{"_id":"590e142c4f1c1b9952440f1c","slug":"rishiyavan-s-life-which-came-out-from-a-strong-sun","type":"story","status":"publish","title_hn":"तेज धूप से निकली रसियावन की जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तेज धूप से निकली रसियावन की जान
बस्ती/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 06 May 2017 11:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मायके गई पत्नी को विदा कराने गए शख्स की लौटते समय रास्ते में मौत हो गई। जबकि पत्नी को धूप न लगे इस कारण टेंपो से भेज दिया था। रास्ते में आराम करने के दौरान मौत हो गई।
जोगिया गांव के 55 वर्षीय रसियावन की ससुराल सोनहा क्षेत्र के परसा शिवराज में है। परिजनों के मुताबिक छह दिन पहले पत्नी मायके गई थी। विदा कराने के लिए शुक्रवार को साइकिल से निकले थे। वहां से पत्नी पत्नी साथ साथ चले। भानपुर पहुंचने पर धूप तेज हो गई थी। पत्नी की तबीयत न बिगड़ जाए इसलिए वहीं से घर के लिए टेंपो पर बैठाकर खुद साइकिल से चल दिए। सोनहा क्षेत्र के महनुआ पहुंचने पर रसियावन ने धूप और थकावट के कारण एक दुकान पर बैठ गए। मुंह पर रुमाल डालकर सोने लगे। देर शाम तक नहीं उठे तो लोग उन्हें जगाने का प्रयास करने लगे। शरीर में कोई हलचल न देखकर इसकी सूचना पुलिस को दे दी। रसियावन की मौत हो चुकी थी। तलाशी में मिले नंबर के आधार पर पुलिस ने घर वालों को सूचना दी।
शव को देखकर चीख चित्कार शुरू हो गई। छह संतानों में तीन बेटियां हैं इसमें कलावती की शादी कर चुके थे जबकि शिमला और विमलावती की शादी खोज रहे थे। तीन बेटे गोपाल, रंपत और संपत हैं। पत्नी श्यामकली बेसुध तो भाई घिसियावन बेहोश हो गए जिन्हें स्थानीय चिकित्सक के यहां इलाज कराया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
जोगिया गांव के 55 वर्षीय रसियावन की ससुराल सोनहा क्षेत्र के परसा शिवराज में है। परिजनों के मुताबिक छह दिन पहले पत्नी मायके गई थी। विदा कराने के लिए शुक्रवार को साइकिल से निकले थे। वहां से पत्नी पत्नी साथ साथ चले। भानपुर पहुंचने पर धूप तेज हो गई थी। पत्नी की तबीयत न बिगड़ जाए इसलिए वहीं से घर के लिए टेंपो पर बैठाकर खुद साइकिल से चल दिए। सोनहा क्षेत्र के महनुआ पहुंचने पर रसियावन ने धूप और थकावट के कारण एक दुकान पर बैठ गए। मुंह पर रुमाल डालकर सोने लगे। देर शाम तक नहीं उठे तो लोग उन्हें जगाने का प्रयास करने लगे। शरीर में कोई हलचल न देखकर इसकी सूचना पुलिस को दे दी। रसियावन की मौत हो चुकी थी। तलाशी में मिले नंबर के आधार पर पुलिस ने घर वालों को सूचना दी।
विज्ञापन
शव को देखकर चीख चित्कार शुरू हो गई। छह संतानों में तीन बेटियां हैं इसमें कलावती की शादी कर चुके थे जबकि शिमला और विमलावती की शादी खोज रहे थे। तीन बेटे गोपाल, रंपत और संपत हैं। पत्नी श्यामकली बेसुध तो भाई घिसियावन बेहोश हो गए जिन्हें स्थानीय चिकित्सक के यहां इलाज कराया गया।
विज्ञापन