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Basti News: बारिश और उमस से बढ़े दाद, खुजली और संक्रमण के मरीज
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जिला अस्पताल की ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़-संवाद
बस्ती। बारिश और उमस भरे मौसम का असर लोगों की त्वचा पर भी दिखाई देने लगा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों दाद, खाज, खुजली, बैक्टीरियल संक्रमण, लाल चकत्ते और ददोरे की शिकायत लेकर मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि नमी, पसीना, धूल-मिट्टी और गंदगी के कारण त्वचा संबंधी रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एसडी ओझा ने बताया कि उमस और बारिश के कारण त्वचा रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
सबसे अधिक मरीज घमौरियां, दाद, खाज, खुजली, चेहरे पर दाने और लाल चकत्तों की समस्या लेकर आ रहे हैं। इसके अलावा कुष्ठ रोग, सोरायसिस और एक्जिमा से पीड़ित मरीज भी उपचार के लिए ओपीडी पहुंच रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को घमोरी के 10, दाद, खाज और खुजली के 30, लाल चकत्तों के 25 तथा ददोरे के 30 मरीजों का उपचार किया गया। बच्चों में भी बारिश के बाद त्वचा पर फुंसियां और बैक्टीरियल संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं।
अधिक पसीना, त्वचा पर लंबे समय तक नमी बने रहना, धूल-मिट्टी और प्रदूषण त्वचा रोगों के प्रमुख कारण हैं।
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चिकित्सकों का कहना है कि नमी, पसीना, धूल-मिट्टी और गंदगी के कारण त्वचा संबंधी रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एसडी ओझा ने बताया कि उमस और बारिश के कारण त्वचा रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
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सबसे अधिक मरीज घमौरियां, दाद, खाज, खुजली, चेहरे पर दाने और लाल चकत्तों की समस्या लेकर आ रहे हैं। इसके अलावा कुष्ठ रोग, सोरायसिस और एक्जिमा से पीड़ित मरीज भी उपचार के लिए ओपीडी पहुंच रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को घमोरी के 10, दाद, खाज और खुजली के 30, लाल चकत्तों के 25 तथा ददोरे के 30 मरीजों का उपचार किया गया। बच्चों में भी बारिश के बाद त्वचा पर फुंसियां और बैक्टीरियल संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं।
अधिक पसीना, त्वचा पर लंबे समय तक नमी बने रहना, धूल-मिट्टी और प्रदूषण त्वचा रोगों के प्रमुख कारण हैं।