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Basti News: राम का हुआ राज्याभिषेक, स्थापित हुआ रामराज्य
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नियामतपुर में राम के राज्याभिषेक के बाद सजा राम दरबार। संवाद
- नियामतपुर व रानीपुर बस्थनवां में नौ दिन तक चली रामलीला
संवाद न्यूज़ एजेंसी
विक्रमजोत। विकास क्षेत्र के नियामतपुर व रानीपुर बस्थनवां में चल रही रामलीला के नौवें दिन कुंभकर्ण, मेघनाद, अहिरावण, रावण वध, सीता की अग्नि परीक्षा, अयोध्या वापसी व राम के राज्याभिषेक का मंचन कलाकारों द्वारा किया गया। शुक्रवार को मंचन के अंतिम दिन भगवान राम व रावण के बीच निर्णायक युध्द में राक्षस राज रावण का वध होता है।
रावण की मृत्यु पर देवता नर वानर जय जयकार करते हैं और पुष्प वर्षा होती है। इसके बाद रावण का अंतिम संस्कार व विभीषण को लंका का राजा बनाया जाता है। माता सीता को अग्नि परीक्षा देनी पड़ती है। अग्नि परीक्षा के उपरांत माता सीता भगवान राम के पास आती हैं। इसके साथ ही भगवान राम, सीता व लक्ष्मण चौदह वर्ष के वनवास की अवधि पूरी कर हनुमान, जामवंत, सुग्रीव, विभीषण, नल, नील, अंगद के साथ पुष्पक विमान से अयोध्या पहुंचते हैं। जहां राम के राज्याभिषेक व रामराज्य की स्थापना होने के बाद रामलीला का समापन होता है।
बस्थनवां में चल रही रामलीला में सतीश यादव ने राम, राजन तिवारी लक्ष्मण, राम सुधी गुप्ता हनुमान राजपूत गुप्ता ने रावण, वहीं नियामतपुर में राजेश पाल ने हनुमान की जीवंत भूमिका निभाई। नियामतपुर की रामलीला समापन के दौरान आयोजन समिति के प्रबंधक डाॅ. राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी ने कहा कि रामलीला का मंचन महज मनोरंजन का साधन नहीं है। रामलीला भगवान राम के आदर्शों, रामायण के पात्रों के त्याग, बलिदान, कर्तव्य परायणता का प्रचार प्रसार का माध्यम है, जिसको आत्मसात करना हम सभी का कर्तव्य है।
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रानीपुर बस्थनवां में आयोजन समिति के महेश चौहान, बलराम चौहान, श्याम सुन्दर, अरविंद कुमार, सरजू प्रसाद सहित लोग मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज़ एजेंसी
विक्रमजोत। विकास क्षेत्र के नियामतपुर व रानीपुर बस्थनवां में चल रही रामलीला के नौवें दिन कुंभकर्ण, मेघनाद, अहिरावण, रावण वध, सीता की अग्नि परीक्षा, अयोध्या वापसी व राम के राज्याभिषेक का मंचन कलाकारों द्वारा किया गया। शुक्रवार को मंचन के अंतिम दिन भगवान राम व रावण के बीच निर्णायक युध्द में राक्षस राज रावण का वध होता है।
रावण की मृत्यु पर देवता नर वानर जय जयकार करते हैं और पुष्प वर्षा होती है। इसके बाद रावण का अंतिम संस्कार व विभीषण को लंका का राजा बनाया जाता है। माता सीता को अग्नि परीक्षा देनी पड़ती है। अग्नि परीक्षा के उपरांत माता सीता भगवान राम के पास आती हैं। इसके साथ ही भगवान राम, सीता व लक्ष्मण चौदह वर्ष के वनवास की अवधि पूरी कर हनुमान, जामवंत, सुग्रीव, विभीषण, नल, नील, अंगद के साथ पुष्पक विमान से अयोध्या पहुंचते हैं। जहां राम के राज्याभिषेक व रामराज्य की स्थापना होने के बाद रामलीला का समापन होता है।
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बस्थनवां में चल रही रामलीला में सतीश यादव ने राम, राजन तिवारी लक्ष्मण, राम सुधी गुप्ता हनुमान राजपूत गुप्ता ने रावण, वहीं नियामतपुर में राजेश पाल ने हनुमान की जीवंत भूमिका निभाई। नियामतपुर की रामलीला समापन के दौरान आयोजन समिति के प्रबंधक डाॅ. राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी ने कहा कि रामलीला का मंचन महज मनोरंजन का साधन नहीं है। रामलीला भगवान राम के आदर्शों, रामायण के पात्रों के त्याग, बलिदान, कर्तव्य परायणता का प्रचार प्रसार का माध्यम है, जिसको आत्मसात करना हम सभी का कर्तव्य है।
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रानीपुर बस्थनवां में आयोजन समिति के महेश चौहान, बलराम चौहान, श्याम सुन्दर, अरविंद कुमार, सरजू प्रसाद सहित लोग मौजूद रहे।