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आशा और संगिनी की भूमिका महत्वपूर्ण : हरीश
Sun, 10 Mar 2024 01:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 10 Mar 2024 01:35 AM IST
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आल इंडिया आशा अधिकार मंच का सम्मेलन आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती । आल इंडिया आशा अधिकार मंच की ओर से शनिवार अमहट घाट स्थित शिव मंदिर के पास आशा एवं संगिनी सम्मेलन का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि सांसद हरीश द्विवेदी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में आशा और संगिनी की भूमिका महत्वपूर्ण है। उनकी समस्याओं का प्रमुखता से समाधान कराया जाएगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष सन्तोष पांडेय ने 7 सूत्री मांग पत्र सांसद को सौंपा।
ज्ञापन में प्रोत्साहन राशि के स्थान पर निश्चित मानदेय दिये जाने, आशा को न्यूनतम 18 हजार और संगिनी को 24 हजार रुपये दिए जाने, 50 लाख का बीमा दिए जाने, अतिरिक्त या अन्य विभागों का कार्य न दिये जाने, राज्य कर्मचारी का दर्जा दिये जाने, मृतक आश्रित, आशा व संगिनी के परिवार को अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति दिये जाने की मांग की गई है। सांसद हरीश द्विवेदी ने कहा कि सभी मांगे न्यायोचित है। उनका प्रयास होगा कि इस दिशा में प्रभावी कार्यवाही कराया जाय।
सम्मेलन में भाजपा के वरिष्ठ नेता जगदीश प्रसाद शुक्ल ने कहा कि आशा और संगिनी की भूमिका महत्वपूर्ण है। सरकार और शासन स्तर पर इनकी मांगे विचारणीय है। निश्चित रूप से संवेदनशील सरकार उनकी मांगों पर न्यायोचित पहल करेगी। सम्मेलन को नगर पालिका परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि अंकुर वर्मा, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि राना दिनेश प्रताप सिंह ने अपने विचार व्यक्त किये।
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सीएमओ डाॅ. आर.एस. दूबे ने आशा और संगिनी की भूमिका और शासन स्तर पर दी जा रही सुविधाओं, कार्यों की जानकारी दी। इस मौके पर आल इण्डिया आशा अधिकार मंच की राष्ट्रीय सचिव शैलेंद्र श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष नीलम चौधरी, ममता पाण्डेय, इशरावती चौधरी, कैशरजहां, रेखा आदि मौजूद रहीं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती । आल इंडिया आशा अधिकार मंच की ओर से शनिवार अमहट घाट स्थित शिव मंदिर के पास आशा एवं संगिनी सम्मेलन का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि सांसद हरीश द्विवेदी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में आशा और संगिनी की भूमिका महत्वपूर्ण है। उनकी समस्याओं का प्रमुखता से समाधान कराया जाएगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष सन्तोष पांडेय ने 7 सूत्री मांग पत्र सांसद को सौंपा।
ज्ञापन में प्रोत्साहन राशि के स्थान पर निश्चित मानदेय दिये जाने, आशा को न्यूनतम 18 हजार और संगिनी को 24 हजार रुपये दिए जाने, 50 लाख का बीमा दिए जाने, अतिरिक्त या अन्य विभागों का कार्य न दिये जाने, राज्य कर्मचारी का दर्जा दिये जाने, मृतक आश्रित, आशा व संगिनी के परिवार को अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति दिये जाने की मांग की गई है। सांसद हरीश द्विवेदी ने कहा कि सभी मांगे न्यायोचित है। उनका प्रयास होगा कि इस दिशा में प्रभावी कार्यवाही कराया जाय।
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सम्मेलन में भाजपा के वरिष्ठ नेता जगदीश प्रसाद शुक्ल ने कहा कि आशा और संगिनी की भूमिका महत्वपूर्ण है। सरकार और शासन स्तर पर इनकी मांगे विचारणीय है। निश्चित रूप से संवेदनशील सरकार उनकी मांगों पर न्यायोचित पहल करेगी। सम्मेलन को नगर पालिका परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि अंकुर वर्मा, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि राना दिनेश प्रताप सिंह ने अपने विचार व्यक्त किये।
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सीएमओ डाॅ. आर.एस. दूबे ने आशा और संगिनी की भूमिका और शासन स्तर पर दी जा रही सुविधाओं, कार्यों की जानकारी दी। इस मौके पर आल इण्डिया आशा अधिकार मंच की राष्ट्रीय सचिव शैलेंद्र श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष नीलम चौधरी, ममता पाण्डेय, इशरावती चौधरी, कैशरजहां, रेखा आदि मौजूद रहीं।