधने के काम आ रहा
Wed, 28 Feb 2024 12:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Wed, 28 Feb 2024 12:34 AM IST
विज्ञापन
- 2009 में समाज कल्याण निर्माण निगम ने कराया था निर्माण
रेहड़ी की दुकानें लगाने के लिए बनाया गया था
संवाद न्यूज एजेंसी
बनकटी। क्षेत्र के देईसाड़ गांव में में 2009 में सरस हाट का निर्माण कराया गया था। उपयोग न होने के चलते अब यह बदहाल हो चुका है। स्थानीय लोग अब इसमें भूसा रखने व पशु बांध रहे हैं। हाट की दीवारें भी टूटने लगी है। इसके बाद भी जिम्मेदार बेपरवाह हैं। उल्लेखनीय है कि सरस हाट का निर्माण समाज कल्याण निर्माण निगम ने कराया था। इसे 20 लाख रुपये की लागत से तैयार कराया गया था।
जब इसका निर्माण शुरू हुआ तब तय हुआ था चौराहे पर लगने वाली रेहड़ी की दुकानें इसमें शिफ्ट की जाएंगी। निर्माण शुरू हुआ और देखते ही देखते बाउंड्री वाल, दर्जनभर दुकानें आदि तैयार कराई गईं। लेकिन इनका आवंटन रेहड़ी व्यवसायियों को नहीं किया। निर्माण के करीब 15 साल बाद अब यह बदहाल हो गया है। दीवार के प्लास्टर उखड़ रहे हैं। शटर में जंग लगने से वह सड़ चुके हैं।
स्थानीय निवासी इसका उपयोग पशु बांधने, भूसा व जलाने की लकड़िया रखने के लिए कर रहे हैं। क्षेत्र के बाबू राम चौधरी, पन्ने लाल यादव, राजेश चौधरी, दिलीप कुमार आदि ने बताया कि निर्माण के बाद यह कभी उपयोग में नहीं आया। कभी कोई अधिकारी निरीक्षण करने भी नहीं आया।
विज्ञापन
इस संबंध में बीडीओ भवानी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि वह क्षेत्र पहले ब्लॉक के अधीन आता था लेकिन अब नगर पंचायत के अधीन हो गया है। ऐसे में सरस हाट के जीर्णोद्धार के लिए ब्लॉक से कुछ नहीं किया जा सकता है।
विज्ञापन
रेहड़ी की दुकानें लगाने के लिए बनाया गया था
संवाद न्यूज एजेंसी
बनकटी। क्षेत्र के देईसाड़ गांव में में 2009 में सरस हाट का निर्माण कराया गया था। उपयोग न होने के चलते अब यह बदहाल हो चुका है। स्थानीय लोग अब इसमें भूसा रखने व पशु बांध रहे हैं। हाट की दीवारें भी टूटने लगी है। इसके बाद भी जिम्मेदार बेपरवाह हैं। उल्लेखनीय है कि सरस हाट का निर्माण समाज कल्याण निर्माण निगम ने कराया था। इसे 20 लाख रुपये की लागत से तैयार कराया गया था।
जब इसका निर्माण शुरू हुआ तब तय हुआ था चौराहे पर लगने वाली रेहड़ी की दुकानें इसमें शिफ्ट की जाएंगी। निर्माण शुरू हुआ और देखते ही देखते बाउंड्री वाल, दर्जनभर दुकानें आदि तैयार कराई गईं। लेकिन इनका आवंटन रेहड़ी व्यवसायियों को नहीं किया। निर्माण के करीब 15 साल बाद अब यह बदहाल हो गया है। दीवार के प्लास्टर उखड़ रहे हैं। शटर में जंग लगने से वह सड़ चुके हैं।
विज्ञापन
स्थानीय निवासी इसका उपयोग पशु बांधने, भूसा व जलाने की लकड़िया रखने के लिए कर रहे हैं। क्षेत्र के बाबू राम चौधरी, पन्ने लाल यादव, राजेश चौधरी, दिलीप कुमार आदि ने बताया कि निर्माण के बाद यह कभी उपयोग में नहीं आया। कभी कोई अधिकारी निरीक्षण करने भी नहीं आया।
विज्ञापन
इस संबंध में बीडीओ भवानी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि वह क्षेत्र पहले ब्लॉक के अधीन आता था लेकिन अब नगर पंचायत के अधीन हो गया है। ऐसे में सरस हाट के जीर्णोद्धार के लिए ब्लॉक से कुछ नहीं किया जा सकता है।